कोरोना वायरस के म्यूटेंट की जांच के लिए भोपाल में लगेगी जिनोम सीक्वेंसिंग मशीन

भोपाल, 24 जून। मध्य प्रदेश में कोरोना के डेल्टा+ वैरिएंट के मामले बढ़ने के साथ ही सरकार की चिंता बढ़ गई है। इसमें सबसे बड़ी जिनोम सीक्वेंसिंग जांच के भेजे रिपोर्ट लेट आना है। अब प्रदेश सरकार ही राजधानी में जिनोम सीक्वेंसिंग की मशीन लगाने जा रही है।

Genome sequencing machine will be installed in Bhopal to test mutants of corona virus

गुरुवार को चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि मध्य प्रदेश में 5 डेल्टा प्ल्स के मामले सामने आए हैं। भोपाल में तीन और उज्जैन में दो मामले आए हैं। कॉन्ट्रैक्ट ट्रेसिंग लगातार की जा रही है। सारंग ने कहा कि अभी जिनोम सीक्वेंसिंग के लिए रेडम सैंपल दिल्ली भेजे जाते हैं। इसकी रिपोर्ट आने में लंबा समय लगता है। सारंग ने बताया कि जीनोम सीक्वेंसिंग की मशीन अब भोपाल में लगाई जाएगी, जिससे कोरोना स्ट्रेन की जांच हो सकेगी।

बता दें सरकार की तरफ से पांच डेल्टा प्लस के केस सामने आने की बात कही जा रही है। इसमें एक की मौत हो चुकी है, जबकि अशोकनगर में भी एक मौत का मामला सामने आया है। इसकी पुष्टि अशोकनगर कलेक्टर अभय वर्मा ने की है। यह मौत 13 मई को भोपाल में हुई है। इसके अनुसार प्रदेश में अब तक 6 मामले के साथ दो लोगों की कोरोना के डेल्टा प्लस वैरिएंट से मौत हो चुकी है।

12 सौ सैंपल की अब तक रिपोर्ट आई

मध्यप्रदेश से अब तक 2 हजार सैंपल एनसीडीसी की लैब में जांच के लिए भेजे गए। इनमें से करीब 12 सौ की जांच रिपोर्ट आ गई है। इनमें से 380 सैंपल में तीन प्रकार के वैरिएंट मिले हैं। इसमें डेल्टा के 318, अल्फा के 56 और 6 डेल्टा प्लस के मामले सामने आए हैं। अल्फा यूके का वैरिएंट है, जबकि डेल्टा और डेल्टा + वैरिएंट भारत में मिले हैं।

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