कुबेरेश्वर धाम के पंडित मिश्रा की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, मानव अधिकार आयोग ने मांगा कलेक्टर और एसपी से जवाब
धीरेन्द्र शास्त्री के बाद एमपी के एक और चमत्कारी बाबा चर्चा में हैं। सीहोर के रहने वाले पंडित प्रदीप मिश्रा के चमत्कारों के दावों के बीच उनके कुबेरेश्वर धाम में इतनी भीड़ उमड़ आई कि पूरा सीहोर शहर अस्त-व्यस्त हो गया।

Kubereshwar Dham: मध्यप्रदेश के सीहोर जिले में स्थित कुबेरेश्वर धाम में चमत्कारी रुद्राक्ष लेने के लिए उमड़ी भीड़ के कारण वहां अव्यवस्था फैल गई। इसके चलते शुक्रवार को 3 साल के बच्चे ने दम तोड़ दिया। इससे कुल मृतकों की संख्या 3 हो गई। हालांकि प्रशासन की समझाइश पर कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने रुद्राक्ष का वितरण बंद कर दिया। इस बीच मानव अधिकार आयोग ने कलेक्टर और एसपी से बिगड़ी व्यवस्था को लेकर जवाब मांगा है। वही पंडित प्रदीप मिश्रा ने भी पूरे घटनाक्रम को लेकर सफाई दी है।

रुद्राक्ष लेने के लालच में आई भारी भीड़
बता दे चमत्कारी रुद्राक्ष लेने के लालच में मध्यप्रदेश के सीहोर में प्रदेश ही नहीं देश भर से लोग आ पहुंचे थे। लेकिन व्यवस्था नहीं होने के कारण अधिकांश लोग खाने पीने को भी मजबूर नजर आए। महाराष्ट्र से आए श्रद्धालु गणपत सदावर्ते ने बताया कि हम यहां रुद्राक्ष लेने आए थे। महाराज ने कहा था कि रुद्राक्ष को पानी में डालकर पानी पी लेने से हर समस्या दूर हो जाएगी इसलिए हम इतनी दूर से आए थे, लेकिन यहां रुद्राक्ष नहीं मिला और यहां के लोगों का भी व्यवहार ठीक नहीं लगा। अब कभी ऐसा रुद्राक्ष लेने नहीं आएंगे।

कुबेरेश्वर धाम ने ली थी डेढ़ लाख की अनुमति
शुक्रवार शाम तक अधिकांश लोग घरों को रवाना हो चुके थे। भोपाल- इंदौर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बहाल हो गया। यह बात भी सामने आई कि धाम की ओर से प्रशासन को डेढ़ से 2 लाख लोगों के आने का अनुमान बताया गया था, लेकिन इतने लोगों के भोजन-पानी और विश्राम की व्यवस्था धाम की ओर से नहीं की गई और लाखों लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। कुबेरेश्वर धाम और प्रशासन की लापरवाही के चलते 3 लोगों को अपनी जान गवाना पड़ी। मामले में मानव अधिकार आयोग ने कलेक्टर और एसपी से जवाब मांगा है।

बिगड़े हालात पर मानव अधिकार आयोग ने मांगा जवाब
कुंबेरेश्वर धाम में रुद्राक्ष महोत्सव में गुरुवार को बिगड़े हालात पर मानव अधिकार आयोग ने शुक्रवार को संज्ञान लेते हुए सीहोर कलेक्टर प्रवीण सिंह और एसपी मयंक अवस्थी से जवाब मांगा है। मारा जा रहा है कि इसके बाद कुबेरेश्वर धाम की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। आयोग के अध्यक्ष मनोहर ममतानी ने पांच बिंदुओं पर 1 सप्ताह के भीतर प्रतिवेदन के साथ जवाब तलब किया है।
- आयोग ने कितनी संख्या में धर्मपाल अंबियों के शामिल होने वाहन की व्यवस्था के संबंध में अनुमति मांगी थी।
- जिला प्रशासन द्वारा कितनी अनुमति संख्या मानी गई थी।
- क्या धाम पर मूलभूत सुविधाओं को उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया गया था।
- राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्बाध यातायात के लिए क्या व्यवस्था की गई थी।
- लोगों और वाहनों के आने से उत्पन्न परिस्थितियों को संभालने के लिए क्या प्रयास किए गए हैं?

अनुमान से ज्यादा लोग आ गए: पंडित प्रदीप मिश्रा
वहीं इस पूरे घटनाक्रम पर कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि हमने श्रद्धालुओं जो व्यवस्था की बात कही थी। वह सही थी। इसको लेकर हमने कथा पंडाल, ठहरने, भोजन, पार्किंग, पानी और शौचालय के इंतजाम किए थे। अनुमान के अनुसार 2 लाख लोग रोजाना थे, पर 2 दिन पहले ही लोग आकर रुक गए। कथा के पहले दिन ही 20 लाख से अधिक लोग आए, जिससे अव्यवस्था हो गई।

सीहोर जिला प्रशासन ने दी जानकारी
सीहोर जिले के सिविल सर्जन डॉ प्रवीण गुप्ता ने बताया कि गुरुवार को महाराष्ट्र के मालेगांव के रहने वाले 52 साल की मंगला बाई की हृदयाघात से मौत हो गई थी। महाराष्ट्र के अकोला की 40 साल की महिला की मौत गुरुवार शुक्रवार की रात हुई। वे लौटते समय हादसे घायल हो गई थी। जलगांव के विवेक भटक के तीन साल के बेटे आमोद की तबीयत शुक्रवार को बिगड़ गई। जिला अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी भी मौत हो गई। वहीं थाना कोतवाली सीहोर ने जानकारी देते हुए बताया कि 50 से अधिक महिला-पुरुष अपने परिजनों से बिछड़ गए। हालांकि पुलिस ने ढूंढ कर अधिकांश को उनके परिजनों से मिलवा दिया।

एसडीएम अमन मिश्रा ने दी सफाई
वहीं एसडीएम अमन मिश्रा ने कहा कि बिठ्ठलेश समिति द्वारा हमसे जो अनुमति ली गई थी। उसमें संख्या नहीं थी। लेकिन डेढ़ से 2 लाख लोगों के आने का अनुमान बताया गया था। जिसको देखते हुए हमने 10 लाख लोगों के हिसाब से इंतजाम किए थे। लेकिन 20 लाख से अधिक लोग वहां पहुंच गए। जिससे हालात बिगड़ गए। देखा जाए तो दूसरे दिन भी 5 से 7 लाख लोग यहां पहुंचे, लेकिन वह आते जाते रहे। जिससे हालत काबू में रहे।

खास अभिमंत्रित रुद्राक्ष बांटने का किया था दावा
रुद्राक्ष महोत्सव के दौरान पंडित प्रदीप मिश्रा के कुबेरेश्वर धाम से रुद्राक्ष के वितरण का ऐलान किया गया था। इसके बाद लाखों की संख्या में भीड़ उमड़ पड़ती है। बता दे पंडित मिश्रा की ओर से दावा किया गया था कि वह गंडकी नदी से निकले रुद्राक्ष हैं और इनके धारण करने से व्यक्ति रोग इत्यादि से मुक्त होता है। वे इन्हें अभिमंत्रित कर बांटने का दावा करते हैं, जिससे व्यक्ति का कल्याण होता है। इस साल उनके द्वारा आयोजित रुद्राक्ष महोत्सव में 20 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। जिनमें से 13 लाख से अधिक बिना रुद्राक्ष प्राप्त किए ही अव्यवस्थाओं का शिकार होकर आयोजकों को कोसते हुए चले गए।












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