MP Election 2023: आदिवासी क्षेत्रों में पार्टी परफॉर्मेंस से कमलनाथ नाखुश, VC कर नेताओं से कहा- सक्रिय रहें
मध्यप्रदेश के आदिवासी सीटों से सत्ता वापसी की तैयारी कर रही कांग्रेस जमीनी स्तर पर कमजोर नजर आ रही है इस पर पीसीसी चीफ कमलनाथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यकर्ताओं से नाराजगी भी जता चुके हैं। इन सीटों पर अपनी पेट बढ़ने के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पार्टी ने कई कार्यक्रम भी सौपें हैं।
मध्यप्रदेश के आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित सीटों पर कांग्रेस पार्टी नेताओं के परफॉर्मेंस से संतुष्ट नजर नहीं आ रही है। दरअसल पार्टी नेताओं के परफॉर्मेंस से प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ खुश नहीं है। उन्होंने कुछ दिन पहले इस संबंध में अचानक से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर अपनी नाराजगी जताई थी, इसके साथ ही उन्होंने कई कार्यक्रम इन नेताओं को दिए जो आदिवासियों के बीच में जाकर कांग्रेस को करना है।

कांग्रेस सूत्रों की मानी जाए तो कमलनाथ जिस एजेंसी से सर्वे कर रहे हैं, उसे एजेंसी की रिपोर्ट में यह पाया गया कि आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित सीटों वाले जिलों में पार्टी नेताओं में तालमेल की कमी बनी हुई है, जिसके चलते आने वाले समय में पार्टी को नुकसान उठाना पड़ सकता है कमलनाथ के पास यह रिपोर्ट पूछने के बाद वे तत्काल सक्रिय हुए और उन्होंने ऐसी सभी जिलों में तत्काल बातचीत कर बैठक बुलाने का निर्णय लिया।
लेकिन बाद में तय हुआ कि वह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कार इन जिलों और विधानसभा क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों और नेताओं से बातचीत करेंगे। बताया जा रहा है की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कमलनाथ ने बताया कि तालमेल का अभाव कहीं पर नहीं दिखना चाहिए। इन सीटों पर कांग्रेस नुकसान नहीं चाहती है। पार्टी एक-एक सीट पर मजबूती के साथ काम कर रही है, इसलिए इन सीटों पर भी मजबूती के साथ काम हो। इसके साथ उन्होंने कुछ कार्यक्रम भी आदिवासी सीटों पर पार्टी को दिए हैं, जिसे जिला संगठन और क्षेत्र के नेता मिलकर करेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इन सीटों पर और अधिक सक्रिय रहकर काम किया जाए।
2018 के विधानसभा चुनाव में भी आपसी तालमेल की कमी के कारण कांग्रेस पूर्ण बहुमत प्राप्त नहीं कर पाई थी वहीं 15 महीने की सरकार चलने के बाद तालमेल की कमी के चलते ही कांग्रेस का एक धड़ा टूट कर भाजपा में चला गया और कांग्रेस की कमलनाथ की सरकार गिर गई थी।












Click it and Unblock the Notifications