CM मोहन यादव का बड़ा दावा: मध्यप्रदेश बना देश का फूड बास्केट, किसानों की आय दोगुनी करने का रोडमैप तैयार
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश अब केवल कृषि प्रधान राज्य नहीं रहा, बल्कि देश का "फूड बास्केट" बन चुका है। कृषि, दलहन उत्पादन और खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में प्रदेश को देश का अग्रणी राज्य बनाने का संकल्प लेकर सरकार आगे बढ़ रही है।
किसान, उद्योग और व्यापार-तीनों को एक साथ जोड़कर विकास का नया मॉडल तैयार किया जा रहा है, जिसमें जमीन से लेकर मशीन और टैक्स नीति तक हर स्तर पर सहयोग दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ यादव इंदौर में ऑल इंडिया दाल मिल एसोसिएशन की ग्रेन-एक्स इंडिया प्रदर्शनी के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत राज्य सरकार का स्पष्ट लक्ष्य किसानों की आय को दोगुना करना है। इसी दिशा में तुअर (अरहर) से मंडी टैक्स हटाया गया है, जिससे दाल मिल उद्योग को सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही उड़द और मसूर पर भी राहत देने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। उन्होंने दालों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि शाकाहारी संस्कृति में दालें प्रोटीन का सबसे बड़ा स्रोत हैं और यह गर्व की बात है कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा दाल उत्पादक और उपभोक्ता देश है। मूंग और मसूर जैसी दालें हमारे दैनिक जीवन और संस्कृति का अभिन्न हिस्सा हैं।
दूध, दलहन और खाद्य प्रसंस्करण पर बड़ा फोकस
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए दूध और दलहन फसलों के उत्पादन को प्राथमिकता दी जा रही है। प्रदेश में दूध उत्पादन को मौजूदा 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य तय किया गया है। मसूर और उड़द उत्पादन बढ़ाने के लिए शीघ्र ही बोनस देने की योजना लाई जाएगी। इसके साथ ही खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा देकर किसानों और उद्यमियों-दोनों को लाभ पहुंचाया जाएगा। इंदौर में उद्योग-व्यापार के विस्तार के लिए हरसंभव मदद की जाएगी।
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश के मध्य में स्थित है और रोड, रेल व हवाई-तीनों तरह की बेहतरीन कनेक्टिविटी उपलब्ध है। एयर कार्गो के विकास पर भी काम चल रहा है, जिससे कृषि और औद्योगिक उत्पादों के निर्यात को गति मिलेगी। दाल मिल उद्योग से जुड़े उद्यमियों, मशीन निर्माताओं, निर्यातकों, व्यापारियों और कृषकों के साथ राज्य सरकार की एक संयुक्त कार्यशाला शीघ्र ही भोपाल में आयोजित की जाएगी।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बदली वैश्विक छवि
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक छवि मजबूत हुई है। आज भारत के बजट और नीतियों का असर दुनिया भर में दिखता है। किसानों के हित सर्वोच्च प्राथमिकता हैं और सरकार उनके साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा तय की गई चार प्राथमिक श्रेणियां-गरीब, अन्नदाता (किसान), युवा और नारी-के विकास के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। अगले पांच वर्षों के लिए किसान कल्याण का स्पष्ट रोडमैप तैयार किया गया है और राज्य बजट को 15 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर से दोगुना करने का संकल्प लिया गया है।
कृषि में अग्रणी मध्य प्रदेश
मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश खाद्यान्न उत्पादन में देश में दूसरे स्थान पर है। राज्य की जीडीपी में कृषि क्षेत्र की हिस्सेदारी 39 प्रतिशत है और कृषि विकास दर लगभग 16 प्रतिशत के आसपास है। गेहूं, चना, मसूर और तिलहन फसलों में प्रदेश अग्रणी है। डेयरी, पशुपालन, मत्स्य, पुष्प, सब्जी और फल उत्पादन में भी मध्यप्रदेश अपनी अलग पहचान बना रहा है।
उद्योगपतियों को खुला निमंत्रण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अन्य राज्यों से आए उद्योगपतियों को आमंत्रित करते हुए कहा कि वे मध्यप्रदेश में निवेश करें। सरकार जमीन, मशीन, बिजली-पानी और टैक्स में रियायत सहित हरसंभव सहयोग देगी। लघु-कुटीर उद्योग और एमएसएमई को प्रोत्साहित करने के लिए रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव, रोड शो और नई औद्योगिक नीतियां लागू की गई हैं। औद्योगिक प्रोत्साहन के तहत अब तक 5500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि डीबीटी के माध्यम से उद्यमियों को दी जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि रोजगारपरक उद्योग लगाने पर सरकार श्रमिकों के वेतन सहयोग के रूप में 10 साल तक प्रति श्रमिक 5000 रुपये प्रतिमाह की प्रोत्साहन राशि दे रही है। श्रम कानूनों को सरल बनाया गया है और इंदौर की हुकुमचंद मिल के मजदूरों की बकाया राशि का भुगतान सुनिश्चित किया गया है। सरकार उद्योगपतियों और श्रमिकों-दोनों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।
फूड पार्क और नई मंडियों पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए खाद्य प्रसंस्करण गतिविधियों को बढ़ाया जा रहा है। जिलों में फूड पार्क और नई अनाज मंडियां विकसित की जाएंगी। फूड पार्क स्थापित करने वाले उद्योगपतियों को भी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री डॉ यादव ने लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर का स्मरण करते हुए कहा कि उनके सुशासन और लोककल्याण की परंपरा आज भी प्रेरणा है। उसी मार्ग पर चलते हुए मध्यप्रदेश को आर्थिक रूप से समृद्ध और किसानों को सशक्त बनाना सरकार का संकल्प है।












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