PM मोदी के पिता पर अरुण यादव की टिप्पणी पर भड़के CM शिवराज, बोले- "यही कांग्रेसी कल्चर" इनकी मोहब्बत की दुकान
मध्यप्रदेश में भले ही विधानसभा चुनाव होने में अभी कुछ महीनों का समय बाकी हो, लेकिन पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव के बयान ने प्रदेश की सियासत को गरमा दिया है। दरअसल कांग्रेस नेता अरुण यादव ने प्रधानमंत्री मोदी के भोपाल दौरे को लेकर विवादित बयान दिया है। जिसके बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पलटवार करते हुए कांग्रेस नेताओं को जमकर खरी-खोटी सुनाई है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट करते हुए लिखा कि आज कांग्रेस नेता अरुण यादव द्वारा प्रधानमंत्री के स्वर्गीय पिता पर जो अभद्र टिप्पणी की गई है, वह उनकी स्तरहीन मानसिकता का प्रतीक है। यही "कांग्रेसी कल्चर", इनकी मोहब्बत की दुकान है। मोदी देश का मान और देशवासियों का स्वाभिमान हैं। कांग्रेस रसातल में जा रही है और जब देश के यशस्वी व लोकप्रिय प्रधानमंत्री का सीधे मैदान में मुकाबला नहीं कर पा रही है, तो अभद्र और असभ्य भाषा पर उतर आई है। अरुण यादव द्वारा राजनैतिक मर्यादायें तार-तार की है, आपके बयान से मध्यप्रदेश शर्मिंदा है। अरुण यादव आपकी और कांग्रेस की इस कुंठा का जवाब मध्यप्रदेश की जनता देगी।

अरुण यादव इस बयान पर बचा है बवाल
मध्यप्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अरुण यादव बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे। इस दौरान जब मीडिया ने पीएम मोदी के भोपाल दौरे को लेकर सवाल किया तो उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि, जेपी नड्डा, मोदी और यहां तक कि उनके पिता जी भी आना चाहे तो आ सकते हैं हमें कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन मध्यप्रदेश में कांग्रेस की बदलाव की बयार है, जो स्पष्ट हमें नजर आती है।
सभी सिंधिया विधायक वापस आएंगे
इस बयान के अलावा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अरुण यादव (Arun Yadav) ने एक और बड़ा बयान दिया है उन्होंने कहा है कि उनके संपर्क में बीजेपी के सैकड़ों विधायक हैं। जिनकी कांग्रेस में वापसी हो सकती है। उन्होंने कहा सभी सिंधिया विधायक वापस आएंगे। जिसके बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया (jyotiraditya scindia) केवल अकेले रहे जाएंगे।
वीडी शर्मा ने भी किया पलटवार
अरूण यादव के इस विवादित बयान पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि जब-जब चुनाव की आहट आती है, कांग्रेस पार्टी के बदजुबान नेता अपनी ओछी टिप्पणियों एवं स्तरहीन भाषा से स्वतः ही पार्टी की बची हुई साख पर बट्टा लगाने पर उतारू हो जाते है। अरूण यादव की शब्दावली में जिस तरह प्रधानमंत्री जी के पिताजी के लिए उपयोग किया है, उससे आज अरूण यादव के स्व. पिताजी सुभाष यादव भी दुखी होंगे कि यह संस्कार मैंने अरूण को नहीं दिए। इस प्रकार की भाषा का उपयोग करना वे कहां से सीखे होंगे ? शर्मा ने कहा कि हम स्व. सुभाष यादव जी का सम्मान करते हैं क्योंकि हमारी संस्कृति और हमारे नेता नरेन्द्र मोदी ने यह संस्कार नहीं दिए कि राजनीति में चाहे पक्ष या विपक्ष में हो, जो व्यक्ति जीवित नहीं हो उसके लिए इस प्रकार की शब्दावली उपयोग करें।












Click it and Unblock the Notifications