बजट 2026 पर सिंधिया का बड़ा दावा, बोले- AI, इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार से बदलेगी देश की तस्वीर, जानिए कैसे
केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री तथा गुना सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने केन्द्रीय बजट 2026-27 को भारत के उज्ज्वल भविष्य का स्पष्ट खाका बताते हुए इसे 'विकसित भारत' का रोडमैप करार दिया है। अशोकनगर कलेक्ट्रेट में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि देश की जन-आकांक्षाओं, युवाओं के सपनों और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने वाला विजन डॉक्यूमेंट है।
सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रस्तुत यह बजट भारत को आर्थिक मजबूती, आधुनिक अधोसंरचना और भविष्य की तकनीकों की दिशा में तेज़ी से आगे ले जाने वाला है। इसमें हर वर्ग-किसान, युवा, महिला, उद्यमी और मध्यम वर्ग-के लिए अवसरों का विस्तार किया गया है।

समृद्ध और विकसित भारत का स्पष्ट रोडमैप
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि आज भारत वैश्विक मंच पर मजबूती से खड़ा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और वर्ष 2027 तक तीसरे स्थान की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों से भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना हुआ है, जो मजबूत आर्थिक नीतियों और दूरदर्शी फैसलों का परिणाम है।
उन्होंने बजट और भारतीय अर्थव्यवस्था के प्रमुख बिंदुओं को रेखांकित करते हुए कहा कि बीते दस वर्षों में भारत की जीडीपी 2 ट्रिलियन डॉलर से बढ़कर 4.3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच चुकी है। वहीं अप्रैल से दिसंबर के बीच महंगाई दर घटकर मात्र 1.7 प्रतिशत रही है, जो वैश्विक स्तर पर सबसे कम में से एक है।
वित्तीय अनुशासन और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा जोर
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि मोदी सरकार ने विकास के साथ-साथ वित्तीय अनुशासन को भी प्राथमिकता दी है। राजकोषीय घाटे को 4.4 प्रतिशत तक सीमित रखा गया है और अगले वर्ष इसे 4.3 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में जहां इंफ्रास्ट्रक्चर पर निवेश लगभग 2 लाख करोड़ रुपये था, वहीं आज यह बढ़कर 12 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। सड़कों, रेल, एयरपोर्ट, डिजिटल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स पर हुए इस निवेश से रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं और देश की विकास गति को नई रफ्तार मिली है।
भविष्य की तकनीकों पर फोकस: AI से लेकर सेमीकंडक्टर तक
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि बजट 2026-27 केवल वर्तमान की जरूरतों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भविष्य की भारत की तस्वीर भी गढ़ता है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग और ऑरेंज इकोनॉमी (ऑडियो-विजुअल, गेमिंग और क्रिएटिव इंडस्ट्री) पर विशेष जोर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि देश में 10 नए सेमीकंडक्टर फैब्स की दिशा में कदम बढ़ाए गए हैं, जिससे भारत टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा। कंटेंट क्रिएटर्स, डिजिटल प्लेटफॉर्म और गेमिंग इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए बजट में नई संभावनाओं के द्वार खोले गए हैं।
उत्तर-पूर्व और टेलीकॉम सेक्टर को नई ताकत
सिंधिया ने कहा कि पूर्वोत्तर भारत के समग्र विकास के लिए बजट में 50 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए 6,800 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे वहां कनेक्टिविटी, रोजगार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही टेलीकॉम सेक्टर के लिए 72,000 करोड़ रुपये का प्रावधान डिजिटल इंडिया को और सशक्त बनाएगा।
सबका साथ, सबका विकास का बजट
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि यह बजट 'सबका साथ, सबका विकास' के मंत्र को जमीन पर उतारने वाला है। टेक्सटाइल, कृषि, शिक्षा, सेवा क्षेत्र और इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ पर्यटन, कंटेंट क्रिएशन और नई तकनीकों को भी समान महत्व दिया गया है।
उन्होंने कहा कि यह बजट इस बात का प्रमाण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार विकसित और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को केवल नारा नहीं, बल्कि ठोस नीतियों और फैसलों के माध्यम से साकार कर रही है।
अंत में सिंधिया ने कहा कि केन्द्रीय बजट 2026-27 भारत को आने वाले दशक में वैश्विक आर्थिक शक्ति बनाने की दिशा में एक मजबूत आधार तैयार करता है और यह देश के हर नागरिक को विकास की यात्रा में सहभागी बनाता है।












Click it and Unblock the Notifications