भोपाल नई दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस के पत्थरबाज बच्चों पर केस दर्ज, नाबालिगों ने जुर्म कबूला
Shatabdi express: मध्य प्रदेश के भोपाल में शताब्दी एक्सप्रेस के C-11 कोच में पथराव करने वाले कोई और नहीं बल्कि नाबालिग बच्चे थे। आरपीएफ जवानों की पड़ताल फिर पूछताछ के बाद दो नाबालिग ने अपना जुर्म कबूला हैं। उनके खिलाफ पुलिस ने केस भी दर्ज किया हैं।
दरअसल यह घटना 19 जुलाई को हुई थी। भोपाल से जब ट्रेन रवाना हुई तो ट्रेन में पत्थर मारा गया। जिससे सी-11 कोच का शीशा टूट गया था। इस घटना की खबर फौरन स्टेशन प्रबंधक और आरपीएफ को दी गई थी।
मामले की सूचना पर जब जांच के लिए आरपीएफ प्रभारी भोपाल पोस्ट सरिता बघेल, उप निरीक्षक अवधेश कुमार और प्रधान आरक्षक राकेश कुमार घटना स्थल पर पहुंचे। जहां कुछ बच्चे घूमते मिले। कई बच्चों से घटना के संबंध में जब पूछताछ हो रही थी, तभी घटना स्थल से कुछ दूर दो और बच्चे दिखे। जो हाथ में पत्थर लिए थे।

RPF को देखते ही वो बच्चे भागने लगे। बाद में जवानों ने पीछा करते हुए उन्हें पकड़ा। शुरू में तो बच्चे खुद को बेगुनाह बताते रहे। बाद में वह टूट गए और उन्होंने अपना जुर्म कबूल लिया। दोनों नाबालिगों ने बताया कि आसमानी रंग की ट्रेन जा रही थी तो उन्होंने पटरी के पास से पत्थर उठाया और ट्रेन के शीशे पर पत्थर मारा। दोनों नाबालिगों द्वारा अपराध स्वीकार करने के बाद उनके विरुद्ध कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। इसके बाद दोनों बच्चों के परिजनों को बुलाकर, नोटिस पर पाबंद कर सुपुर्द किया गया। इस मामले में भोपाल रेल मंडल के प्रवक्ता सूबेदार ने बताया कि इस प्रकार की घटनाओं से रेल राजस्व की हानि होती है तथा यात्रियों के जान-माल को खतरा उत्पन्न होता है। इसे देखते हुए आरपीएफ भोपाल मंडल द्वारा ट्रेनों पर पत्थर मारने की घटनाओं को गंभीरता से लिया जा रहा है। रेल सुरक्षा बल द्वारा रेल लाइन के किनारे रहने वाले लोगों को ट्रेन पर पत्थर नहीं मारने की घटनाओं को रोकने के लिए अभियान चला रहा है।












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