OBC Reservation MP: कांग्रेस नेता का सीएम मोहन यादव पर तीखा प्रहार, कोर्ट में वकील न पहुंचने का आरोप
मध्य प्रदेश में OBC आरक्षण के मुद्दे पर राजनीतिक तापमान एक बार फिर तेज हो गया है। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि सरकार जानबूझकर OBC समाज को उसके संवैधानिक हक से वंचित रख रही है।
नेता ने कहा कि पिछली सुनवाई में राज्य सरकार का एक भी मुख्य वकील सुप्रीम कोर्ट में उपस्थित नहीं रहा, जिससे मामला लगातार टलता जा रहा है और अधूरी जानकारी पेश की जा रही है।

नेता ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखते हुए कहा, "जब कांग्रेस सरकार ने OBC वर्ग के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण वाला बिल विधानसभा में पारित कर दिया था, तो फिर आपकी सरकार को किस बात का समय चाहिए? प्रदेश के लाखों OBC बच्चे यह देख रहे हैं कि आपकी सरकार किस तरह उनके अधिकार छीनकर उनके साथ विश्वासघात कर रही है।"
पूरा पत्र और मुख्य आरोप
पत्र में कांग्रेस नेता ने लिखा: "मुख्यमंत्री मोहन यादव जी, OBC आरक्षण की पिछली सुनवाई में मध्य प्रदेश सरकार का एक भी मुख्य वकील न्यायालय में उपस्थित नहीं रहा। लगातार तारीख आगे बढ़वाकर और अधूरी जानकारी प्रस्तुत कर आपकी सरकार OBC समाज को उसके हक और अधिकार से वंचित रख रही है।
जब कांग्रेस सरकार ने OBC वर्ग के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण वाला बिल विधानसभा में पारित कर दिया था, तो फिर आपकी सरकार को किस बात के लिए समय चाहिए।
प्रदेश के लाखों OBC वर्ग के बच्चे यह देख रहे हैं कि आपकी सरकार किस तरह उनके अधिकार छीनकर उनके साथ विश्वासघात कर रही है। मेरा आपसे आग्रह है कि इन बच्चों की पीड़ा को समझते हुए, दलगत राजनीति से ऊपर उठकर, मध्य प्रदेश के युवाओं के भविष्य के लिए तत्काल 27 प्रतिशत आरक्षण लागू कीजिए।"
मुद्दे की पृष्ठभूमि
मध्य प्रदेश में OBC को 27% आरक्षण देने वाला बिल कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में विधानसभा से पारित हो चुका है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट में विभिन्न याचिकाओं के कारण इस पर रोक लगी हुई है। OBC समाज की ओर से लगातार मांग है कि राज्य सरकार कोर्ट में मजबूती से पक्ष रखे और 13% होल्ड पदों को अनहोल्ड कर 27% आरक्षण पूरी तरह लागू किया जाए।
आजाद समाज पार्टी, भीम आर्मी और अन्य संगठनों ने भी इसी मुद्दे पर 12 फरवरी को भोपाल में मुख्यमंत्री निवास घेराव की घोषणा की है। कांग्रेस नेता का यह पत्र अब राजनीतिक बहस को और गरमा सकता है।
कांग्रेस का दावा
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार OBC समाज को सिर्फ वोट बैंक समझती है और चुनाव के समय वादे करती है, लेकिन सत्ता में आने के बाद कार्रवाई में देरी करती है। उन्होंने कहा कि OBC युवा रोजगार और शिक्षा में आरक्षण के बिना पीछे छूट रहे हैं।
सरकार की ओर से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं
मुख्यमंत्री कार्यालय या भाजपा प्रदेश प्रवक्ता की ओर से इस पत्र पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, सूत्रों के अनुसार सरकार सुप्रीम कोर्ट में मजबूत पक्ष रखने की तैयारी में है और अगली सुनवाई में वरिष्ठ वकीलों को भेजने की योजना है।
OBC समाज में बढ़ता असंतोष
पिछले कुछ महीनों से OBC संगठन और राजनीतिक दल लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। 13% पदों का होल्ड और सुप्रीम कोर्ट में देरी से हजारों अभ्यर्थी प्रभावित हैं। कई युवा उम्र सीमा पार कर रहे हैं और नौकरियां छूट रही हैं। यह मुद्दा अब सिर्फ कानूनी नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक न्याय का बड़ा सवाल बन गया है। कांग्रेस का यह हमला भाजपा सरकार पर दबाव बढ़ाने की कोशिश है, जबकि सरकार इसे सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर निर्भर बता रही है।
आने वाले दिनों में 12 फरवरी के घेराव और संभावित और प्रदर्शनों से स्थिति और तनावपूर्ण हो सकती है।












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