MP News: दतिया के उनाव में शर्मनाक घटना, सरपंच के पति को पीटा, मुंह काला कर जूतों की माला पहनाकर घुमाया
Datia Unav Sarpanch: दतिया जिले के उनाव कस्बे में रविवार को एक हैरान करने वाली घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। प्रेम-प्रसंग के शक में ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत सरपंच के पति के साथ न सिर्फ मारपीट की, बल्कि अमानवीय व्यवहार करते हुए उनका मुंह काला कर जूतों-चप्पलों की माला पहनाकर पूरे गांव में जुलूस निकाल दिया। इस घटना का वीडियो भी सामने आने के बाद मामला और गरमा गया है।
प्रेम-प्रसंग के शक में फूटा गुस्सा
जानकारी के अनुसार, उनाव निवासी 21 वर्षीय युवती 19 मार्च को अचानक घर से गायब हो गई थी। युवती की शादी महज एक महीने पहले, 20 फरवरी को हुई थी। शादी के बाद वह ससुराल गई, लेकिन वापस मायके आकर फिर ससुराल नहीं लौटी। इसी दौरान उसका गांव के ही सरपंच के भतीजे विशाल के साथ प्रेम-प्रसंग होने की बात सामने आई। परिजनों का आरोप है कि विशाल युवती को अपने साथ भगा ले गया, जिससे परिवार में आक्रोश फैल गया।

सरपंच के पति को बनाया निशाना
रविवार दोपहर युवती के परिजन और कुछ ग्रामीण सरपंच के घर पहुंच गए। उस समय सरपंच के पति लक्ष्मण वर्मा घर पर मौजूद थे। गुस्साए लोगों ने उन्हें पकड़ लिया और लात-घूसों से बेरहमी से मारपीट शुरू कर दी।
मारपीट के बाद भी जब भीड़ का गुस्सा शांत नहीं हुआ तो उन्होंने लक्ष्मण वर्मा का मुंह काला कर दिया और गले में जूतों-चप्पलों की माला पहना दी।
गांव में निकाला जुलूस, वीडियो वायरल
इसके बाद आरोपियों ने लक्ष्मण वर्मा को पूरे गांव में घुमाया। आगे-आगे पीड़ित और पीछे युवती के परिजन व ग्रामीण नारेबाजी करते हुए चल रहे थे। इस दौरान कई लोगों ने घटना का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। गांव में इस घटना के दौरान तनाव का माहौल बना रहा और लोग तमाशबीन बने रहे।
पुलिस पहुंची, भीड़ को खदेड़ा
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने सबसे पहले पीड़ित के गले से जूतों की माला हटवाई और उसे भीड़ से मुक्त कराया। इसके बाद जुलूस निकाल रहे लोगों को मौके से खदेड़ा गया। हालांकि, हैरानी की बात यह रही कि पीड़ित पक्ष की ओर से अब तक कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।
युवती लौटी, बयान ने बदला मामला
इसी बीच रविवार शाम को युवती भी वापस लौट आई। पुलिस को दिए अपने बयान में उसने साफ कहा कि वह अपनी मर्जी से गई थी और किसी ने उसे भगाया नहीं था।
युवती के इस बयान के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। अब यह सवाल उठ रहा है कि जब युवती खुद अपनी इच्छा से गई थी, तो फिर सरपंच के पति के साथ इस तरह की बर्बरता क्यों की गई।
कानून व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर कानून व्यवस्था और ग्रामीण क्षेत्रों में भीड़तंत्र (मॉब जस्टिस) पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिना किसी जांच और सत्यता की पुष्टि के एक व्यक्ति को सार्वजनिक रूप से अपमानित करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गांव में तनाव, प्रशासन अलर्ट
घटना के बाद उनाव कस्बे में तनाव की स्थिति बनी हुई है। पुलिस ने एहतियातन क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है और दोनों पक्षों को समझाइश दी जा रही है। यह मामला न सिर्फ सामाजिक संवेदनशीलता बल्कि कानून के राज को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पूरे मामले में क्या कार्रवाई करता है।












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