MP News: इंदौर में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के घर डकैती का प्रयास या साजिश, जानिए पूरा मामला
मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में एक सनसनीखेज घटना ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के घर पर शुक्रवार-सशनिवार (5-6 सितंबर 2025) की मध्यरात्रि को 5 से ज्यादा नकाबपोश बदमाशों ने डकैती का प्रयास किया।
बदमाशों ने न केवल जीतू पटवारी के बिजलपुर (राजेंद्र नगर) स्थित निवास और कार्यालय को निशाना बनाया, बल्कि आसपास के तीन अन्य घरों में भी सेंधमारी की। इस घटना ने मध्य प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजेंद्र नगर पुलिस मामले की जांच में जुटी है और CCTV फुटेज की गहन पड़ताल कर रही है।

क्या हुआ उस रात?
यह चौंकाने वाली घटना शुक्रवार देर रात करीब 2 बजे शुरू हुई, जब 5 से 7 नकाबपोश बदमाश जीतू पटवारी के बिजलपुर स्थित निवास पर पहुंचे। जीतू पटवारी के कार्यालय प्रभारी आशीष शर्मा के अनुसार, बदमाशों ने सबसे पहले घर की बिजली आपूर्ति काट दी, ताकि CCTV कैमरे काम न करें और उनकी हरकतें अंधेरे में छिपी रहें। इसके बाद, नकाबपोश बदमाशों ने घर के ऑफिस हिस्से में सेंधमारी की और वहां रखे लॉकर और दराज तोड़ डाले।
आश्चर्यजनक रूप से, बदमाशों ने मोबाइल फोन और अन्य कीमती सामान को देखा, लेकिन कुछ भी चुराया नहीं। इससे यह संदेह गहरा गया है कि यह कोई साधारण चोरी का प्रयास नहीं था, बल्कि इसके पीछे कोई बड़ा षड्यंत्र हो सकता है। बदमाश करीब ढाई घंटे (2 बजे से 4:30 बजे तक) तक बिजलपुर इलाके में घूमते रहे और इस दौरान उन्होंने पड़ोस के तीन अन्य घरों में भी सेंध लगाई। इन घरों में नगर पंचायत CMO राजकुमार ठाकुर, MPEB अधिकारी नरेंद्र दुबे, और आर्य परिवार का निवास शामिल है। इन घरों से क्या चुराया गया, यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है।
CCTV फुटेज: पड़ोसियों के कैमरों ने दी अहम जानकारी
जीतू पटवारी के घर में लगे CCTV कैमरे बिजली कटने की वजह से काम नहीं कर रहे थे, लेकिन पड़ोसियों नरेंद्र दुबे और राजकुमार ठाकुर के घरों में लगे कैमरों ने बदमाशों की कुछ गतिविधियों को कैद कर लिया। इस ग्रेनी फुटेज में नकाबपोश बदमाशों को रात में चुपके से इलाके में घूमते और जीतू पटवारी के घर की ओर बढ़ते देखा गया। राजेंद्र नगर पुलिस इस फुटेज को अपनी जांच का आधार बना रही है। थाना प्रभारी देवेंद्र मार्कम ने बताया, "हम फुटेज की गहन जांच कर रहे हैं। यह एक महत्वपूर्ण सुराग है, और जल्द ही बदमाशों तक पहुंचने की उम्मीद है।"
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस घटना में कुख्यात बैंक टांडा गिरोह की संलिप्तता की आशंका है। यह गिरोह पहले भी राजेंद्र नगर, राउ, और तेजाजी नगर में कई चोरियों और डकैतियों में शामिल रहा है। इस गिरोह के कई सदस्य पहले गिरफ्तार हो चुके हैं, लेकिन कुछ हाल ही में जमानत पर छूटे हैं और फिर से सक्रिय हो गए हैं।
जीतू पटवारी का बयान: "यह सिर्फ डकैती नहीं, बड़ा षड्यंत्र"
जीतू पटवारी ने इस घटना को लेकर मीडिया से कहा, "यह मध्य प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति को दर्शाता है। पांच से ज्यादा नकाबपोश बदमाश मेरे घर और ऑफिस में घुसे, बिजली काटी, लॉकर और दराज तोड़े, लेकिन कुछ चुराया नहीं। यह सिर्फ डकैती का प्रयास नहीं, बल्कि इसके पीछे कोई बड़ा षड्यंत्र लगता है।" उन्होंने यह भी बताया कि बदमाशों के पास धारदार हथियार थे, जिससे इस घटना की गंभीरता और बढ़ जाती है।
पटवारी ने मध्य प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, "यह घटना दिखाती है कि प्रदेश में अपराधी कितने बेखौफ हो गए हैं। अगर कांग्रेस अध्यक्ष का घर सुरक्षित नहीं है, तो आम लोगों की सुरक्षा का क्या हाल होगा?" उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ने की मांग की।
पड़ोसियों के घरों में भी सेंधमारी
बदमाशों ने जीतू पटवारी के घर के अलावा पड़ोस के तीन अन्य घरों को भी निशाना बनाया। इनमें नगर पंचायत CMO राजकुमार ठाकुर, MPEB अधिकारी नरेंद्र दुबे, और पुनासा के आर्य परिवार का घर शामिल है। इन घरों की खिड़कियों के जाल काटे गए और अंदर घुसकर सामान की तलाशी ली गई। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि इन घरों से कोई कीमती सामान चुराया गया या नहीं। सुबह जब इन घरों के निवासियों को नुकसान का पता चला, तो उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
नरेंद्र दुबे ने बताया, "मेरे घर की खिड़की का जाल कटा हुआ था, और कुछ सामान इधर-उधर बिखरा हुआ था। यह डरावना है कि बदमाश इतने बेखौफ होकर इतने समय तक इलाके में घूमते रहे।" राजकुमार ठाकुर ने कहा, "हमारे CCTV में बदमाश साफ दिख रहे हैं। पुलिस को जल्दी कार्रवाई करनी चाहिए।"
पुलिस की जांच और बैंक टांडा गिरोह पर शक
राजेंद्र नगर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है और जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी देवेंद्र मार्कम, जो पहले भी बैंक टांडा गिरोह के खिलाफ कार्रवाई कर चुके हैं, ने बताया कि इस गिरोह की कार्यशैली इस घटना से मिलती-जुलती है। उन्होंने कहा, "हम सभी संभावनाओं की जांच कर रहे हैं। पड़ोसियों के CCTV फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्य हमारे लिए महत्वपूर्ण हैं। जल्द ही बदमाशों को पकड़ लिया जाएगा।"
पुलिस ने इलाके में अतिरिक्त गश्त बढ़ा दी है और स्थानीय लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। साथ ही, स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन भी किया गया है, जो इस मामले की तह तक जाएगी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या यह डकैती का साधारण प्रयास था या इसके पीछे कोई राजनीतिक मकसद था।
जीतू पटवारी का राजनीतिक सफर और विवाद
जीतू पटवारी, जो राउ विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक और मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष हैं, पहले भी कई बार विवादों में रहे हैं। हाल ही में उनके काफिले पर रतलाम में धाकड़ समुदाय के लोगों ने हमला किया था, जिसमें उनकी गाड़ी का शीशा टूट गया था। इसके अलावा, 2021 में उन पर इंदौर नगर निगम की डेंगू उन्मूलन टीम के साथ कथित दुर्व्यवहार का आरोप लगा था। 2025 में उनके भाई भरत पटवारी और अन्य पर जमीन हड़पने का केस भी दर्ज हुआ था।
कानून-व्यवस्था पर सवाल
यह घटना मध्य प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाती है। हाल के महीनों में इंदौर में कई बड़ी चोरियाँ और डकैतियाँ सामने आई हैं। 2024 में एक बैंक में दिनदहाड़े डकैती और 2025 में रिटायर्ड हाईकोर्ट जज के घर चोरी की घटनाएँ भी सुर्खियों में थीं। जीतू पटवारी ने इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव और गृह मंत्रालय पर निशाना साधा और कहा, "प्रदेश में जंगलराज कायम हो गया है। सरकार अपराधियों पर नकेल कसने में नाकाम रही है।"












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