Datia News: कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े के नाम से फर्जी सोशल मीडिया आईडी, पैसों की मांग से मचा हड़कंप

MP Datia News: डिजिटल दौर में साइबर अपराधियों के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। अब ठगों ने सीधे जिले के सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी को ही निशाना बना लिया है।

दतिया जिला कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े के नाम और फोटो का दुरुपयोग कर अज्ञात फ्रॉड द्वारा फर्जी सोशल मीडिया आईडी बनाए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। इस फर्जी आईडी के जरिए लोगों से पैसों की मांग की जा रही है, जिससे प्रशासनिक हलकों में भी हड़कंप मच गया है।

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व्हाट्सएप और फेसबुक पर बनाई गई फर्जी आईडी

जानकारी के अनुसार साइबर ठग ने मोबाइल नंबर +84564948095 का इस्तेमाल कर व्हाट्सएप और फेसबुक पर कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े के नाम से फर्जी अकाउंट तैयार किया। इस अकाउंट में कलेक्टर की प्रोफाइल फोटो लगाकर लोगों को भ्रमित किया जा रहा है, ताकि सामने वाला व्यक्ति इसे असली समझकर पैसे भेज दे।

सूत्रों के मुताबिक कुछ लोगों को इस फर्जी आईडी से व्यक्तिगत संदेश भेजकर मदद के नाम पर रकम मांगने की कोशिश भी की गई है।

कलेक्टर ने जारी किया सार्वजनिक अलर्ट

मामले की जानकारी मिलते ही कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने तत्काल आम नागरिकों, सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को सतर्क किया है। कलेक्टर ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि-

"मेरे नाम या फोटो का उपयोग कर यदि कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया या फोन के माध्यम से पैसों की मांग करता है, तो वह पूरी तरह फर्जी है। ऐसे किसी भी संदेश, कॉल या लिंक पर विश्वास न करें और न ही किसी प्रकार का लेन-देन करें।" उन्होंने लोगों से अपील की है कि इस तरह के किसी भी संदिग्ध मैसेज या कॉल की सूचना तुरंत पुलिस या जिला प्रशासन को दें।

साइबर ठग लगातार बना रहे अधिकारियों को निशाना

गौरतलब है कि हाल के दिनों में साइबर अपराधी प्रशासनिक अधिकारियों, कलेक्टरों, एसपी और अन्य वरिष्ठ अफसरों के नाम से फर्जी सोशल मीडिया आईडी बनाकर लोगों को ठगने की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। कभी मदद के नाम पर तो कभी सरकारी काम या ट्रांसफर-पोस्टिंग का झांसा देकर लोगों से पैसे ऐंठे जा रहे हैं।

दतिया जिले में सामने आया यह मामला इस बढ़ते साइबर अपराध का ताजा उदाहरण है, जिसमें सीधे जिला कलेक्टर को ही निशाना बनाया गया।

पुलिस और साइबर सेल की नजर

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार मामले को गंभीरता से लेते हुए साइबर सेल को सूचित कर दिया गया है। फर्जी आईडी और संबंधित मोबाइल नंबर की तकनीकी जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपी तक पहुंचने के लिए डिजिटल ट्रेल खंगाली जा रही है।

आम लोगों के लिए जरूरी सावधानी

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि- किसी भी अधिकारी के नाम से आए मैसेज या कॉल पर तुरंत भरोसा न करें। बिना पुष्टि के किसी भी खाते में पैसे ट्रांसफर न करें। संदिग्ध सोशल मीडिया प्रोफाइल की रिपोर्ट करें। साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस थाने को सूचना दें। डिजिटल सतर्कता ही ऐसे फ्रॉड से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है।

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