MP News: भगवान बिरसा मुंडा जयंती होगी खास, मंत्री विजय शाह ने बताया ऐसे मनाया जाएगा जनजातीय गौरव दिवस
मध्य प्रदेश में जनजातीय गौरव का उत्सव सजने को तैयार है। भगवान बिरसा मुंडा के 150वें जन्मदिवस पर 15 नवंबर को 'जनजातीय गौरव दिवस' पूरे राज्य में धूमधाम से मनाया जाएगा। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक हेमंत खंडेलवाल और जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने शुक्रवार (7 नवंबर 2025) को प्रदेश BJP कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में आयोजनों का खाका बयां किया।
खंडेलवाल ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह दिवस पूरे देश में मनाया जा रहा है। मध्य प्रदेश में सरकार, BJP कार्यकर्ता और समाज के लोग उत्साहपूर्वक इसमें शामिल होंगे।" शाह ने बताया कि जनजातीय गौरव यात्राओं के समापन समारोह से पीएम मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ेंगे, जहां जनजातीय प्रतिभाओं का सम्मान होगा।

11 नवंबर से 24 जिलों की 47 जनजातीय बहुल विधानसभाओं से गौरव यात्राएं निकलेंगी, जो चार दिनों तक चलेंगी। यह आयोजन न केवल भगवान बिरसा मुंडा के संघर्ष को याद करेगा, बल्कि जनजातीय समाज के योगदान को राष्ट्रीय पटल पर उजागर करेगा। आइए, जानते हैं इस भव्य आयोजन की पूरी रूपरेखा - यात्राओं के रूट से लेकर कार्यक्रमों, सम्मान और पीएम मोदी की भूमिका तक।
जनजातीय गौरव दिवस का महत्व: भगवान बिरसा मुंडा का 25 साल का जीवन, धरती आबा की अमर गाथा
भगवान बिरसा मुंडा का जन्म 15 नवंबर 1875 को झारखंड के एक किसान परिवार में हुआ था। मात्र 25 वर्ष की आयु में उन्होंने आदिवासी समाज को नई दिशा दी। BJP प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने प्रेस वार्ता में कहा, "बिरसा मुंडा की शिक्षा मिशनरी स्कूल में हुई, लेकिन उन्होंने पारंपरा को प्राथमिकता दी।
उन्होंने आदिवासियों के शोषण को देखा - सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक - और अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह किया। 1900 में गिरफ्तार हुए, और कुछ दिनों बाद मृत्यु हो गई। लेकिन इतनी कम उम्र में उन्होंने शराबबंदी, चोरी-झूठ से दूर रहने जैसे नियम बनाए। आदिवासी समाज उन्हें 'धरती आबा' - धरती के भगवान - मानता है।"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2021 में 15 नवंबर को 'जनजातीय गौरव दिवस' घोषित किया। 2025 बिरसा मुंडा का 150वां जन्मदिवस वर्ष है, जिसे 'जनजातीय गौरव वर्ष' के रूप में मनाया जा रहा है। मध्य प्रदेश में 21% आबादी जनजातीय है (भिल, गोंड, बैगा, कोरकू), और यह आयोजन उनके योगदान को सम्मान देगा। खंडेलवाल ने कहा, "यह दिवस स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय नायकों की भूमिका को उजागर करेगा।"
जनजातीय गौरव यात्राओं का खाका: 11 नवंबर से 24 जिलों की 47 विधानसभाओं से निकलेंगी, 15 नवंबर को समापन
मध्य प्रदेश में 11 नवंबर से जनजातीय गौरव यात्राएं शुरू होंगी, जो चार दिनों (11-14 नवंबर) तक चलेंगी। BJP प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने बताया, "24 जिलों की 47 जनजातीय बहुल विधानसभाओं से यात्राएं निकलेंगी। ये हरदा, अनूपपुर, डिंडोरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, रतलाम, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, बैतूल, कटनी, बुरहानवी, खंडवा, जबलपुर, उमरिया और देवास जिलों को कवर करेंगी।"
यात्राओं का रूट और कार्यक्रम:
रूट: प्रत्येक विधानसभा से शुरू होकर जिला मुख्यालय तक, फिर समापन स्थल (जबलपुर और अलीराजपुर)।
कार्यक्रम: जनजातीय स्वाभिमान सम्मेलन, विशिष्ट जनजातीय व्यक्तियों का सम्मान, कॉलेजों/विश्वविद्यालयों में कथाएं, जनजातीय स्मारकों/देवस्थानों की सफाई-संरक्षण, दीपोत्सव। चौपालों का आयोजन, रात्रि विश्राम गांवों में।
समापन: 15 नवंबर को जबलपुर में बड़ा समारोह, जहां पीएम मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़ेंगे। अलीराजपुर में भी क्षेत्रीय समापन।
उद्देश्य: जनजातीय युवाओं को प्रेरित करना, स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान को याद करना। यात्राओं में तिरंगा यात्रा, सांस्कृतिक कार्यक्रम।
खंडेलवाल ने कहा, "ये यात्राएं जनजातीय समाज को मुख्यधारा से जोड़ेंगी। BJP कार्यकर्ता, सरकार और समाज सब सहभागी होंगे।"
पीएम मोदी का जुड़ाव: समापन समारोह से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, जनजातीय प्रतिभाओं का सम्मान
जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने बताया, "जनजातीय गौरव दिवस के समापन पर जबलपुर में बड़ा कार्यक्रम होगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़ेंगे।" शाह ने कहा, "विभिन्न क्षेत्रों की जनजातीय प्रतिभाओं को सम्मानित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से अनुरोध किया है कि वर्ल्ड कप विजेता महिला क्रिकेट टीम की मध्य प्रदेश की खिलाड़ी क्रांति गौड़ को 1 करोड़ रुपये का सम्मान इस कार्यक्रम में दिया जाए।"
अन्य सम्मान:
- विदेशों में उच्च शिक्षा प्राप्त जनजातीय छात्रों को आमंत्रण, आने-जाने का खर्च सरकार वहन करेगी।
- गायन, वादन, अभिनय क्षेत्र की प्रतिभाओं को पुरस्कार।
- जनजातीय कला प्रदर्शन, लोक नृत्य, कथाएं।
शाह ने कहा, "यह आयोजन जनजातीय समाज को सशक्त बनाएगा। मोदी जी का जुड़ना इसे राष्ट्रीय स्तर का देगा।"
भगवान बिरसा मुंडा की अमर गाथा: 25 साल का जीवन, आदिवासी सुधार का संदेश
खंडेलवाल ने बिरसा मुंडा की कथा सुनाई: "बिरसा का जन्म 15 नवंबर 1875 को झारखंड के उलिहातु गांव में हुआ। मिशनरी स्कूल में पढ़े, लेकिन सांस्कृतिक हमलों को देखा। उन्होंने उलगुलान (महाविद्रोह) का नेतृत्व किया, अंग्रेजों के खिलाफ आदिवासियों को एकजुट किया। 1900 में गिरफ्तार, जेल में मृत्यु। लेकिन उनके नियम - शराबबंदी, नैतिकता - आज भी प्रासंगिक।" मध्य प्रदेश में जनजातीय स्मारकों पर सफाई, दीपोत्सव होगा।
BJP कार्यालय में प्रेस वार्ता: हेमंत खंडेलवाल और विजय शाह का संयुक्त संबोधन
प्रेस वार्ता में प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी, मीडिया प्रभारी आशीष उषा अग्रवाल, अजजा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष पंकज टेकाम और प्रवक्ता डॉ. दुर्गेश केसवानी उपस्थित रहे। खंडेलवाल ने कहा, "यह दिवस जनजातीय समाज के गौरव का प्रतीक। BJP और सरकार मिलकर इसे भव्य बनाएंगे।" शाह ने जोर दिया, "जनजातीय प्रतिभाओं को मुख्यधारा से जोड़ना हमारा लक्ष्य।"












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