शीतल दास की बगिया में गूंजा जय श्रीराम का उद्घोष, हनुमान चालीसा पाठ और श्रद्धांजलि के साथ मनाया गया शौर्य दिवस

भोपाल स्थित शीतल दास की बगिया में जाग्रत हिंदू मंच द्वारा शौर्य दिवस को पूरी श्रद्धा, ऊर्जा और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में हिंदू समाज के लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम स्थल को धार्मिक झंडों और प्रतीकों से सजाया गया था। "जय श्रीराम" के नारों और भगवा ध्वजों से पूरा वातावरण भक्तिमय नजर आया।

सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ और आरती से हुआ शुभारंभ

आयोजन की शुरुआत सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ से की गई, इसके पश्चात भगवान श्री हनुमान जी की विधिवत पूजा-अर्चना और आरती की गई। उपस्थित श्रद्धालुओं ने दीप प्रज्वलन कर प्रभु से राष्ट्र की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। पूजा के दौरान पूरा स्थल भक्ति भाव से सराबोर हो गया।

Jai Shri Ram proclamation echoed in Sheetal Das garden Hanuman Chalisa recitation

कोठारी बंधुओं को श्रद्धांजलि, कार सेवकों को नमन

इस अवसर पर राम मंदिर आंदोलन में शहीद हुए कोठारी बंधुओं को विशेष श्रद्धांजलि दी गई। वक्ताओं ने कहा कि उनका बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। साथ ही देशभर के कार सेवकों को नमन करते हुए कहा गया कि उनके साहस और समर्पण के कारण ही आज राम मंदिर का सपना साकार हुआ है।

राम मंदिर करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र : डॉ केसवानी

कार्यक्रम में जाग्रत हिंदू मंच के संरक्षक डॉ. दुर्गेश केसवानी ने भावनात्मक और ओजस्वी भाषण दिया। उन्होंने कहा कि, "यह दिन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि हिंदू समाज के संघर्ष, त्याग और विजय का प्रतीक है। 500 वर्षों की तपस्या, संघर्ष और बलिदान के बाद प्रभु श्रीराम को उनका भव्य और दिव्य मंदिर प्राप्त हुआ है। यह मंदिर केवल ईंट-पत्थर का ढांचा नहीं, बल्कि यह करोड़ों हिंदुओं की आस्था, भक्ति और स्वाभिमान का केंद्र है।"

डॉ. केसवानी ने आगे कहा कि, "मुगल आक्रांताओं ने योजनाबद्ध तरीके से हमारे मंदिरों को तोड़कर हमारी संस्कृति को खत्म करने का प्रयास किया, लेकिन वे हमारी आत्मा और हमारी आस्था को नहीं मिटा सके। स्वतंत्रता के बाद भी दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ राजनीतिक दल, विशेष रूप से कांग्रेस और उनके सहयोगियों ने राम मंदिर का सदैव विरोध किया। उन्होंने हिंदुओं की भावनाओं को आहत किया, लेकिन आज वही भावनाएं विजय के रूप में साकार हुई हैं।" उन्होंने कहा कि, "आज रामलला अपने भव्य मंदिर में विराजमान हैं और यह उन सभी शक्तियों को करारा जवाब है जो भारत की सनातन परंपरा को कमजोर करना चाहती थीं। अब समय आ गया है कि हिंदू समाज एकजुट होकर अपनी संस्कृति की रक्षा करे और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाए।"

युवा पीढ़ी को दिया जागरण का संदेश

डॉ. केसवानी ने विशेष रूप से युवाओं से आह्वान करते हुए कहा कि, "आज का युवा अपने इतिहास को जाने, अपने गौरव को पहचाने और अपनी जड़ों से जुड़े। शौर्य दिवस हमें सिखाता है कि जब समाज संगठित होता है, तो वह किसी भी शक्ति से बड़ा बन जाता है।"

देश सांस्कृतिक उत्थान की ओर बढ़ रहा: सुनील जैन

कार्यक्रम में अधिवक्ता सुनील जैन ने कहा कि, "भगवान श्रीराम के अयोध्या में विराजमान होने से देश सांस्कृतिक उत्थान की ओर बढ़ रहा है। यह केवल धार्मिक नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चेतना का पुनर्जागरण है।"

राजा भैया ने बताया गौरव का प्रतीक

राजा भैया ने कहा कि, "शौर्य दिवस मनाना हर हिंदू के लिए गर्व की बात है। यह दिन हमें बताता है कि हम पराजित होने के लिए नहीं, बल्कि विजयी होने के लिए जन्मे हैं।"

संकल्प और राष्ट्र प्रार्थना के साथ समापन

कार्यक्रम के अंत में राष्ट्र की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक संरक्षण के लिए सामूहिक प्रार्थना की गई। उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि वे सनातन संस्कृति की रक्षा और समाज के उत्थान के लिए निरंतर कार्य करेंगे। इस अवसर पर अनिल मोटवानी,मनोज अहिरवार,पंडित राजीव द्विवेदी,विवेक पांडे, अशोक यादव जी प्रकाश साहू गोलू गोस्वामी अनुपम शर्मा आकाश सिलावट राठौर देवेंद्र यादव ट्विंकल शाहिद सैकड़ो कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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