Bhopal MP News: कैलाश विजयवर्गीय के विवादित बयान पर कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन, महिलाओं ने बंगले को घेरा
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शुक्रवार को राजनीतिक तापमान अचानक चढ़ गया। कैबिनेट मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय के एक विवादित बयान के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनके बंगले का घेराव करने की कोशिश की। बड़ी संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं, खासकर महिलाओं ने जोरदार नारेबाजी की, लेकिन भारी पुलिस बल ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक लिया।
प्रदर्शन में शामिल अधिकांश महिलाओं को बयान का सटीक विवरण तो पता नहीं था, लेकिन वरिष्ठ कांग्रेस नेत्रियों ने इसे महिलाओं और भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का अपमान बताया। वन इंडिया हिंदी के संवाददाता एलएन मालवीय ने ग्राउंड पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से बातचीत की, जहां गुस्से और भ्रम की मिश्रित तस्वीर सामने आई। यह प्रदर्शन शाजापुर में दिए गए बयान के ठीक एक दिन बाद हुआ, जिसने पूरे राज्य में बहस छेड़ दी है।

विवाद का केंद्र: 'चौराहे पर बहन को चुंबन' - विजयवर्गीय का बयान जो सियासत गरमा गया
कैलाश विजयवर्गीय ने गुरुवार (25 सितंबर 2025) को शाजापुर जिले में दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर आयोजित एक कार्यक्रम में बिना नाम लिए लोकसभा विपक्ष नेता राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "हम पुरानी संस्कृति के लोग हैं। पुराने जमाने में लोग अपनी बहनों के गांव का पानी तक नहीं पीते थे, लेकिन आज के हमारे प्रतिपक्ष के नेता ऐसे हैं कि अपनी बहन को चौराहे पर चुंबन कर लेते हैं।" विजयवर्गीय ने इसे 'विदेशी संस्कृति का प्रभाव' और 'संस्कारों की कमी' बताया, तथा पूछा कि क्या कोई भाई अपनी बहन को सार्वजनिक रूप से ऐसा कर सकता है। मंच पर मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार और विधायक अरुण भीमावाद भी मौजूद थे।
यह बयान वायरल होते ही सियासी बवाल मच गया। कांग्रेस ने इसे भाई-बहन के रिश्ते का अपमान करार दिया, जबकि भाजपा ने इसे 'संस्कृति की रक्षा' का मुद्दा बताया। विजयवर्गीय ने बाद में सफाई दी: "मैं किसी रिश्ते की पवित्रता पर सवाल नहीं उठा रहा हूं। यह विपक्ष के आचरण पर टिप्पणी थी।" लेकिन सफाई से विवाद शांत होने का नाम नहीं ले रहा। यह पहली बार नहीं है जब विजयवर्गीय के बयानों ने सुर्खियां बटोरीं। जून 2025 में उन्होंने महिलाओं के कपड़ों पर टिप्पणी की थी, "मुझे ऐसी लड़कियां पसंद नहीं जो छोटे कपड़े पहनती हैं।" वहीं, जुलाई में इंदौर हत्याकांड पर उन्होंने कहा था कि 'अच्छे संस्कार दिए होते तो ऐसा नहीं होता।'
प्रदर्शन का ग्राउंड रिपोर्ट: बंगले पर उमड़ी भीड़, महिलाओं का गुस्सा और भ्रम
भोपाल के तुलसी नगर स्थित कैलाश विजयवर्गीय के बंगले के बाहर दोपहर 12 बजे से ही कांग्रेस कार्यकर्ता जुटने लगे। जिला कांग्रेस कमेटी भोपाल शहर की ओर से आयोजित इस प्रदर्शन में करीब 300-400 लोग शामिल हुए, जिसमें महिलाओं की संख्या 150 से अधिक थी। कार्यकर्ता 'कैलाश माफी मांगो', 'महिलाओं का अपमान बर्दाश्त नहीं', 'भाजपा की संस्कृति बंद करो' जैसे नारे लगाते हुए आगे बढ़े। लेकिन पुलिस ने मिनी टाटा बैरिकेडिंग और वाटर कैनन की धमकी देकर उन्हें 100 मीटर दूर रोक लिया। कोई हिंसा नहीं हुई, लेकिन हवा में तनाव छाया रहा।
वन इंडिया हिंदी के संवाददाता एल.एन. मालवीय ने प्रदर्शन स्थल पर महिलाओं से बात की। अधिकांश को बयान का पूरा संदर्भ नहीं पता था। एक युवा कार्यकर्ता रीता शर्मा ने कहा, "हमें बताया गया कि विजयवर्गीय जी ने बहनों का अपमान किया है। भाई-बहन का रिश्ता पवित्र है, इसे गंदा कैसे बना सकते हैं?" लेकिन जब विवरण पूछा, तो वे हिचकिचाईं। एक अन्य महिला, सुनीता पटेल ने बताया, "मैं तो बस पार्टी के आह्वान पर आई हूं। लेकिन महिलाओं की भावनाओं को ठेस पहुंची है, यह तो साफ है।" मालवीय ने नोट किया कि कई महिलाएं भ्रम में थीं - कुछ ने इसे 'महिलाओं के अधिकारों' से जोड़ा, तो कुछ ने 'संस्कृति' का मुद्दा बनाया।
वरिष्ठ कांग्रेस नेत्रियों ने स्पष्ट किया। नगर निगम नेता प्रतिपक्ष शाबिस्ता जकी ने कहा, "विजयवर्गीय का बयान न केवल राहुल जी और प्रियंका जी पर, बल्कि हर भारतीय बहन पर हमला है। चौराहे पर चुंबन को संस्कृति के खिलाफ बताना स्नेह को अपराध बनाना है। हमारी भावनाएं आहत हुई हैं।" प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा, "कैलाश बेशर्म हैं। भाई-बहन का रिश्ता पूरा देश जीता है, मां दुर्गा के दिनों में ऐसा अपमान असहनीय है।" पटवारी ने भाजपा पर 'महिला विरोधी मानसिकता' का आरोप लगाया। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने काले पोस्टर और तख्तियां लहराईं, जिन पर 'फासीवादी भाजपा मुद्दे' लिखा था।
भाजपा का बचाव: 'विपक्ष का आचरण', कांग्रेस पर पलटवार
भाजपा ने बयान को संदर्भ से जोड़कर बचाव किया। प्रदेश प्रवक्ता राकेश चंदेल ने कहा, "विजयवर्गीय जी ने विपक्ष के आचरण पर टिप्पणी की, न कि रिश्तों पर। कांग्रेस हमेशा विवाद खड़ी करती है।" मुख्यमंत्री मोहन यादव ने चुप्पी साधी, लेकिन एक भाजपा सांसद ने कहा, "यह विदेशी संस्कृति का प्रभाव है, विजयवर्गीय जी ने सही कहा।" सोशल मीडिया पर बहस तेज है।
महिलाओं की भागीदारी: संख्या में उछाल, लेकिन जागरूकता की कमी
प्रदर्शन में महिलाओं की बड़ी भागीदारी ने संदेश दिया कि महिला मुद्दे अब राजनीतिक हथियार बन रहे हैं। लेकिन मालवीय की रिपोर्ट से साफ है कि कई को मुद्दे की गहराई नहीं पता। एक वरिष्ठ नेत्री ने कहा, "हम जागरूकता अभियान चलाएंगे। महिलाएं सिर्फ संख्या नहीं, आवाज हैं।" विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे बयान लिंग असमानता को बढ़ावा देते हैं। समाजशास्त्री डॉ. मीरा सिंह ने बताया, "भाई-बहन का स्नेह सार्वजनिक होना सामान्य है, इसे संस्कृति के खिलाफ बताना रूढ़िवादी सोच है।"
आगे क्या? माफी की मांग, सियासत का नया दौर
यह प्रदर्शन मध्य प्रदेश की सियासत में नया अध्याय जोड़ सकता है। कांग्रेस इसे 'महिला सशक्तिकरण' से जोड़ रही है, जबकि भाजपा 'संस्कृति युद्ध' का रंग दे रही। विजयवर्गीय के बंगले पर तनाव बरकरार है, और पुलिस सतर्क। एल.एन. मालवीय की ग्राउंड रिपोर्ट से साफ है कि मुद्दा गहरा है - क्या यह बयानभाजी थमेगी, या और बवाल होगा? समय ही बताएगा।












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