SC-ST के साथ OBC अल्पसंख्यकों को साधने कांग्रेस ने बनाई रणनीति, आरक्षित 82 सीटों पर कमलनाथ का फोकस
mp congress News: मध्यप्रदेश में साल के आखिरी में विधानसभा चुनाव होना है, ऐसे में कांग्रेस और पीसीसी चीफ कमलनाथ दलित आदिवासी और अल्पसंख्यक क्षेत्र में कांग्रेस की सीट बढ़ाने को लेकर रणनीति तैयार कर रहे हैं। कांग्रेस का आदिवासी और दलित वोटरों पर पूरा फोकस है। मध्य प्रदेश प्रभारी जेपी अग्रवाल कांग्रेस के आदिवासी विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवाजी राव मोघे, के राजू और कमलनाथ ने प्रदेश में आरक्षित सीटों को लेकर बैठक की।
इस बैठक में तय किया गया कि आरक्षित सभी सीटों पर बड़े नेताओं के दौरे भी होंगे, वहीं स्थानीय नेताओं को एक-एक बूथ पर फोकस करने को भी कहा गया है। इन विधानसभा क्षेत्रों के समन्वयकों को भी अब पूरा समय देने के लिए निर्देश दिए गए हैं। बैठक में एससी एसटी विभाग के प्रदेश अध्यक्षों के साथ ही ओबीसी कांग्रेस और अल्पसंख्यक कांग्रेस के अध्यक्ष भी मौजूद थे।

प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में हुई बैठक में ऐसी एसटी ओबीसी और अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय प्रभारी राजू सिंह ने कहा कि प्रदेश की हर सीट पर इन चारों वर्गों की अहम भूमिका रहती है। इन सभी वर्गों के हमारे स्थानीय से लेकर प्रदेश स्तर तक के नेताओं को सभी सीटों पर सक्रिय रहना होगा। इससे पहले बैठक में समन्वयकों से 22 सीटों की रिपोर्ट ली गई।
82 सीटों पर खास फोकस
इस बैठक में खास तौर पर प्रदेश की आरक्षित 82 सीटों पर फोकस रहा है इन में से 35 सीटें अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित है। इनमें से कांग्रेस के पास अभी सिर्फ 14 सीटें है। हालांकि 2018 के चुनाव में कांग्रेस के पास ज्यादा सीटें थी, लेकिन उपचुनाव में हुए कुछ सीटों का नुकसान हुआ। वहीं अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित 45 सीटों में से कांग्रेस के पास 27 सीटें हैं विधानसभा चुनाव 2018 में कांग्रेस ने ज्यादा सीटें जीती थी, लेकिन उपचुनाव के बाद उसकी यह संख्या भी कम हो गई। प्रदेश में आदिवासी 22 और दलित 17 फीसदी हैं। दोनों वर्गों को करीब 120 सीटों पर निर्णायक भूमिका में माना जाता है।












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