Bhopal News : 13 दिनों से मैनिट परिसर में घूम रहा 'टाइगर' वन विभाग के पिंजरे में हुआ कैद
MANIT में पिछले 13 दिनों से घूम रहे बाघ (Tiger) को वन विभाग की टीम ने सुरक्षित पकड़ लिया है। पकड़े गए Tiger को सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में शिफ्ट किया जाएगा।
भोपाल (Bhopal) के मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MANIT) में पिछले 13 दिनों से घूम रहे बाघ (Tiger) को वन विभाग की टीम ने सुरक्षित पकड़ लिया है। डीएफओ आलोक पाठक ने बताया कि मैनिट परिसर में पिछले 2 सप्ताह से अधिक समय से एक टाइगर के देखे जाने की सूचना मिल रही थी। इसके बाद वन विभाग लगातार बाघ की निगरानी कर रहा था। मैनिट परिसर में एक पिंजरा भी लगाया गया था। जिसमें कल रात को यह बाघ (Tiger) कैद हो गया। उन्होंने बताया कि पकड़े गए बाघ को सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में शिफ्ट किया जाएगा।

कैसे पकड़ाया बाघ
बता दे यह बाघ 2 अक्टूबर को सबसे पहले मैनिट परिसर में छात्रों को दिखाई दिया था। बाघ से हॉस्टल की दूरी महज डेढ़ किलोमीटर थी। बाघ ने इन 13 दिनों में 5 गायों का शिकार भी किया। जिसके बाद वन विभाग की टीम ने जिसे खदेड़ने की जगह पकड़ने की योजना बनाई और कल रात को वन विभाग की टीम ने दूसरा पिंजरा लगाया। जिसमें उन्होंने बाघ के लिए पिंजरे में एक शिकार भी छोड़ा। जैसे ही बाघ पिंजरे में शिकार करने के लिए आया और पिंजरे में कैद हो गया। DFO आलोक पाठक ने बताया कि अब इस बाघ को सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में छोड़ा जाएगा।

13 दिनों तक वन विभाग को देता रहा चकमा
मैनिट परिसर में पकड़ाया बाघ पिछले 13 दिनों से वन विभाग के कर्मचारियों के लिए सिरदर्द बना हुआ था। दरअसल वन विभाग पहले इसे रातापानी या वाल्मी की पहाड़ियों में खदेड़ना चाहता था। इसके लिए वन विभाग ने कई ट्रैप कैमरे भी लगाए। लेकिन बाघ हमेशा अपनी लोकेशन बदलता रहा। एक-दो बार ट्रैप कैमरे में कैद भी हुआ। लेकिन बीच बीच में गायब हो गया। सुरक्षा के लिए 50 वन कर्मियों की टीम लगाई गई थी। जिसके बाद कल रात को धन विभाग की टीम ने इसे खदेड़ने की जगह पकड़ने के लिए नीति तैयार की और दूसरा पिंजरा लगाया गया। जिसके बाद आज बात को 12 बजे के आस-पास पिंजरे में पकड़ लिया गया।

चूना भट्टी चौराहे से 4 किलोमीटर दूर 4 घंटे घूमता रहा बाघ
बता दे शनिवार को चुना भट्टी चौराहे के पास करीब 4 घंटे तक बाघ घूमता रहा। सुरक्षाकर्मी मानसिंह व एक अन्य ने बताया कि वह भयभीत हो गए थे। उन्होंने दहाड़ सुनकर खुद को गार्ड रूम में बंद कर लिया था। जिसके बाद बाकी खोजबीन की गई उसके पग मार्ग भी मिले जिनकी पहचान की जा रही है इस बात की पुष्टि भी हुई कि बाल्मीकि पारी में बात के वापस लौटने के पगमार्क मिले है। डीएफओ आलोक पाठक का कहना है कि यह बाघ वाल्मी के अंदर घूमने वाला ही है। यह नहीं कह सकते की फुटप्रिंट की पहचान की गई। उन्होंने दूसरे बाघ होने की आशंका जताई है।

वन विभाग ने पकड़ने के बाद की जांच
बीते दो सप्ताह से मैनिट परिसर में घूम रहे बाघ को वन विभाग ने पकड़ने के बाद उसकी जांच की। टाइगर पूरी तरह ठीक हैं। डीएफओ आलोक पाठक ने बताया कि अभी कुछ दिन टाइगर के मूवमेंट पर नजर रखी जाएगी। उसके बाद उसे सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में शिफ्ट करने की तैयारी की जाएगी।












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