Bhopal News: लाल परेड तिराहे पर ट्रैफिक पुलिस से भिड़ा ई-रिक्शा चालक, पत्नी ने खाई चूहामार दवा
Bhopal Traffic Police: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के सबसे व्यस्त और संवेदनशील इलाकों में शामिल लाल परेड ग्राउंड के सामने स्थित पुलिस कंट्रोल रूम तिराहा गुरुवार दोपहर अचानक हाई वोल्टेज ड्रामे का केंद्र बन गया। दोपहर करीब 1:30 बजे एक मामूली ट्रैफिक चालान का मामला इतना बढ़ गया कि सड़क पर जाम लग गया, पुलिस वाहन पलट गए और पूरा इलाका अफरा-तफरी में बदल गया।
ई-रिक्शा चालक और ट्रैफिक पुलिस के बीच शुरू हुआ विवाद कुछ ही मिनटों में पारिवारिक त्रासदी में तब्दील हो गया, जब चालक की पत्नी ने कथित तौर पर चूहामार दवा खा ली।

रेड लाइट से शुरू हुआ विवाद
जानकारी के मुताबिक बरखेड़ी निवासी नवल कुशवाहा उर्फ राहुल अपनी पत्नी पूजा कुशवाहा के साथ ई-रिक्शा से भोपाल रेलवे स्टेशन से न्यू मार्केट की ओर जा रहे थे। जैसे ही उनका वाहन लाल परेड तिराहे पर पहुंचा, ट्रैफिक पुलिस ने उन्हें रेड लाइट तोड़ने के आरोप में रोक लिया। पुलिसकर्मियों ने वाहन के दस्तावेज मांगे और चालान की कार्रवाई शुरू की।
यहीं से बहस तेज हो गई।
चालक नवल का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने सख्ती दिखाते हुए वाहन जब्त करने और थाने ले जाने की चेतावनी दी, जिससे वह और उसकी पत्नी मानसिक दबाव में आ गए।
तनाव में पत्नी ने खाई चूहामार दवा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बहस के दौरान माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। नवल का दावा है कि चालान और पुलिस कार्रवाई की बात सुनकर उसकी पत्नी पूजा घबरा गई और उसने अपने पास रखी चूहामार दवा खा ली।
कुछ ही मिनटों में पूजा की तबीयत बिगड़ने लगी - उल्टियां शुरू हो गईं, सांस लेने में परेशानी होने लगी और मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया।
सड़क पर जाम, पलटी पुलिस बाइक
पत्नी की हालत बिगड़ते देख चालक का गुस्सा फूट पड़ा। नवल ने अपना ई-रिक्शा सड़क के बीचों-बीच खड़ा कर दिया, जिससे लाल परेड तिराहे पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक गुस्से में उसने वहां खड़ी पुलिस की मोटरसाइकिलें पलट दीं और पुलिसकर्मियों से तीखी बहस करने लगा। देखते ही देखते मौके पर भीड़ जमा हो गई और पूरा इलाका तनावपूर्ण हो गया।
कंट्रोल रूम के अंदर भी 15 मिनट तक हंगामा
स्थिति तब और बिगड़ गई जब नवल अपनी पत्नी को लेकर सीधे पुलिस कंट्रोल रूम के अंदर घुस गया। करीब 15 मिनट तक वहां जोरदार हंगामा चलता रहा। पुलिस अधिकारियों ने समझाइश देकर स्थिति को नियंत्रित किया और तुरंत महिला को इलाज के लिए 1250 अस्पताल (जवाहरलाल नेहरू अस्पताल) भेजा गया।
अस्पताल में जिंदगी की जंग
अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार पूजा ने संभवतः जिंक फॉस्फाइड युक्त जहरीला पदार्थ निगल लिया था। जिससे-
- पेट में तेज जलन
- लगातार उल्टियां
- सांस लेने में दिक्कत
- जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो गई।
उसे तत्काल आईसीयू में भर्ती कर एंटीडोट और इमरजेंसी उपचार दिया गया।
डॉक्टरों ने राहत की खबर देते हुए बताया कि अब महिला खतरे से बाहर है, हालांकि अभी निगरानी में रखा गया है।
पुलिस का पक्ष
ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चालक ने वास्तव में रेड लाइट का उल्लंघन किया था और आवश्यक दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं किए। चालान की प्रक्रिया जारी थी, तभी महिला द्वारा जहरीला पदार्थ खाने की सूचना मिली और तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया गया। मामले में आत्महत्या के प्रयास से जुड़ी धारा के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि जांच में दोनों पक्षों के बयान लिए जाएंगे।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
- घटना के वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही बहस छिड़ गई।
- कुछ लोग ट्रैफिक नियमों के पालन को जरूरी बता रहे हैं
- तो कई लोग पुलिस की सख्ती पर सवाल उठा रहे हैं
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगीं। विपक्षी नेताओं ने इसे आम नागरिकों पर दबाव का मामला बताया, जबकि सत्ता पक्ष ने नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई को सही ठहराया।
बड़ा सवाल - चालान या संवेदनशीलता?
राजधानी भोपाल में रोजाना सैकड़ों चालान कटते हैं, लेकिन लाल परेड तिराहे की यह घटना पुलिस और आम नागरिकों के बीच बढ़ते तनाव को उजागर करती है। एक मामूली ट्रैफिक उल्लंघन कैसे कुछ ही मिनटों में पारिवारिक संकट और कानून-व्यवस्था की चुनौती बन गया - यह अब जांच का विषय है। फिलहाल पूजा कुशवाहा अस्पताल में उपचाराधीन है और पूरा परिवार सदमे में बताया जा रहा है। अब सबकी नजर पुलिस जांच रिपोर्ट पर टिकी है।












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