पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को मानहानि वाले मामले में भोपाल जिला कोर्ट से मिली जमानत
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा द्वारा दिग्विजय सिंह पर किए गए मानहानि के मामले में आज भोपाल कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को जमानत दे दी।

राजधानी भोपाल की जिला अदालत ने आज मानहानि के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को जमानत दे दी है। बता दे बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज कराया था। शर्मा ने आरोप लगाया था कि दिग्विजय सिंह ने 4 जुलाई 2014 को इलेक्ट्रॉनिक्स और प्रिंट मीडिया के सामने उनके खिलाफ आरोप लगाते हुए कहा था कि वीडी शर्मा ABVP महामंत्री रहे। उनके द्वारा व्यापम घोटाले में बिचौलिये का काम किया गया। इससे उनकी छवि आम लोगों में धूमिल हुई। कोर्ट ने 5 दिसंबर 2022 को धारा 500 के तहत दिग्विजय सिंह पर केस दर्ज किया है।
राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह को 11 जनवरी को कोर्ट में पेश होना था, लेकिन वह पेश नहीं हुए। इसके बाद उनके वकील ने दलील दी कि न्यायालय से उन्हें कोई आदेश नहीं मिला, इस वजह से वे पेश नहीं हो पाए। तब कोर्ट ने 3 फरवरी की तारीख दी। इसके बाद आज फिर पेश होने को कहा था।
क्या है पूरा मामला
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने 4 जुलाई 2014 को मीडिया को दिए बयान में विष्णु दत्त शर्मा के खिलाफ यह आरोप लगाए थे कि वीडी शर्मा ने आर एस एस और व्यापम के बीच में बिजली का काम किया है मीडिया में आई खबरों के बाद वीडी शर्मा ने दिग्विजय सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों को लेकर कोर्ट में मानहानि का परिवार दायर किया था। दिग्विजय सिंह के आरोपों से व्यथित होकर वीडी शर्मा ने दिग्विजय सिंह के खिलाफ न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी भोपाल के समक्ष मानहानि का मुकदमा दायर कर सबूत पेश किए थे।
कोर्ट ने किया था केस दर्ज
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने दिग्विजय सिंह के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था इसको लेकर 5 दिसंबर को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी में विशेष न्यायाधीश एमपी एमएलए भोपाल विधान महेश्वरी ने धारा 500 भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत दिग्विजय सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया था। कोर्ट ने 5 दिसंबर 2022 को आदेश जारी किया। इसके बाद कोर्ट ने दिग्विजय सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर समन जारी करने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद आज दिग्विजय सिंह को न्यायालय में उपस्थित होकर जमानत लेनी पड़ी।












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