MP News: मध्य प्रदेश में सायबर ठगों का बड़ा पर्दाफाश: शेयर मार्केटिंग में धोखाधड़ी के आरोप में पांच गिरफ्तार
Bhopal News: भोपाल की सायबर क्राइम ब्रांच ने शेयर मार्केटिंग में निवेश कराने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले एक संगठित गिरोह का खुलासा किया है। इस मामले में कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से दो शिवपुरी से और तीन सूरत, गुजरात से पकड़े गए हैं।
धोखाधड़ी का यह मामला तब सामने आया जब एक आवेदिका ने शिकायत की कि एमआरटीईई मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी के जरिए उसके नाती से संपर्क कर 9 लाख रुपये की ऑनलाइन धोखाधड़ी की गई।

जांच में पाया गया कि आरोपियों ने आवेदिका के नाती को शेयर मार्केट में इन्वेस्ट करने के लिए झांसा दिया और इस रकम को आरटीजीएस के माध्यम से उनके बैंक खाते में ट्रांसफर करा लिया।
तकनीकी जानकारी से मिली सफलता
पुलिस ने तकनीकी जानकारी का उपयोग करते हुए ठगों के बैंक खातों की पहचान की। शिवपुरी से आरोपी रामनाथ लोधी और उसके सहयोगी धनीराम जाटव को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा, सूरत से बांभनीया शांति, प्रजापति अश्विन भाई और परमार कमलेश भाई को भी गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों के पास से धोखाधड़ी में इस्तेमाल किए गए बैंक खाते भी बरामद हुए हैं।
गिरोह का कार्यप्रणाली
आरोपियों ने एक बड़े संगठित अपराध के तहत आवेदिका के नाती से संपर्क कर उसे शेयर मार्केटिंग में निवेश करने का झांसा दिया। उसके बाद, उन्होंने आवेदिका के नाती से 9 लाख रुपये की राशि बैंक में जमा करवा ली और उसे विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर नकद निकासी कर ली।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम
- रामनाथ लोधी (45 वर्ष) - शिवपुरी का रहने वाला, प्रॉपर्टी ब्रोकिंग का व्यवसाय करता है। इस गिरोह में उसके बैंक खाते का इस्तेमाल किया गया।
- धनीराम जाटव उर्फ शैलेन्द्र उर्फ मिन्टू (27 वर्ष) - शिवपुरी का निवासी, जो रामनाथ का खाता खरीदकर धोखाधड़ी में शामिल था।
- बांभनीया शांति (25 वर्ष) - सूरत का निवासी, जिसने अपने बैंक खाते का इस्तेमाल किया।
- प्रजापति अश्विन भाई (उम्र अज्ञात) - सूरत का निवासी, धोखाधड़ी में शामिल।
- परमार कमलेश भाई (29 वर्ष) - सूरत का निवासी, धोखाधड़ी में इस्तेमाल किए गए बैंक खाते का धारक।
आगे की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए सायबर क्राइम ब्रांच ने विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने और ऐसे धोखाधड़ी के मामलों में तुरंत शिकायत करने की अपील की है।
यह मामला सायबर धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों को लेकर एक चेतावनी है और इससे साफ है कि ऐसे गिरोहों के खिलाफ कठोर कार्रवाई आवश्यक है।












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