इंटरनेशनल स्कूल के बस ड्राइवर को दुष्कर्म के मामले में उम्र कैद की सजा, CM शिवराज ने फैसले का किया स्वागत
भोपाल के स्कूल में पढ़ने वाली साढ़े तीन साल की मासूम से रेप करने के दोषी ड्राइवर को कोर्ट ने मरते दम तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। CM शिवराज ने फैसले का स्वागत किया।
राजधानी भोपाल के इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ने वाली साढ़े तीन साल की मासूम से स्कूल बस में रेप करने के दोषी ड्राइवर को कोर्ट ने मरते दम तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उसकी मदद करने वाली केयरटेकर आशा को 20 साल कैद की सजा सुनाई है। दोनों पर ₹32 हजार का जुर्माना भी लगाया गया। सरकारी वकील मनीषा के मुताबिक सजा सुनाने के पहले दोनों चुप थे। रो रहे थे। सजा सुनाने के बाद बोले- हमें झूठा फंसाया गया है। हमारे मासूम बच्चे हैं, हमें छोड़ दीजिए। फैसला भोपाल जिला कोर्ट की विशेष न्यायाधीश शैलजा गुप्ता (लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम) ने सुनाया। शनिवार को ही कोर्ट ने मुख्य आरोपी हनुमान जाटव को धारा 376 एबी 376 2 और पास्को एक्ट के तहत दोषी करार दिया था।

CM शिवराज ने फैसले का किया स्वागत
सोमवार को फैसला आने के बाद इस मामले में सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भोपाल में एक स्कूल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कृत्य मामले में भोपाल जिला कोर्ट विशेष न्यायाधीश द्वारा आरोपी को आजीवन कारावास की सजा दी गई है। मध्यप्रदेश की धरती पर ऐसे अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। हमारी सरकार ऐसे नरपिशाचों को कठोर से कठोर सजा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। सीएम ने कहा कि इस मामले में तत्परता पूर्वक कार्रवाई कर न्यायालय के समक्ष तथ्य और साक्ष्य प्रस्तुत करने पर भोपाल पुलिस और प्रशासन को बधाई। उन सभी लोगों का भी आभार जिन्होंने मासूम को न्याय दिलाने में अपना योगदान दिया और सहभागिता की।
नीलबड़ स्थित बिलाबोंग पब्लिक स्कूल की बस में साडे 3 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया था। इसमें बस की केयरटेकर ने भी ड्राइवर की मदद की थी। इस मामले में बच्ची के परिजनों ने पुलिस कमिश्नर को शिकायत की थी। जिसके बाद महिला थाने में एफ आई आर दर्ज हुई थी। इसके बस ड्राइवर और केयरटेकर को गिरफ्तार किया गया। मामले को देखते हुए सीएम शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को सख्त से सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।
8 सितंबर को बच्ची के स्कूल से घर आने पर मां को बच्ची के कपड़े देखकर शक हुआ था और उन्होंने कपड़े बदलने को लेकर स्कूल प्रबंधन से पूछताछ की तो वे जवाब से संतुष्ट नहीं हुई। तब उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस कमिश्नर से की। जांच में पता चला कि बस का सीसीटीवी खराब था। मामले में परिजनों ने बताया था कि बच्ची के साथ बस ड्राइवर ने बेड टच और उसके होंठ चुमने व प्राइवेट पार्ट में फिंगरिंग और हाथ पैर ने की गंदी हरकत की थी। वहीं स्कूल प्रबंधन का कहना था कि बच्चे के कपड़े गीले हो गए थे, इसलिए कपड़े चेंज किए गए।












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