हाथियों ने अनूपपुर के कठोतिया जंगल में जमाया डेरा, लोग दहशत में
अनूपपुर, 16 जून: अनूपपुर मंडल के वन परीक्षेत्र अहिरगवा अंतर्गत कठौतिया बीट के जंगल में विगत 1 सप्ताह से 2 दन्तैल हाथियों ने निरंतर डेरा जमाया हुए है जिससे जंगल के किनारे स्थित गांव के लोगों में दहशत की स्थिति बनी हुई है। वहीं वन विभाग अहिरगवा तथा बुढार की टीम हाथियों के विचरण क्षेत्र में निरंतर नजर बनाए हुए ग्रामीणों को समझाइश देकर ग्रामीणों की सुरक्षा में लगे हुए हैं। वही हाथियों का समूह कहीं अन्य स्थल पर जाने को तैयार सा नजर नहीं आ रहा है।

इन क्षेत्रों में कर रहे हैं विचरण
इस संबंध में बताया जा रहा है कि विगत 2 माह से अधिक समय से छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा के मरवाही क्षेत्र से तीन दन्तैल हाथियों का समूह मध्य प्रदेश के अनूपपुर वन मंडल अंतर्गत वन परीक्षेत्र जैतहरी, राजेंद्रगाम, अहिरगवा,शहडोल वन मंडल के वन परीक्षेत्र बुढार तथा डिंडोरी जिले के वन परीक्षेत्र शाहपुर एवं उमरिया जिले के पाली तथा घुनघुटी वन क्षेत्र में निरंतर विचरण कर रहा है
दो भागों में बांटा हाथियों का दल
इस बीच 29 मई को वन परीक्षेत्र राजेंद्रगांम व डिंडोरी जिले के शाहपुर इलाके से 3 दन्तैल हाथियों का दल दो भाग में बट गया रहा जिसमें से एक दन्तैल हाथी डिंडोरी जिले के शाहपुर क्षेत्र के जंगलों में विचरण करता हुआ वापस राजेंद्रग्राम जैतहरी वन क्षेत्र से 10 जून को छत्तीसगढ़ राज्य के मरवाही, खंडगवा, से कटघोरा वन मंडल की ओर रवाना हुआ है। यह एक दन्तैल हाथी के द्वारा विगत 1 माह के मध्य डिंडोरी एवं छत्तीसगढ़ राज्य की सीमाओं में चार लोगों की मौत के घाट उतार चुका है। जबकि दो दन्तैल हाथी अहिरगवा वन क्षेत्र से उमरिया जिले के पाली घुनघुटी से वापस आकर शहडोल जिले की शहडोल एवं बुढार वर परी क्षेत्र में विचरण करने के बाद विगत 10 जून से वन परीक्षेत्र अहिरगवा के कठौतिया पूर्व एवं पश्चिम के जंगलों में वितरण करते हुए निरंतर डेरा जमाए हुए हैं। यह क्षेत्र शहडोल जिले के वन परीक्षेत्र बुढार एवं शहडोल वन परीक्षेत्र से लगा हुआ है। दो दन्तैल हाथियों के निरंतर विचरण के कारण बुढार एवं अहिरगवाके 1 अधिकारी कर्मचारी तथा पुलिस विभाग के द्वारा हाथियों के विचरण क्षेत्र पर निगरानी रखते हुए आस-पास के गांव कठौतिया, सामतपुर, कोदवार,कठाई,के ग्रामीणों को सतर्कता बरतने की अपील करते हुए निरंतर निगरानी रख रहे हैं।
रात के समय बोलते हैं हमला
विगत 1 सप्ताह के मध्य दो दन्तैलहाथियों द्वारा दिन में जंगल में रहकर रात के समय गांव के आस-पास आकर कुछ कच्चे मकानों में तोड़फोड़ कर मकान के अंदर रखे खाने-पीने की सामग्री को अपना आहार बनाया है वही ग्रामीणों के खेती बगिया में लगे कटहल व अन्य तरह के पेड़ों के फलों को भी खा गए हैं इन दो दन्तैल हाथियों के द्वारा अब तक किसी तरह के जन घायल एवं जनहानि करने की घटनाएं नहीं की है जो राहत की बात है।












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