Assembly Elections 2023: बैरसिया विधानसभा सीट जीतना कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती, जानिए किसे मिलगा मौका
बैरसिया विधानसभा सीट भाजपा का मजबूत गढ़ है। लेकिन भाजपा से चेहरा बदलने की खबरों ने कांग्रेस की चिंता बढ़ा दी है। बता दे पिछले 4 विधानसभा चुनाव से भाजपा लगातार यहां जीती आ रही है।

मध्यप्रदेश में इसी साल विधानसभा चुनाव होना है। ऐसे में राजधानी भोपाल में भी राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। आज हम आपको राजधानी की ऐसी विधानसभा सीट के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे बीजेपी का गढ़ माना जाता है। आजादी के बाद से ही कांग्रेस के लिए ये सीट जीतना किसी चुनौती से कम नहीं रहा है। हम बात कर रहे है बैरसिया विधानसभा सीट की। जहां से भाजपा के विष्णु खत्री विधायक है। विष्णु खत्री पिछले 10 सालों से विधायक हैं। साल 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में विष्णु खत्री ने कांग्रेस की उम्मीदवार जयश्री हरिकरण को लगभग 13 हजार मतों से पराजित किया था। इस बार बैरसिया विधानसभा क्षेत्र से कांटे की टक्कर की उम्मीद लगाई जा रही है। इस बार भाजपा की तरफ से चेहरा बदलने की खबरें भी सामने आ रही है। वहीं कांग्रेस की ओर से दावेदारों नामों की झड़ी लग गई है। भाजपा से किन-किन नामों पर चर्चा की जा रही है और कांग्रेस से कौन-कौन कर रहा है दावेदारी ? नीचे खबर विस्तार से जानें।
बैरसिया विधानसभा के रौचक तथ्य
राजधानी भोपाल में स्थित बैरसिया विधानसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा ग्रामीण इलाके है। 2008 में हुए परिसीमन के बाद से ये सीट अनुसूचित जाति यानी एससी वर्ग के लिए आरक्षित है। बता दे यहां पर विधानसभा चुनाव में कांग्रेस दो बार ही जीत दर्ज कर पाई है। साल 1998 में कांग्रेस ने यह सीट जीती थी और इससे पहले 1957 में कांग्रेस यहां पर जीती थी। बैरसिया विधानसभा में करीब 2 लाख 35 हजार मतदाता है। जिसमें 1 लाख 22 हजार 873 पुरुष, 1 लाख 12 हजार 151 महिला मतदाता है और 5 अन्य थर्ड जेंडर मतदाता हैं।
2018 के विधानसभा चुनाव में 11% के अंतर से हारी थी कांग्रेस
2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ये सीट जीते-जीते रह गई। पिछले चुनाव में भाजपा विधायक विष्णु खत्री को 77,814 (48%) वोट मिले, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार जयश्री हरिकरण को 64,035 (39%) वोट मिले। वहीं हार का अंतर 13,779 रहा। जबकि निर्दलीय लड़े पूर्व विधायक ब्रह्मानंद रत्नाकर को 11,815 वोट मिले और बीएसपी के उम्मीदवार अनीता अहिरवार को 3199 वोट मिले। यह आंकड़े बताते हैं कि अगर विपक्षी वोट बिखरा नहीं होता तो, यहां से कांग्रेस के उम्मीदवार जयश्री हरिकरण विधायक होती।
बैरसिया विधानसभा क्षेत्र के क्या है मुद्दें
वैसे तो बैरसिया विधानसभा क्षेत्र भोपाल का ग्रामीण इलाका है, इसलिए सबसे अधिक मुद्दे किसानों से संबंधित हैं। जिसमें सबसे प्रमुख मुद्दा सिंचाई का है। अभी भी इस क्षेत्र में सिंचाई की पर्याप्त व्यवस्था नहीं हो पाई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हथाईखेड़ा डैम बैरसिया विधानसभा क्षेत्र में ही बना, लेकिन उसका लाभ दूसरे क्षेत्र के लोग ले रहे हैं। इसके अलावा जगह-जगह पन्नियों में बिकने वाली अवैध शराब यहां की सबसे बड़ी समस्या है। हालांकि बीजेपी सरकार में इस क्षेत्र में काफी सुधार किया है। विधायक खत्री भी लगातार काम कर रहे है।
कांग्रेस से इस बार टिकट को लेकर कई दावेदारों के नाम
बैरसिया विधानसभा कांग्रेस के लिए हमेशा टेढ़ी खीर ही रही है। कांग्रेस से अंतिम बार 1998 में जोधाराम गुर्जर ने जीत दर्ज कराई थी। कांग्रेस की ओर से इस बार टिकट की कवायद करते हुए मुख्य तीन चेहरे सामने आ रहे हैं। जिसमें पूर्व प्रत्याशी जयश्री हरिकरण, इनको पिछली बार मौका मिला था, लेकिन ये चुनाव हार गई थी। दूसरा नाम है रामभाई मेहर का। ये लगातार बैरसिया विधानसभा क्षेत्र में सक्रिय है। राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह के सांसद प्रतिनिधि भी हैं। लेकिन अब तक इन्होंने कोई चुनाव नहीं लड़ा है, इसलिए कांग्रेस इन पर दांव लगाने के बारे में सोच सकती है। वहीं तीसरा नाम है जिला पंचायत सदस्य विनय मेहर का। बता दे स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं में विनय मेहर को लेकर बड़ा उत्साह है। हाल ही में हुए जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में विनय मेहर बड़े मार्जिन के साथ जीते हैं। बैरसिया के लोकल निवासी हैं, इसलिए गांव से लेकर शहर तक विनय मेहर की पकड़ मजबूत है। ऐसे में अगर कांग्रेस इन्हें अपना उम्मीदवार बनाती है, तो यह भाजपा को कड़ी टक्कर दे सकते हैं।
भाजपा में इन नामों पर चर्चा
वैसे तो बैरसिया विधानसभा क्षेत्र भाजपा का मजबूत स्तंभ माना जाता है। पिछले 4 विधानसभा चुनाव से बीजेपी लगातार यहां जीत रही है। लेकिन वर्तमान में यहां भाजपा से चेहरा बदलने की खबरें सामने आ रही है। भोपाल के नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी का नाम भी बैरसिया विधानसभा क्षेत्र से बार-बार सामने आ रहा है। क्योंकि क्षेत्र में बड़ी संख्या में अहिरवार समाज का वोट है और सूर्यवंशी इसी समाज से आते है। इसके अलावा सूर्यवंशी बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के खास माने जाते है। इधर पूर्व विधायक ब्रह्मानंद रत्नाकर का नाम भी चर्चाओं में है। हालांकि वर्तमान विधायक विष्णु खत्री सीएम शिवराज के खास माने जाते हैं, ऐसे में उनकी दावेदारी ज्यादा मजबूत दिखाई दे रही है।












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