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MP News: बालाघाट SP आदित्य मिश्रा फफक-फफक कर रो पड़े; हॉक फोर्स के जवान लिपटकर बिलखते रहे

MP News: मध्य प्रदेश पुलिस का एक और सितारा हमेशा के लिए टूट गया। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में नक्सलियों से हुई भीषण मुठभेड़ में मध्य प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (हॉक फोर्स) के इंस्पेक्टर आशीष शर्मा शनिवार को वीरगति को प्राप्त हो गए।

रविवार दोपहर जब उनका पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटा बालाघाट पुलिस लाइन पहुंचा तो पूरा परिसर सन्न रह गया। जिस बहादुर को कल तक साथ कंधे से कंधा मिलाकर नक्सलियों से लोहा लेते देखा था, आज वह चुपचाप लेटा था।

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श्रद्धांजलि के लिए जैसे ही ताबूत खोला गया और शहीद आशीष शर्मा का चेहरा दिखा, वहां मौजूद हर शख्स की आंखें छलक उठीं। लेकिन सबसे मार्मिक दृश्य तब हुआ जब हॉक फोर्स के उनके साथी जवान एक-एक कर उनके पार्थिव शरीर से लिपट-लिपटकर फफक-फफक कर रोने लगे। कोई उनके माथे को चूम रहा था, कोई हाथ पकड़कर बस "सर... सर..." कहते रह गया। ये वही जवान थे जो आशीष सर के साथ जंगलों में दिन-रात ड्यूटी करते थे, एक-दूसरे की जान बचाते थे। आज वही जवान अपने "सर" को हमेशा के लिए खो चुके थे।

इसी दौरान बालाघाट के पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा भी श्रद्धांजलि देने पहुंचे। जब उन्होंने देखा कि उनके सबसे जांबाज इंस्पेक्टर को खोने का दर्द हॉक फोर्स के जवानों को तोड़कर रख रहा है, तो वह खुद को रोक न सके। एक जवान ने जैसे ही एसपी साहब से लिपटकर जोर-जोर से रोना शुरू किया, आदित्य मिश्रा की आंखों से आंसुओं की बाढ़ आ गई। वे फफक-फफक कर रो पड़े। एसपी साहब को इस हाल में देखकर पूरा पुलिस लाइन सिसकियों से भर उठा। वहां मौजूद हर अधिकारी-कर्मचारी की आंखें नम थीं। कोई भी अपने आंसुओं को रोक नहीं पाया।

कौन थे शहीद इंस्पेक्टर आशीष शर्मा?

इंस्पेक्टर आशीष शर्मा (44 वर्ष) मूलतः बालाघाट जिले के ही रहने वाले थे। उन्होंने 2008 में मध्य प्रदेश पुलिस में सब इंस्पेक्टर के रूप में जॉइनिंग ली थी और पिछले कई सालों से हॉक फोर्स में नक्सल ऑपरेशन का नेतृत्व कर रहे थे। साथी उन्हें "लायन" कहकर बुलाते थे। छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ जंगलों में दर्जनों सफल ऑपरेशन में उनकी अहम भूमिका रही थी। शनिवार को नारायणपुर के जंगलों में नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ में वह सबसे आगे चल रहे थे। गोली उनके सीने पर लगी और मौके पर ही वे शहीद हो गए।

आशीष शर्मा के पीछे पत्नी, 14 साल की बेटी और 9 साल का बेटा है। उनकी पत्नी भी शिक्षिका हैं। घर में मां-बाप बुजुर्ग हैं। जब पार्थिव शरीर उनके गांव लालबर्रा पहुंचा तो पूरा गांव रोते-बिलखते सड़कों पर उतर आया।

अंतिम संस्कार आज, पूरा जिला शोक में डूबा

सोमवार दोपहर शहीद इंस्पेक्टर आशीष शर्मा का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा सहित कई बड़े नेता श्रद्धांजलि देने पहुंच रहे हैं। बालाघाट जिले में तीन दिन का शोक घोषित किया गया है।

पुलिस लाइन में उस वक्त का दृश्य कोई नहीं भूल पाएगा - जब एक एसपी अपने जांबाज साथी के लिए खुलेआम रो रहा था और पूरा फोर्स सिसक-सिसक कर उस दर्द में शामिल हो रहा था। यह सिर्फ एक शहीद की विदाई नहीं थी, यह उस भाईचारे और बंधुत्व की विदाई थी जो पुलिस की वर्दी के अंदर धड़कता है।

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