राजनीति की किक: बयानवीरों पर सख्त हुई मध्य प्रदेश कांग्रेस
भोपाल। मध्य प्रदेश में चुनावों में लगातार हार झेल रही कांग्रेस अब उन सदस्यों पर कार्रवाई की तैयार कर रही है, जिनके बयानों से पार्टी को नुकसान हो रहा है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर व छिंदवाड़ा में इसी माह नगरपालिक निगम के चुनाव होने वाले हैं। उम्मीदवारी तय हो चुकी है, उम्मीदवारों के नामों के ऐलान के साथ पार्टी में विरोध के स्वर उठने लगे हैं। कांग्रेस के विभिन्न संगठनों से जुड़े पदाधिकारियों में इस बात को लेकर असंतोष है कि उनकी उपेक्षा की गई है।

असंतुष्ट युवक कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष कुणाल, भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के प्रदेशाध्यक्ष विपिन वानखेड़े और अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के मुहम्मद सलीम ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए बयान दे डाले।
संगठन ने कई बयानों को पार्टी की नीतियों के खिलाफ माना है। पार्टी के प्रमुख प्रवक्ता के.के. मिश्रा ने तो इन बयानवीरों को पद से हटाने तक के संकेत दिए हैं। उनका कहना है कि कई नेता ब्लैकमेल कर रहे हैं, जिन नेताओं ने पद से इस्तीफा देने या इस्तीफे की पेशकश के बयान दिए हैं, इन बयानों को पार्टी ने इस्तीफे की श्रेणी में मानते हुए पद से हटाने का मन बना लिया है।
मिश्रा आगे कहते हैं कि कांग्रेस 130 वर्ष पुरानी पार्टी है, कोई सब्जी मंडी नहीं है। लिहाजा बयानबाजी करने वालों को पद से हटना ही होगा। कांग्रेस संगठन बयानवीर पदाधिकारियों को पद से हटाकर यह संदेश देने की कोशिश कर रहा है कि अब अनुशासनहीनता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications