बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का विवादित बयान,कहा- चांद मियां को पूजने की क्या जरूरत
मध्यप्रदेश के बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने शंकराचार्य के मंदिरों में सांई की प्रतिमा का विरोध किया। उन्होंने कहा कि जब सनातनी उनके पास पूजा करने के लिए 33 कोटि देवी देवता हैं, तो चांद मियां की पूजा कर
भोपाल,26 जून। अपने विवादित बयानों से चर्चाओं में रहने वाले कथावाचक और महाराज पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक बार फिर विवादित बयान के लिए चर्चा में है। दरअसल जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाराज के मंदिरों में सांई की प्रतिमा का विरोध करते हुए उन्होंने कहा कि जब सनातनी के पास पूजा करने के लिए 33 कोटि देवी देवता है, तो चांद मियां को पूजने की जरूरत क्या है? विश्व में सबसे ज्यादा पूज्य भगवान राम है वे विश्व के पिता हैं। जो उनका कोई नहीं, वह किसी का नहीं है।

बागेश्वर धाम की गद्दी पर विवाद
परिवार में बागेश्वर धाम की गद्दी को लेकर चल रहे विवाद में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि देवेंद्र जी हमारे बड़े भाई हैं हम लोगों में कोई मतभेद नहीं है सिर्फ बेचारी मतभेद था हमें तो सिर्फ सेवा करना है घर-घर राम जी को पहुंचाना है हमारी किसी से कोई बुराई नहीं है उन्होंने कहा कि पूर्व में भी कई जातियां थी लेकिन जातिवाद नहीं था कृष्ण जी यादव थे। भगवान श्रीराम क्षत्रिय थे, लेकिन सब उन्हें पूजते थे। वाल्मीकि रैदास जी को पूजा जाता है आज सिर्फ जातिवाद है जो राजनेताओं ने फैलाया है।

पहले भी दे चुके हैं विवादित बयान
मध्यप्रदेश के बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने प्रवचन के दौरान हिंसक बयान देते हुए कहा था कि कुछ दिन बाद हम भी बुल्डोजर खरीदने वाले हैं। पैसा नहीं है इतना वरना हम भी बुल्डोजर खरीदेंगे गांव के काज पर, सनातनियों महात्माओं पर संतों पर, भारतीय सनातनियों हिंदुओं पर पत्थर चलाएगा हम बुल्डोजर उसके घर पर चलाएंगे।
उन्होंने कहा था कि हमारी प्रार्थनाएं हैं कि हिंदुओं जगो। जो तुम्हारे घर पर पत्थर फेंके, उसके घर जेसीबी लेकर चलो। क्योंकि भारत सनातनियों का है। अगर सनातनियों के देश में राम की यात्रा पर रामनवमी पर कोई पत्थर मारे बुजदिलों, कायरों फजग जाओ। सब हिंदुओं अपने हाथ में हथियार उठा लो और कह दो हम सब हिंदू एक हैं।

कौन है पंडित धीरेंद्र शास्त्री
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री छतरपुर जिले के प्रसिद्ध बागेश्वर धाम के पुजारी और कथावाचक हैं। बता दे शास्त्री आजकल अपने राम कथा और दिव्य दरबार को लेकर बहुत चर्चाओं में है। उनकी प्रसिद्धि का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अभी कुछ दिनों पहले वह लंदन में दिव्य दरबार और राम कथा का आयोजन करके आएं। इसके अलावा में अक्सर वे अपने विवादित बयानों को लेकर भी चर्चाओं में रहते हैं। बताया जाता है कि उनके दादाजी छतरपुर के गांव में दिव्य दरबार लगाते थे, लेकिन उनके निधन के बाद, धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री दादाजी की तरह छतरपुर के गांव में गड़ा में बालाजी हनुमान मंदिर के पास 'दिव्य दरबार' लगाने लगे। उनके लोग इस दरबार की वीडियो को सोशल मीडिया पर पोस्ट करते थे। धीरे-धीरे वे सोशल मीडिया के माध्यम से लोकप्रिय हो गए।
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का जन्म 4 जुलाई 1996 में छतरपुर जिले के छोटे से गांव ग्राम गड़ा में हुआ था। धीरेन ने कई बार कथा में बताया कि उनका परिवार बहुत गरीब था कभी-कभी उनको एक वक्त का भोजन भी नहीं मिलता था। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने पढ़ाई में b.a. किया है, लेकिन बाद में धीरेंद्र को हनुमान और उनके स्वर्गीय दादाजी की दिव्य अनुभूति का एहसास होने लगा और वह दिव्य दरबार लगाने लगे।

क्या है बागेश्वर धाम
छतरपुर के पास गढ़ा में बागेश्वर धाम है जहां पर बालाजी हनुमान का मंदिर है हनुमान के मंदिर के सामने ही महादेव का शिव मंदिर है। मंदिर के पास ही उनके दादा का समाधि स्थल और उनके गुरु का समाधि स्थल है। यहां पर मंगलवार को अर्जी लगाने लोग लाल कपड़े में नारियल बांधकर अपनी मनोकामना बोलकर उस नारियल को यहां एक स्थान पर बांध देते हैं। यहां पर लाखों की संख्या में नारियल बंधे हुए मिल जाएंगे।
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