Bhopal News: आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई: नई बस्ती, 46 लीटर अवैध शराब और 1500 किलो महुआ लाहन जब्त
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आबकारी विभाग ने अवैध शराब के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के निर्देशन, सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र धाकड़ के मार्गदर्शन, और नियंत्रण कक्ष प्रभारी आरजी भदौरिया के नेतृत्व में आबकारी टीम ने 25 जून 2025 को सुबह-सुबह बारिश के बीच नई बस्ती, गांधी नगर, नारियल खेड़ा, और करोंद क्षेत्रों में छापेमारी की।
इस कार्रवाई में 46.5 लीटर अवैध हाथ भट्टी शराब, 1500 किलोग्राम महुआ लाहन, और शराब निर्माण की सामग्री जब्त की गई। जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत 1.62 लाख रुपये बताई जा रही है।

आरोपियों के खिलाफ मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 की धारा 34(1) क और 34(1) च के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। यह कार्रवाई अवैध शराब के कारोबार को जड़ से उखाड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
नई बस्ती में सुबह की दबिश: अपराधियों को नहीं खुलने दी आंख
आबकारी विभाग की टीम ने रिमझिम बरसते पानी के बीच तड़के सुबह 4 बजे भोपाल के गांधी नगर स्थित नई बस्ती में छापेमारी शुरू की। इस समय अपराधी अभी नींद में थे, जिसका फायदा उठाकर टीम ने त्वरित कार्रवाई की। नई बस्ती में एक ठिकाने पर दबिश देकर 3 केनों में 40 लीटर अवैध हाथ भट्टी शराब और 3 टंकियों में 1500 किलोग्राम महुआ लाहन जब्त किया गया। साथ ही, शराब निर्माण की सामग्री भी कब्जे में ली गई।
वृत्त प्रभारी डॉ अनु जैन ने बताया, "हमें सूचना मिली थी कि नई बस्ती में बड़े पैमाने पर अवैध शराब का कारोबार चल रहा है। बारिश के बावजूद हमारी टीम ने सुनियोजित तरीके से दबिश दी और भारी मात्रा में शराब और लाहन बरामद किया।"
रूपमति बंजारा, इंद्रा बाई, और लखन पारधी पर कार्रवाई
- नई बस्ती में ही आबकारी टीम ने अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की।
- रूपमति बंजारा के घर से 2 लीटर हाथ भट्टी शराब बरामद की गई और उनके खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया।
- इंद्रा बाई के घर से एक प्लास्टिक केन में 1.5 लीटर अवैध हाथ भट्टी शराब जब्त की गई।
- लखन पारधी के ठिकाने से 3 लीटर अवैध हाथ भट्टी शराब बरामद हुई।
- इन तीनों के खिलाफ मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 34(1) क और 34(1) च के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। छापेमारी के दौरान आरोपी मौके से फरार हो गए, और उनकी तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं।
जब्त सामग्री का मूल्य: 1.62 लाख रुपये
आबकारी विभाग के अनुसार, इस कार्रवाई में कुल 46.5 लीटर अवैध हाथ भट्टी शराब, 1500 किलोग्राम महुआ लाहन, और शराब निर्माण की सामग्री जब्त की गई, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत 1.62 लाख रुपये है। महुआ लाहन का उपयोग कच्ची शराब बनाने में किया जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक होती है। सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र धाकड़ ने कहा, "अवैध शराब का यह कारोबार न केवल कानून के खिलाफ है, बल्कि यह समाज और स्वास्थ्य के लिए भी खतरा है। ऐसी कार्रवाइयां इसे पूरी तरह खत्म करने के लिए जरूरी हैं।"
कार्रवाई में शामिल टीम
इस ऑपरेशन का नेतृत्व नियंत्रण कक्ष प्रभारी आर.जी. भदौरिया ने किया, जबकि वृत्त प्रभारी डॉ. अनु जैन की देखरेख में पूरी प्रक्रिया अंजाम दी गई। जिला आबकारी अमले की पूरी टीम, जिसमें निरीक्षक, उप-निरीक्षक, और अन्य कर्मचारी शामिल थे, ने इस कार्रवाई में हिस्सा लिया। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने टीम की तारीफ करते हुए कहा, "आबकारी विभाग का यह प्रयास समाज को अवैध शराब के जहर से मुक्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।"
आरोपियों की तलाश जारी
आबकारी विभाग ने बताया कि छापेमारी के दौरान रूपमति बंजारा, इंद्रा बाई, और लखन पारधी मौके से फरार हो गए। उनकी तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो नई बस्ती, गांधी नगर, और आसपास के इलाकों में छानबीन कर रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, ये लोग लंबे समय से अवैध शराब के कारोबार में शामिल थे और स्थानीय स्तर पर एक नेटवर्क चला रहे थे।
अवैध शराब का खतरा: स्वास्थ्य और समाज पर प्रभाव
मध्य प्रदेश में अवैध शराब का कारोबार एक गंभीर समस्या बना हुआ है। हाथ भट्टी शराब और महुआ लाहन से बनी कच्ची शराब का सेवन न केवल स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है, बल्कि कई बार जानलेवा भी साबित होता है। 2023 में मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में कच्ची शराब पीने से 6 लोगों की मौत हो गई थी, जिसके बाद सरकार ने अवैध शराब के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
नई बस्ती और गांधी नगर जैसे क्षेत्रों में अवैध शराब का कारोबार स्थानीय समुदाय, खासकर युवाओं और गरीब वर्ग को प्रभावित करता है। यह सामाजिक अपराधों जैसे मारपीट, चोरी, और हिंसा को भी बढ़ावा देता है।
आबकारी विभाग की सख्ती: भविष्य की योजनाएं
सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र धाकड़ ने स्पष्ट किया कि अवैध शराब के खिलाफ ऐसी कार्रवाइयां भविष्य में भी जारी रहेंगी। उन्होंने कहा, "हमारा लक्ष्य भोपाल को अवैध शराब के कारोबार से पूरी तरह मुक्त करना है। इसके लिए हम नियमित छापेमारी, सूचना संकलन, और स्थानीय लोगों के सहयोग से काम करेंगे।"
आबकारी विभाग ने हाल के महीनों में भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में कई बड़ी कार्रवाइयां की हैं। 24 जून 2025 को शांति नगर और पड़रिया में 40 लीटर अवैध शराब और 500 किलोग्राम महुआ लाहन जब्त किया गया था। मॉनसून के दौरान बारिश के कारण ग्रामीण और बस्ती क्षेत्रों में अवैध शराब का उत्पादन बढ़ जाता है, जिसे रोकने के लिए विभाग ने निगरानी तेज कर दी है।
मॉनसून और चुनौतियां
यह कार्रवाई बारिश के मौसम में हुई, जब भोपाल सहित मध्य प्रदेश के कई जिले जलवायु चुनौतियों से जूझ रहे हैं। भोपाल, शिवपुरी, श्योपुर, और गुना में भारी बारिश और जलभराव की स्थिति है। ऐसी परिस्थितियों में आबकारी विभाग की यह कार्रवाई उनकी दृढ़ता को दर्शाती है। बारिश के मौसम में अवैध शराब का उत्पादन और वितरण बढ़ जाता है, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में निगरानी कम हो जाती है।
प्रशासन और समाज की भूमिका
यह कार्रवाई मध्य प्रदेश सरकार की अवैध शराब के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाती है। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने कहा, "अवैध शराब का कारोबार समाज के लिए अभिशाप है। हम स्थानीय लोगों से अपील करते हैं कि ऐसी गतिविधियों की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।"
आबकारी विभाग ने एक हेल्पलाइन नंबर (1800-XXX-XXXX) जारी किया है, जिस पर लोग अवैध शराब के कारोबार की गोपनीय सूचना दे सकते हैं। विभाग ने यह भी सुनिश्चित किया है कि सूचना देने वालों की पहचान गुप्त रखी जाएगी।












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