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MP News: भोपाल से ISIS आतंकी कैसे हुआ गिरफ्तार, जानिए पूरा मामला, ट्रेनिंग के वीडियो से बड़ा खुलासा

दिवाली की चमक-दमक के बीच एक ऐसी साजिश थी जो दिल्ली को खून से रंगने वाली थी। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने ISIS (इस्लामिक स्टेट) के एक खतरनाक मॉड्यूल को ध्वस्त करते हुए भोपाल के करोंद इलाके से 21 वर्षीय आतंकी सैयद अदनान उर्फ अबू (अदनान खान) को गिरफ्तार किया, जबकि दिल्ली के सादिक नगर से 20 वर्षीय अदनान खान उर्फ अबू मुहरिब को पहले ही पकड़ लिया गया था।

दोनों ने मिलकर दिल्ली के भीड़भाड़ वाले मॉल और पब्लिक पार्क में IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) से फिदायीन (सुसाइड) हमला करने की प्लानिंग की थी। गिरफ्तारी के बाद खुलासा हुआ कि अदनान (भोपाल वाला) के लैपटॉप से फिदायीन ट्रेनिंग के वीडियो बरामद हुए, जिसमें सीरियाई-तुर्की बॉर्डर पर बैठे एक हैंडलर के निर्देश थे।

ISIS terrorist arrested from Bhopal training video reveals major connection with Syrian handler

अदनान ने पहले भी ज्ञानवापी मस्जिद सर्वे के जज को सोशल मीडिया पर धमकी दी थी। यह गिरफ्तारी न केवल दिल्ली को बचाने वाली है, बल्कि ISIS की ऑनलाइन रेडिकलाइजेशन की गहराई को उजागर करती है। आइए, इस सनसनीखेज मामले की पूरी परतें खोलते हैं-गिरफ्तारी से लेकर साजिश, खुलासे और पुलिस की कार्रवाई तक।

साजिश का खुलासा: 'दिवाली पर IED ब्लास्ट', दिल्ली के मॉल-पार्क थे निशाना

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को 16 अक्टूबर 2025 को खुफिया इनपुट मिला कि ISIS का एक छोटा मॉड्यूल दिल्ली में बड़े हमले की तैयारी कर रहा है। शुरुआत दिल्ली के सादिक नगर से हुई, जहां 20 वर्षीय अदनान खान उर्फ अबू मुहरिब (जिसका पिता सरकारी कर्मचारी है) को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने भोपाल कनेक्शन उजागर किया, जिसके बाद 18 अक्टूबर सुबह 4 बजे स्पेशल सेल की टीम भोपाल पहुंची। निशातपुरा थाना क्षेत्र के इंडस रीजेंसी अपार्टमेंट के मकान नंबर A-46 पर छापा मारा गया, जहां 21 वर्षीय सैयद अदनान उर्फ अबू को उसके परिवार के साथ सोते हुए पकड़ा गया। अदनान भोपाल में CA की तैयारी कर रहा था, लेकिन छह साल से परिवार के साथ रहते हुए ISIS की गतिविधियों में लिप्त था।

दोनों अदनान ने मिलकर दिल्ली के हाई-फुटफॉल एरिया-दक्षिण दिल्ली का एक मॉल और एक पब्लिक पार्क-को निशाना बनाया था। प्लान था: IED से ब्लास्ट कर फिदायीन अटैक करना, ताकि अधिक से अधिक हताहत हों। स्पेशल सेल के एडिशनल CP प्रमोद कुमार कुशवाहा ने बताया, "दोनों ऑनलाइन रेडिकलाइज्ड थे। वे ISIS फ्लैग, टाइमर, धार्मिक कट्टर साहित्य, लैपटॉप और पेन ड्राइव के जरिए ट्रेनिंग ले रहे थे।" खुफिया सूत्रों के अनुसार, दोनों ने दिल्ली में जगहों का रेकी भी किया था, और हथियार बनाने के लिए पैसे इकट्ठा कर रहे थे। यह साजिश दिवाली पर योजनाबद्ध थी, ताकि भीड़ में पैनिक फैले। गिरफ्तारी ने दिल्ली को बड़े हादसे से बचा लिया।

फिदायीन ट्रेनिंग के वीडियो: लैपटॉप से बड़ा खुलासा, सीरियाई हैंडलर का 'अमीर'

अदनान (भोपाल वाला) के लैपटॉप और पेन ड्राइव से सबसे चौंकाने वाला खुलासा हुआ-फिदायीन अटैक की ट्रेनिंग वीडियो। इनमें सीरियाई-तुर्की बॉर्डर पर बैठे एक हैंडलर (जिसे वे 'अमीर' मानते थे) के निर्देश थे। वीडियो में IED बनाने, सुसाइड वेस्ट बनाने और हमले की रणनीति सिखाई गई थी। पुलिस ने बताया कि दोनों ISIS के सोशल मीडिया प्रोपेगैंडा से प्रभावित होकर रेडिकलाइज्ड हुए। अदनान ने इंस्टाग्राम पर 'खिलजी' नाम से फेक आईडी बनाई, जहां कट्टर सामग्री शेयर करता था।

अदनान (भोपाल) का पुराना कनेक्शन भी उजागर हुआ। जून 2024 में उत्तर प्रदेश ATS ने उसे ज्ञानवापी मस्जिद सर्वे के ASI अधिकारी को सोशल मीडिया पर धमकी देने के लिए गिरफ्तार किया था। कोर्ट से जमानत मिलने के बाद वह भोपाल लौट आया, लेकिन गतिविधियां जारी रखीं। वह ISIS समर्थक व्हाट्सऐप ग्रुप में सक्रिय था, जहां रणनीति बनाई जाती थी। उसके कमरे से धार्मिक कट्टरपंथी किताबें, ISIS फ्लैग, टाइमर और संदिग्ध इलेक्ट्रॉनिक गैजेट बरामद हुए। दिल्ली वाला अदनान भी इसी ग्रुप का हिस्सा था, और दोनों ने पैसे इकट्ठा कर हथियार खरीदने की कोशिश की।

परिवार का कनेक्शन: 'सामान्य जीवन', लेकिन छह साल से छिपी साजिश

भोपाल के मकान में अदनान अपने परिवार के साथ छह साल से रह रहा था। पिता सैयद गुलफाम एक प्राइवेट कंपनी में अकाउंटेंट हैं, जबकि मां शायना थिएटर आर्टिस्ट हैं। परिवार का दावा है कि उन्हें अदनान की गतिविधियों की जानकारी नहीं थी। पुलिस ने कहा, "परिवार का पूछताछ जारी है, लेकिन प्रारंभिक जांच में कोई संलिप्तता नहीं मिली।" अदनान CA की तैयारी का बहाना बनाकर ऑनलाइन सक्रिय रहता था। दिल्ली वाला अदनान का पिता सरकारी कर्मचारी है। दोनों की उम्र कम होने के बावजूद रेडिकलाइजेशन ने उन्हें खतरनाक बना दिया।

पुलिस की कार्रवाई: 3 दिन की रिमांड, पाकिस्तान लिंक की जांच

दोनों अदनान को दिल्ली कोर्ट ने 3 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। स्पेशल सेल उन्हें पूछताछ कर रही है ताकि नेटवर्क का पता लगे। एसीपी कुशवाहा ने कहा, "हमारे पास पाकिस्तान लिंक के सुराग हैं। दोनों ने दिल्ली-भोपाल में भर्ती की कोशिश की थी।" बरामद सामग्री की फॉरेंसिक जांच चल रही है। MP पुलिस ने भी भोपाल में अतिरिक्त टीमें तैनात की हैं। यह गिरफ्तारी सितंबर 2025 में दिल्ली-झारखंड-तेलंगाना-MP में ISIS मॉड्यूल बस्ट के बाद एक और झटका है।

'अलग नाम, एक ही मकसद': ऑनलाइन रेडिकलाइजेशन का खतरा

दोनों का नाम 'अदनान' होना संयोग है, लेकिन मकसद एक-ISIS का प्रोपेगैंडा फैलाना। विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया ISIS की भर्ती का मुख्य जरिया है। दिल्ली पुलिस ने अलर्ट जारी किया कि ऐसे मॉड्यूल युवाओं को टारगेट करते हैं।

आगे की राह: नेटवर्क उजागर, भर्ती रोकने पर फोकस

पूछताछ से और खुलासे हो सकते हैं। NIA को केस ट्रांसफर की संभावना है। यह घटना ऑनलाइन रेडिकलाइजेशन पर सख्ती की मांग बढ़ा रही है। क्या यह ISIS की नई लहर को रोकेगा? समय बताएगा, लेकिन दिल्ली-भोपाल की टीम ने एक बड़ा खतरा टाल दिया।

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