Bhopal: केंद्रीय जेल में नशे की कीमत सोने से महंगी, ₹10 के तंबाकू की कीमत जेल के अंदर जाने पर हो जाती है ₹1000
भोपाल की केंद्रीय जेल के अंदर बंदियों को तंबाकू दिया जा रहा था और इसके बदले 100 गुना तक कीमत वसूली जा रही थी। जेल के कर्मचारी कपड़ों में तंबाकू के पैकेट छुपाकर जेल के अंदर पहुंचाने का काम कर रहे थे।

मध्य प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती लगातार नशे के खिलाफ अभियान छेड़ी हुई हैं। उमा भारती लगातार शराब नीति में संशोधन की मांग कर रही हैं। वहीं प्रदेश में लोग नशे के लिए कितना भी पैसा देने को तैयार है। ऐसा इसलिए क्योंकि जेल में गुटका, तंबाकू, सिगरेट इत्यादि पर पूरी तरह से प्रतिबंध है। इसके बावजूद भोपाल की जेल के अंदर बंदियों को तंबाकू दिया जा रहा था और इसके बदले 100 गुना तक कीमत वसूली जा रही थी। केंद्रीय जेल के कर्मचारी कपड़ों में तंबाकू के पैकेट छुपाकर जेल के अंदर पहुंचाने का काम कर रहे थे। जानकारी के अनुसार 1 साल में तीन जेल कर्मियों को जेल प्रबंधन ने जेल में तंबाकू की तस्करी करने के आरोप में पकड़ा है।
जेल में बंदियों को खाने पीने की सुविधा जेल मैन्युअल के हिसाब से मिलती है। बंदियों को खाने और अन्य किसी वस्तु के लिए कैंटीन की सुविधा है। एक माह में वह ₹1000 तक की सामग्री खरीद सकते हैं। हालांकि जेल में बीड़ी, सिगरेट, गुटका, तंबाकू पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा हुआ है। बताया जाता है कि जेल जाने के बाद बंदी नशे की तलब लगने पर बुरी तरह बेचैन होने लगते हैं, ऐसी स्थिति में वे नशे का शौक पूरा करने के लिए नशे के सामान की कोई भी कीमत चुकाने को तैयार हो जाते हैं।
कैसे पहुंचता है बंदी तक सामान
बंदी नशे में का सामान बुलाने के लिए जेल के कर्मचारियों से सौदा करते हैं। इसके लिए वे परिजन या गिरोह के लोगों को जेल के बाहर रुपए लेकर मिलने की बात तय करते हैं। लालच में आकर जेल कर्मी जेल में अंदर जाते समय अंडर गारमेंट में तंबाकू, चूना के पैकेट छिपाकर ले जाते हैं। हाल में ही जेल से छूटे एक आदतन अपराधी ने बताया कि पान की दुकान पर मात्र ₹10 में मिलने वाले तंबाकू के पैकेट की कीमत जेल के अंदर जाते ही एक हजार रुपये पर हो जाती है। इसी तरह 20-22 रुपए में बाजार में मिलने वाले बीड़ी के बंडल की कीमत जेल के अंदर जाते ही ₹1000 हो जाती है। जेल के अधिकारी नशे के कारोबार के बारे में कुछ भी बताने से बच रहे हैं, लेकिन इस बात को स्वीकार कर रहे हैं कि कुछ जेल कर्मचारी लालच में आकर तंबाकू अंदर ले जाने के लिए तैयार हो जाते हैं।
इस मामले में जेल के उप अधीक्षक अजय खरे ने बताया कि जेल के अंदर बीड़ी सिगरेट तंबाकू जैसे नशे का सामान पूरी तरह से प्रतिबंधित है समय-समय पर जेल के अंदर तंबाकू आदि पहुंचाने की शिकायत मिलती है। संदेह होने पर संबंधित जेल कर्मियों की तलाशी ली जाती है। 1 साल के अंदर तीन जेल कर्मियों को तंबाकू जेल के अंदर ले जाने के प्रयास में पकड़ा भी गया है। उनके पास से तंबाकू जप्त कर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की गई है।









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