Chhatarpur News: दामोदर यादव मंडल की हुंकार: आडंबर और जातिवाद पर तीखा प्रहार, हजारों समर्थकों का संकल्प
chhatarpur damodar yadav: बुंदेलखंड की पावन धरती छतरपुर आज संकल्प और सामाजिक न्याय की हुंकार से गूंज उठी। आजाद समाज पार्टी (भीम आर्मी) के राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य एवं दलित प्रचंड समाज संगठन (डीपीएसएस) के राष्ट्रीय अध्यक्ष दामोदर यादव मंडल ने यहां विशाल जनसभा को संबोधित किया, जिसमें हजारों की संख्या में कार्यकर्ता, समर्थक और आमजन जुटे। सभा में जबरदस्त उत्साह और ऊर्जा देखने को मिली, जो दर्शाती है कि मंडल की मुखर आवाज अब बुंदेलखंड में भी तेजी से गूंज रही है।
यह जनसभा संकल्प यात्रा के अंतर्गत आयोजित की गई, जिसका मुख्य उद्देश्य ग्वालियर हाईकोर्ट परिसर में बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की भव्य प्रतिमा स्थापित करना है। यात्रा बुंदेलखंड में प्रवेश करते ही व्यापक जनसमर्थन प्राप्त कर रही है, और छतरपुर की यह सभा इसका सबसे बड़ा प्रमाण बनी। हजारों लोग सड़कों पर उतरे, नारे लगाए और संकल्प लिया कि अब सामाजिक न्याय की लड़ाई निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है।

अपने तीखे, बेबाक और जोशीले अंदाज में दामोदर यादव मंडल ने आडंबर, पाखंड, अंधविश्वास और जातिवाद पर सीधा प्रहार किया। उन्होंने कहा, "अब समय आ गया है कि हम आडंबर और पाखंड के जाल से बाहर निकलें। शिक्षा और संवैधानिक अधिकार ही समाज को आगे बढ़ाने का एकमात्र मार्ग हैं। बाबासाहेब ने हमें संविधान दिया, अब हमें उसी संविधान की रक्षा करनी है और उसके सिद्धांतों को जीवन में उतारना है। जातिवाद की जड़ों को उखाड़ फेंकने का समय आ गया है।"
मंडल ने यूजीसी बिल का समर्थन करते हुए कहा कि यह शिक्षा सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा में पारदर्शिता, समानता और गुणवत्ता लाने के लिए यूजीसी बिल आवश्यक है। साथ ही उन्होंने बाबासाहेब की प्रतिमा स्थापना के उद्देश्य पर जोर देते हुए कहा कि यह केवल एक प्रतिमा नहीं, बल्कि संविधान और सामाजिक न्याय के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक होगी।
सभा में पूर्व विधायक आरडी प्रजापति सहित आजाद समाज पार्टी-भीम आर्मी के वरिष्ठ नेता, कार्यकर्ता और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। मंच पर मौजूद सभी नेताओं ने संकल्प लिया कि यात्रा को सफल बनाने और ग्वालियर हाईकोर्ट में बाबासाहेब की प्रतिमा स्थापित करने तक यह संघर्ष जारी रहेगा।
छतरपुर की यह सभा अब राजनीतिक हलकों में चर्चा का प्रमुख विषय बन गई है। विशेष रूप से इसलिए क्योंकि छतरपुर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का गृह जिला है। मंडल के मुखर रुख और आडंबर विरोधी बयानों को कुछ धार्मिक संगठनों ने वैचारिक चुनौती के रूप में देखा है। वहीं दलित, पिछड़े और वंचित वर्गों में मंडल की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह सभा बुंदेलखंड में भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी की सक्रियता को नई ऊर्जा देगी, और आगामी पंचायत तथा विधानसभा चुनावों में दलित-पिछड़े वोटों की दिशा प्रभावित कर सकती है।
कार्यकर्ताओं का उत्साह देखते हुए कहा जा सकता है कि संकल्प यात्रा अब केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का आंदोलन बन चुकी है। छतरपुर की जनसभा ने साबित कर दिया कि बुंदेलखंड की धरती पर संकल्प की गूंज अब दूर तक जाएगी।












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