Kailash Vijayvargiya: 19 की उम्र में सियासत में Entry, छात्र से बने मंत्री! कितने करोड़ बटोरे-कितने केस?
Kailash Vijayvargiya Net Worth: इंदौर, जो देश का सबसे स्वच्छ शहर माना जाता है, इन दिनों दूषित पेयजल के संकट से जूझ रहा है। भागीरथपुरा इलाके में जहरीले पानी से अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 200 से ज्यादा लोग प्रभावित हैं और 111 अस्पताल में भर्ती हैं। इस मामले में मध्य प्रदेश के नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अधिकारियों की लापरवाही स्वीकार की है और दोषियों को सख्त सजा देने का वादा किया है। लेकिन उनका एक वायरल वीडियो, जहां उन्होंने पत्रकारों को 'घंटा' और 'फोकट' जैसे शब्दों से नवाजा, ने विवाद को और हवा दे दी है।
विपक्ष इस्तीफे की मांग कर रहा है। आइए, इस जानते हैं कि 19 साल की उम्र में राजनीति में एंट्री करने वाले विजयवर्गीय का सफर कैसा रहा, उनकी संपत्ति कितनी है, शिक्षा क्या है और क्रिमिनल रिकॉर्ड क्या कहता है...

Kailash Vijayvargiya Education: कितने पढ़े-लिखे हैं मंत्री कैलाश?
शिक्षा की बात करें तो वे स्नातक व्यावसायिक श्रेणी में आते हैं:
- सरकारी उच्च माध्यमिक विद्यालय, नंदा नगर, इंदौर से स्कूली पढ़ाई (1974)।
- पीएमबी गुजराती विज्ञान महाविद्यालय से विज्ञान स्नातक (1979)।
- देवी अहिल्या विश्वविद्यालय से जुड़े क्रिश्चियन कॉलेज से एलएलबी (2002)।
Kailash Vijayvargiya Political History: 19 साल की उम्र में एंट्री, छात्र से रणनीतिकार तक
विजयवर्गीय ने मात्र 19 साल की उम्र में 1975 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से राजनीति में कदम रखा। छात्र जीवन से शुरू हुआ यह सफर उन्हें मंत्री पद तक ले आया। 1979 में वे भाजपा के युवा मोर्चा (BJYM) में शामिल हुए। उनका करियर टाइमलाइन इस प्रकार है:
- 1983: इंदौर नगर निगम के पार्षद बने।
- 1985: नगर निगम की स्थायी समिति के सदस्य और ABVP के राज्य समन्वयक।
- 1992: BJYM के राज्य उपाध्यक्ष।
- 2000: इंदौर नगर निगम के पहले सीधे निर्वाचित महापौर। दक्षिण एशिया महापौर परिषद के अध्यक्ष बने और 2003 में डरबन के विश्व पृथ्वी शिखर सम्मेलन में भारतीय टीम का नेतृत्व किया।
- 2004: मध्य प्रदेश सरकार में धार्मिक ट्रस्ट, बंदोबस्ती और पुनर्वास मंत्री।
- 2005: शिवराज सिंह चौहान सरकार में लोक निर्माण, आईटी और विज्ञान-प्रौद्योगिकी मंत्री।
- 1990-2013: लगातार 6 बार विधानसभा चुनाव जीते (1990, 1993, 1998, 2003, 2008, 2013)।
- 2008: कैबिनेट मंत्री बने, लोक निर्माण, संसदीय कार्य और शहरी प्रशासन मंत्रालय संभाले।
- 2014: हरियाणा विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रभारी, पार्टी की सीटें 4 से बढ़कर 47 हुईं।
- 2015: भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और पश्चिम बंगाल प्रभारी।
- 2023: इंदौर-1 से चुनाव जीते, राष्ट्रीय महासचिव पद छोड़कर मध्य प्रदेश कैबिनेट में मंत्री बने (28 दिसंबर 2023)।
भाजपा में उन्हें चुनावी रणनीतिकार माना जाता है, लेकिन विवाद उनके सफर का हिस्सा रहे हैं।
Kailash Vijayvargiya Net Worth: संपत्ति का लेखा-जोखा- 14 करोड़ से ज्यादा की दौलत
2023 के माई नेता डेटा के अनुसार, विजयवर्गीय की कुल संपत्ति ₹14,61,76,952 (करीब 14 करोड़+) है। देनदारियां ₹43,27,468 (करीब 43 लाख+) हैं। यह आंकड़े चुनावी हलफनामे पर आधारित हैं, जो दर्शाते हैं कि राजनीतिक करियर के साथ उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।
Kailash Vijayvargiya Criminal Case: विवादों का लंबा सिलसिला
विजयवर्गीय पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, ज्यादातर पश्चिम बंगाल से जुड़े। यहां प्रमुख केसों की डिटेल टेबल में:
| क्रमांक | FIR संख्या | कोर्ट | लागू IPC धाराएं | आरोप तय? | अपील? |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | 162/2018, बालुरघाट | दक्षिण दिनाजपुर कोर्ट | 153A, 295A, 298, 509, 34 | नहीं | नहीं |
| 2 | 692/2018, कोतवाली पश्चिम बंगाल | पश्चिम मिदनापुर | 153, 505(1)(b), 500, 114, 34 | नहीं | नहीं |
| 3 | 132/2020, श्रीरामपुर पश्चिम बंगाल | हुगली जिला कोर्ट | 188, 465, 471, 500, 505(1)(b) | नहीं | नहीं |
| 4 | 12/2020, मालदा साइबर क्राइम पश्चिम बंगाल | मालदा जिला कोर्ट | 153A, 295A, 504, 505(i)(g) | नहीं | नहीं |
| 5 | 699/2020, रायगंज | उत्तर दिनाजपुर जिला कोर्ट | 143, 188 | नहीं | नहीं |
ये मामले धर्म-जाति से जुड़ी शत्रुता, मानहानि, धार्मिक भावनाओं को ठेस से संबंधित हैं। ज्यादातर में आरोप तय नहीं हुए हैं।

क्या है मंत्री का घंटा-फोकट बयान?
31 दिसंबर 2025 की शाम इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से फैली बीमारी ने शहर को हिला दिया। मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने पुष्टि की कि पिछले एक हफ्ते में उल्टी-दस्त से 7 मौतें हो चुकी हैं। यह इलाका विजयवर्गीय के विधानसभा क्षेत्र इंदौर-1 में आता है। मंत्री ने बुधवार को लापरवाही मानी और कहा, ' जो भी दोषी होंगे, पद की परवाह किए बिना उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।' लेकिन इससे पहले का उनका वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैला।
मीडिया ने मौतों, इलाज के खर्च और पानी की व्यवस्था पर सवाल किए, तो विजयवर्गीय भड़क गए। उन्होंने कहा, ' फोकट प्रश्न मत पूछो' और फिर ' क्या-क्या घंटा होकर आए हो।' यह क्लिप वायरल हो गई, जिस पर विपक्ष ने असंवेदनशीलता का आरोप लगाया। कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा, ' सरकार ने अपना काम नहीं किया, मीडिया ने जिम्मेदारी निभाई। मंत्री ने पत्रकार को गालियां दीं, हम उनका सम्मान करते हैं।' पटवारी ने विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग की, आरोप लगाते हुए कि लापरवाही से मासूमों की जान गई। यह घटना एक बार फिर विजयवर्गीय के विवादास्पद छवि को सामने लाती है।
कैलाश विजयवर्गीय इंदौर के विकास से जुड़े रहे हैं, लेकिन दूषित पानी जैसी घटनाएं और उनके बयान सवाल खड़े करते हैं। वैश्य समुदाय से आने वाले इस नेता का विवादों से पुराना नाता है, जो उनके राजनीतिक जीवन को परिभाषित करता है। क्या यह कांड उनकी छवि पर असर डालेगा या वे फिर मजबूत होकर उभरेंगे? सोशल मीडिया पर बहस तेज है, और इंदौरवासी अब सुरक्षित पानी की मांग कर रहे हैं। समय बताएगा कि राजनीति का यह सफर आगे कैसा मोड़ लेता है।












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