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Bhopal जंबूरी मैदान में जय गुरुदेव संत बाबा उमाकांत का दो दिवसीय सत्संग शुरू, लाखों की संख्या में पहुंचे लोग

Bhopal News: राजधानी भोपाल के जमुरी मैदान में इन दिनों गुरु और शिष्य का अद्भुत समागम देखने को मिल रहा है। दरअसल जय गुरुदेव से जुड़े हजारों भक्त बड़ी संख्या में भोपाल पहुंच रहे हैं। सभी के जुबान पर जय गुरुदेव का नारा है। उनका कहना है कि जैसा होगा अन्न, वैसा होगा मन।

भोपाल में जय गुरुदेव के सत्संग का संचालन कर रहे संतोष कुमार गुप्ता ने वन इंडिया हिंदी से बातचीत में बताया कि इस जंबूरी मैदान में भोपाल के लोगों का सौभाग्य है कि उन्हें उमाकांत जी महाराज जैसे महापुरुष के दर्शन करने को मिल रहे हैं।

Jai Gurudev Sant Baba Umakant two-day satsang begins at Jamboree Ground, lakhs of people arrive

उमाकांत जी के गुरु महाराज बाबा जय गुरुदेव ने कहा था कि भारत की जनसंख्या को कोई माई का लाल काम नहीं कर सकता है। जब तक संत धरती पर मौजूद है। उनके शरीर से मच्छर भी छू जाए तो वह मानव तन का अधिकारी हो जाता है। जिनके दर्शन करने से ही इंसान को उसकी तकलीफों में राहत मिलने लगती है।

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    Bhopal जंबूरी मैदान में जय गुरुदेव संत बाबा उमाकांत का दो दिवसीय सत्संग शुरू

    संतोष कुमार गुप्ता ने बताया कि बाबा बताते हैं कि आज घर-घर में झगड़ा है और भाई-भाई के खून का प्यासा है। हर परिवार व समाज में झगड़ा बढ़ रहा है। एक दूसरे के लिए प्रेम खत्म हो रहा है। इन सब का कारण है उन लोगों का नशा और मांसाहार शुरू कर देना। गुरुदेव ने कहा जैसा खाओगे वैसा बनोगे, जैसा पानी पियोगे वैसी होगी वाणी, जैसा आपका भोजन होगा, वैसे आपके विचार होंगे, जैसे आपके विचार होंगे, वैसे आप कर्म करोगे और जैसे आप कर्म करोगे, उसका फल भोगना पड़ेगा। इसलिए महात्मा चाहते हैं कि लोगों के कर्मों का निदान हो जाए । यानी जो यह नुकसान है वह कर्म की तकलीफ है।

    Jai Gurudev Sant Baba Umakant two-day satsang begins at Jamboree Ground, lakhs of people arrive

    पहले दिन के सत्संग में संत बाबा उमाकांत महाराज ने अपने प्रेमी भक्तों को लघु सत्संग के माध्यम से पाप और पुण्य कर्म के विषय में शिक्षा दी। उन्होंने मानव जीवन के सार को सेवा और सुमिरन के माध्यम से समझाया। महाराज ने संदेश दिया कि जब पाप का बोझ बढ़ता है, तो ऐसे सत्संग का आयोजन आवश्यक होता है। जब से जीव जागरण यात्रा शुरू हुई है, हमने तन, मन, और धन की सेवा में योगदान किया है, जिससे हमारे अनजाने में किए गए बुरे कर्मों का समापन होता है।

    Jai Gurudev Sant Baba Umakant two-day satsang begins at Jamboree Ground, lakhs of people arrive

    अनजाने में किए गए पाप को माफ कर दिया जाता है, लेकिन जानबूझकर किए गए पाप का कोई क्षमा नहीं होता है। भूखे और असहाय व्यक्तियों को आहार प्रदान करने का पुण्य अत्यंत महत्वपूर्ण है। हम असहाय लोगों के लिए भंडारों का आयोजन कर रहे हैं, जिससे कि उन्हें भोजन की व्यवस्था हो सके। सभी कुछ प्रारब्ध के हिसाब से ही मिलता है, और इस अनमोल अवसर का उपयोग करना चाहिए। संयम और नियमों का पालन करना आवश्यक है। सच्चे संत कभी भी किसी से कुछ मांगते नहीं हैं, और गुरु के प्रति श्रद्धा और समर्पण का होना चाहिए।

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