मथुरा में धीरेंद्र शास्त्री की 'सनातन हिंदू एकता पदयात्रा' का समापन: 'हिंदू राष्ट्र' तक बौद्धिक यात्रा का ऐलान
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपनी बहुचर्चित 'सनातन हिंदू एकता पदयात्रा 2025' का मथुरा में भव्य समापन किया। यात्रा के अंतिम दिन कृष्ण जन्मभूमि के पास विशाल सभा में शास्त्री ने घोषणा की कि "आज से हम सभी भारत में सामाजिक समरसता की दिशा में काम करते हुए एक सतत बौद्धिक यात्रा शुरू करेंगे... ब्रज के लोग इसे मांस और मदिरा मुक्त बनाने का संकल्प लेंगे... यह यात्रा हमारे दिलों में जारी रहेगी, और जब तक भारत एक हिंदू राष्ट्र नहीं बन जाता, तब तक कोई आराम नहीं होगा..."
यह बयान न केवल हिंदू संगठनों में उत्साह भर रहा है, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नई बहस छेड़ रहा है। मथुरा, जो कृष्ण की जन्मस्थली है, में हजारों श्रद्धालु जुटे, जिन्होंने 'जय श्री राम' और 'हिंदू राष्ट्र की जय' के नारे लगाए। शास्त्री ने यात्रा को "शारीरिक से बौद्धिक क्रांति" की दिशा में मोड़ने का ऐलान किया, जो अब सोशल मीडिया, शिक्षा और सामाजिक सुधारों पर केंद्रित होगी। लेकिन 'हिंदू राष्ट्र' की बात ने विपक्ष को हमलावर बना दिया है, जबकि भाजपा ने इसे 'सांस्कृतिक जागरण' बताया।

यात्रा का समापन: मथुरा में 50,000+ श्रद्धालु, ब्रज को 'पवित्र भूमि' बनाने का संकल्प
यात्रा की शुरुआत 1 अक्टूबर 2025 को मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा से हुई थी, जो 45 दिनों में 10 राज्यों से गुजरी। अंतिम चरण में मथुरा पहुंची, जहां कृष्ण जन्मभूमि से गोवर्धन तक पदयात्रा निकली। समापन सभा में:
50,000+ श्रद्धालु: उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान से आए।
- मुख्य संदेश: सामाजिक समरसता, जातिवाद उन्मूलन, हिंदू एकता।
- ब्रज संकल्प: मथुरा-वृंदावन क्षेत्र को मांस-मदिरा मुक्त बनाने की अपील। शास्त्री ने कहा, "ब्रज कृष्ण की भूमि है। यहां मांस-मदिरा का व्यापार बंद हो।"
शास्त्री ने "बौद्धिक यात्रा" की रूपरेखा बताई:
- ऑनलाइन अभियान: यूट्यूब, X पर हिंदू संस्कृति की शिक्षा।
- स्कूल-कॉलेज कार्यक्रम: युवाओं में सनातन मूल्यों का प्रसार।
- सामाजिक सुधार: दहेज, जातिवाद, नशा मुक्ति अभियान।
- हिंदू राष्ट्र लक्ष्य: "संविधान में कोई बाधा नहीं। जनभावना से बनेगा।"
'हिंदू राष्ट्र' की बात: संवैधानिक बहस
शास्त्री का "जब तक भारत एक हिंदू राष्ट्र नहीं बन जाता, तब तक कोई आराम नहीं होगा" बयान सबसे विवादास्पद रहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह "सांस्कृतिक, नहीं राजनीतिक" हिंदू राष्ट्र होगा, जहां सभी धर्मों का सम्मान हो, लेकिन हिंदू मूल्य प्रधान हों।
भाजपा का समर्थन:
योगी आदित्यनाथ: "हिंदू संस्कृति की रक्षा जरूरी। यात्रा सकारात्मक।"
आरएसएस: "सांस्कृतिक जागरण स्वागतयोग्य।"
कानूनी नजरिया: संविधान के अनुच्छेद 25 धर्म की स्वतंत्रता देता है, लेकिन 'हिंदू राष्ट्र' की मांग असंवैधानिक नहीं, यदि शांतिपूर्ण हो।
यात्रा की उपलब्धियां: 10 राज्य, 45 दिन, लाखों जुड़े
विवादों का साया: मध्य प्रदेश से PIL, अब यूपी में निगरानी
मध्य प्रदेश में DPSS ने यात्रा को "गैर-संवैधानिक" बताकर सुप्रीम कोर्ट में PIL दायर की थी। अब उत्तर प्रदेश में पुलिस ने मथुरा सभा पर नजर रखी। शास्त्री ने कहा, "हम संविधान के दायरे में हैं।"
आगे की राह: बौद्धिक यात्रा की रूपरेखा
डिजिटल प्लेटफॉर्म: बागेश्वर धाम ऐप लॉन्च।
- शिक्षा अभियान: 100 स्कूलों में सनातन पाठ्यक्रम।
- सामाजिक कार्य: 50,000 पौधारोपण, नशा मुक्ति कैंप।
- हिंदू राष्ट्र संकल्प: 2026 में दिल्ली में महासभा।
- शास्त्री ने कहा, "पदयात्रा खत्म, लेकिन क्रांति शुरू।"
मथुरा की यह सभा 2028 चुनावों से पहले हिंदुत्व की नई लहर का संकेत है। क्या यह सांस्कृतिक पुनर्जागरण है या राजनीतिक ध्रुवीकरण? आने वाला समय बताएगा।












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