Bhopal बिजली बिल विवाद, कांग्रेस का अनोखा प्रदर्शन, दिव्यांग को गोद में उठाकर अधीक्षण यंत्री के टेबल पर बैठाया
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शुक्रवार, 30 मई 2025 को बिजली बिलों की अनियमितताओं और बिजली चोरी के कथित प्रकरणों के खिलाफ कांग्रेस नेताओं ने अनोखे तरीके से प्रदर्शन किया। सेठी नगर के दिव्यांग राजा खान को कथित तौर पर अत्यधिक बिजली बिल भेजे जाने और बिजली चोरी का प्रकरण बनाए जाने के विरोध में कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला और उनके समर्थकों ने मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के कार्यालय में हंगामा किया।
प्रदर्शन के दौरान उन्होंने राजा खान को गोद में उठाकर अधीक्षण यंत्री के चैंबर में ले गए और उन्हें टेबल पर बैठाकर बिजली विभाग की मनमानी के खिलाफ जवाब मांगा। इस घटना ने शहर में चर्चा का विषय बना दिया है।

दिव्यांग पर बिजली चोरी का आरोपसेठी नगर निवासी राजा खान, जो एक दिव्यांग हैं, ने बताया कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने उनके दो कमरों के मकान के लिए असामान्य रूप से अधिक राशि का बिजली बिल भेजा। राजा के अनुसार, जब उन्होंने बिल की राशि पर आपत्ति जताई और बिजली का उपयोग जारी रखा, तो कंपनी ने उनके खिलाफ बिजली चोरी का प्रकरण दर्ज कर दिया। राजा ने इसकी शिकायत स्थानीय कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला से की, जिन्होंने तुरंत इस मामले को गंभीरता से लिया। शुक्ला ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को परेशान कर रहा है और बिना उचित जांच के बिजली चोरी के मामले दर्ज किए जा रहे हैं, जो अमानवीय है।
कांग्रेस का अनोखा प्रदर्शनशुक्रवार को मनोज शुक्ला अपने समर्थकों के साथ मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के गोविंदपुरा स्थित कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने राजा खान को गोद में उठाकर अधीक्षण यंत्री के चैंबर में प्रवेश किया और उन्हें टेबल पर बैठा दिया। इस अनोखे प्रदर्शन का उद्देश्य बिजली विभाग की कथित मनमानी और दिव्यांग के साथ हुए अन्याय को उजागर करना था। शुक्ला ने कहा, "दिव्यांग राजा खान के दो कमरों के मकान में इतना बिजली बिल कैसे आ सकता है? जब उन्होंने आपत्ति जताई, तो उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई और उल्टा बिजली चोरी का प्रकरण बना दिया गया। यह सरासर अन्याय है।"
Electricity bill dispute: अधीक्षण यंत्री से जवाब तलबकांग्रेस नेताओं ने अधीक्षण यंत्री परिहार से इस मामले में स्पष्ट जवाब मांगा। शुक्ला ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग के कर्मचारी मनमाने ढंग से मीटर रीडिंग भेज रहे हैं, जिसके कारण उपभोक्ताओं को अनुचित बिल भुगतान के लिए मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने कहा, "आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बिजली कनेक्शन काटे जा रहे हैं, और बिना ठोस सबूत के बिजली चोरी के प्रकरण बनाए जा रहे हैं।" कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि राजा खान के मामले की निष्पक्ष जांच नहीं की गई और इसका समाधान नहीं हुआ, तो वे बड़ा प्रदर्शन करेंगे।
प्रदर्शन में शामिल रहे ये नेताइस प्रदर्शन में कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला के साथ दीपक दीवान, मुजाहिद सिद्दीकी, विजेंद्र शुक्ला, अमित खत्री, संदीप सरवैया, तारिक अली और अन्य कार्यकर्ता शामिल थे। प्रदर्शनकारियों ने बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी की और अधीक्षण यंत्री से तत्काल कार्रवाई की मांग की।
Electricity bill dispute: बिजली चोरी का प्रकरण: क्या कहता है कानून?विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 के तहत बिजली चोरी के मामले दर्ज किए जाते हैं, जिसमें मीटर के साथ छेड़छाड़, अनधिकृत उपयोग, या कटिया डालकर बिजली लेना शामिल है। पहली बार पकड़े जाने पर जुर्माना और दूसरी बार पकड़े जाने पर जुर्माने के साथ गिरफ्तारी और 6-8 गुना जुर्माना लगाने का प्रावधान है। हालांकि, राजा खान के मामले में कांग्रेस का दावा है कि बिजली चोरी का आरोप बिना सबूत के लगाया गया, और यह केवल बिल जमा न करने का दबाव बनाने की रणनीति है।

बिजली विभाग की मनमानी का पुराना इतिहासभोपाल में बिजली बिलों को लेकर विवाद कोई नया नहीं है। हाल ही में, न्यू जेल रोड की द्वारकाधाम और गोकुलधाम कॉलोनियों में बिजली कंपनी ने बकाया बिलों के कारण 1150 घरों के कनेक्शन काट दिए थे, जिसके बाद लोगों ने गांधीनगर थाने का घेराव किया था। इसी तरह, ग्वालियर में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बिजली कटौती की शिकायतों पर औचक निरीक्षण कर जूनियर इंजीनियर को सस्पेंड किया था। ये घटनाएं बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती हैं।
कांग्रेस की मांग और भविष्य की रणनीतिकांग्रेस ने मांग की है कि राजा खान के बिजली बिल और बिजली चोरी के प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो। मनोज शुक्ला ने कहा, "यदि बिजली विभाग इस मामले का समाधान नहीं करता, तो हम सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेंगे।" उन्होंने यह भी कहा कि बिजली विभाग को उपभोक्ताओं की शिकायतों के लिए त्वरित निवारण तंत्र स्थापित करना चाहिए, ताकि आम लोगों को परेशानी न हो। उपभोक्ता टोल-फ्री नंबर 18002331912 या 0755-2551222 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं, लेकिन कई बार इन नंबरों पर भी समय पर समाधान नहीं मिलता।
आगे की राहयह घटना न केवल बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि आर्थिक रूप से कमजोर और विशेष रूप से दिव्यांग व्यक्तियों के साथ किस तरह का व्यवहार हो रहा है। कांग्रेस का यह प्रदर्शन भोपाल में चर्चा का विषय बन गया है, और अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि बिजली विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है। यदि जांच में राजा खान के दावों की पुष्टि होती है, तो यह बिजली विभाग की जवाबदेही और पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े करेगा।












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