MP BJP की पूर्व महिला मंत्रियों ने कांग्रेस पर साधा निशाना कहा- नारी सम्मान योजना कर्जमाफी की तरह सिर्फ छलावा
एमपी में विधानसभा चुनाव को देखते हुए प्रदेश की आधी आबादी यानी महिलाओं को साधने के लिए कांग्रेस द्वारा घोषणा पत्र में शामिल की गई नारी सम्मान योजना को लेकर बीजेपी की महिला नेत्रियों ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा है।

BJP की प्रदेश प्रवक्ता और पूर्व मंत्री अर्चना चिटनीस, पूर्व मंत्री रंजना बघेल एवं मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम की अध्यक्ष इमरती देवी ने मंगलवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने नारी सम्मान योजना के नाम से नया फरेब शुरू किया है। जिसे कमलनाथ नारी सम्मान कह रहे है, वह नारी सम्मान नहीं बल्कि कांग्रेस कल्याण की कवायद है। 2018 विधानसभा चुनाव से पहले भी कर्जमाफी के नाम पर एक ऐसी ही धोखाधडी कमलनाथ ने सत्ता हथियाने के लिए प्रदेश के किसानों से की थी। जिसके कारण प्रदेश के किसान डिफाल्टर हुए। वही फरेब प्रदेश की बहनों से कमलनाथ नारी सम्मान योजना के नाम पर कर रहे है।
कांग्रेस के नेता महिलाओं को टंच माल कहते है: पूर्व मंत्री चिटनीस
पूर्व मंत्री अर्चना चिटनीस ने पत्रकारों से कहा कि कांग्रेस के नेता महिलाओं को टंच माल और आयटम कहते हैं। ऐसी कुत्सित मानसिकता रखने वाले कांग्रेस नेताओं से भला नारी सम्मान की उम्मीद कैसे की जा सकती है? मुख्यमंत्री रहते हुए कमलनाथ ने भाजपा सरकार में चल रही नारी सशक्तिकरण की सारी योजनाएं बंद कर दी थी, ऐसे कमलनाथ कैसे नारी सम्मान करेंगे ?
महिलाओं से पोषण आहार का निवाला छीनने वाले कमलनाथ को नारी सम्मान का शब्द शोभा नहीं देता: चिटनीस
पूर्व मंत्री अर्चना चिटनीस ने कहा कि आज कमलनाथ नारी सम्मान की बात कर रहे है। जबकि यही कमलनाथ जब 15 महीने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहते इन्होंने जनजातीय महिलाओं के पोषण आहार के लिए दी जाने वाली राशि रोककर उनके मुंह का निवाला छीना था। उन्होंने कहा कि जो बेटियां परीक्षा में अव्वल आती थीं, उन्हें सीएम शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार द्वारा मोबाइल और लेपटॉप दिये जाते थे और आगे की शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति दी जाती थी, लेकिन 15 महीने दुर्भाग्य से प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनी तो मुख्यमंत्री रहते कमलनाथ ने उन सारी योजनाओं को बंद कर दिया था। आज वही कमलनाथ नारी सम्मान योजना की बात कर रहे है, जो कि उन्हें शोभा नहीं देता।
पूर्व मंत्री अर्चना चिटनीस ने कहा कि बीजेपी की सरकार ने महिलाओं को स्थानीय एवं ग्रामीण निकाय में 50 प्रतिशत आरक्षण दिया साथ ही पुलिस नौकरियों में 33 प्रतिशत, अन्य भर्तियों में 33 प्रतिशत, पंच, सरपंच, जनपद सदस्य में से 17 हजार बहनें स्वसहायता समूह से बहनें सशक्त हुई है। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, कल्याणी योजना, निशक्तजन विवाह योजना के माध्यम से 1 हजार 700 करोड रूपए बहनों के खातों में पहुंचाने का काम किया है। इन योजनाओं से 6 लाख 20 हजार से अधिक बेटियां लाभान्वित हुई है।
चिटनीस ने कहा कि कांग्रेस के शासन में संस्थागत प्रसव कम था जो अब बढ़कर 90.70 प्रतिशत हुआ है। वहीं लिंगानुपात 912 से बढकर 956 हो गया है। बाल विवाह की दर 57 प्रतिशत से कम होकर 23.1 प्रतिशत हो गयी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता कमलनाथ सरकार को अपराधी मानती है क्योंकि उन्होंने किसान, युवा, महिला, वृद्ध जैसे हर वर्ग से वादाखिलाफी की, जिसकी सजा उन्हें मिली।
कमलनाथ ढोंग, छल, कपट के प्रतीक हैं: बघेल
पूर्व मंत्री रंजना बघेल ने कहा कि कमलनाथ ने विधानसभा चुनाव के पूर्व आजीविका मिशन से जुडी बहनों को लोन देने का वादा किया था लेकिन उन्होंने वादाखिलाफी की। जबकि भाजपा सरकार ने स्वसहायता समूह को आत्म निर्भर बनाने के लिए उन्हें लोन दिया। आज बडी संख्या में स्वसहायता समूह के माध्यम से महिलाएं सशक्त हुई है। कमलनाथ ढोंग, छल, कपट, छद्म के प्रतीक है।
बघेल ने कहा कि कमलनाथ किस मुंह से नारी सम्मान की बातें कर रहे है जबकि उन्हीं की पार्टी के नेता सज्जन सिंह वर्मा महिलाओं को लेकर अनर्गल बातें करते है। आदिवासी समाज की गौरव राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मू को लेकर कांग्रेस नेता अधीर रंजन अशोभनीय टिप्पणी करते है। वहीं दिग्विजय सिंह महिलाओं को टंच माल कहते है और कमलनाथ स्वयं महिलाओं को आयटम बताते है। एक तरफ कांग्रेस महिलाओं के सम्मान की बात करती है वहीं दूसरी ओर उन्हीं के नेता कुत्सित मानसिकता का परिचय देते है। जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण कांग्रेस नेता उमंग सिंगार है।
कमलनाथ सरकार में महिलाओं का लगातार अपमान हुआ: इमरती देवी
मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम की अध्यक्ष और पूर्व मंत्री इमरती देवी ने कहा कि कमलनाथ जब मुख्यमंत्री थे तब उन्होंने कन्यादान योजना में किसी भी बेटी का विवाह नहीं नहीं किया और लाडली लक्ष्मी योजना का लाभ भी किसी बेटी को नहीं दिया। उन्होंने कहा कि आज कमलनाथ महिला सम्मान की बात करते है लेकिन इन्हीं कमलनाथ ने भरे मंच से ''आयटम'' कहकर मुझे अपमानित करने का काम किया। और अब जब विपक्ष में है तो नारी सम्मान योजना के नाम पर महिलाओं को भ्रमित कर रहे है।
पूर्व मंत्री इमरती देवी ने कहा कि कमलनाथ सरकार के समय केन्द्र सरकार ने आंगनवाडी कार्यकर्ता और सहायिका के लिए 1500 रूपए वेतन वृद्धि की, लेकिन तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ ने वेतन वृद्धि न करके महिलाओं से उनका हक छीना। उन्होंने कहा कि कमलनाथ सरकार में महिलाओं का लगातार अपमान हुआ, लेकिन आज चुनाव पास में है तो नारी सम्मान की बडी बडी बातें कर रहे है। लेकिन मध्यप्रदेश की बहनें कांग्रेस और कमलनाथ को वोट नहीं देने वाली।












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