Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

MP News: अर्चना तिवारी गुमशुदगी मामला, रेलवे पुलिस को मिला बड़ा सुराग, जल्द होगा चौंकाने वाला खुलासा

MP News: मध्य प्रदेश के कटनी जिले में चर्चित अर्चना तिवारी गुमशुदगी मामले में रेलवे पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। 28 वर्षीय अर्चना तिवारी, जो इंदौर में सिविल जज की तैयारी कर रही थी, 7 अगस्त को रक्षाबंधन मनाने अपने गृहनगर कटनी के लिए नर्मदा एक्सप्रेस ट्रेन से रवाना हुई थी, लेकिन वह अपने गंतव्य तक नहीं पहुंची।

इस मामले ने पूरे मध्य प्रदेश में सनसनी मचा दी थी। अब रेलवे पुलिस के वरिष्ठ अधीक्षक (एसपी) राहुल सिंह लोढा ने पुष्टि की है कि पुलिस को अर्चना का सुराग मिल चुका है, और जल्द ही एक चौंकाने वाला खुलासा होने वाला है।

Archana Tiwari missing case Railway Police got a big clue shocking revelation will happen soon

रेलवे पुलिस को मिली बड़ी लीड

रेलवे पुलिस एसपी राहुल सिंह लोढा ने मंगलवार देर रात मीडिया से बातचीत में खुलासा किया कि अर्चना तिवारी के मामले में पुलिस को एक महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगा है। उन्होंने कहा, "हमने कई स्तरों पर और कई तरीकों से छानबीन की है। मोबाइल फोन के कॉल डेटा रिकॉर्ड (CDR) और इंटरनेट डेटा रिकॉर्ड (IDR) के आधार पर हमें एक बड़ी लीड मिली है। अगर अर्चना के परिजन शुरू से ही सारी बातें खुलकर बताते, तो शायद हम उन्हें पहले ही ढूंढ लेते।" लोढा ने यह भी बताया कि कुछ तकनीकी कारणों से मामले का खुलासा करने में थोड़ा समय लग रहा है, लेकिन पुलिस जल्द ही पूरी सच्चाई सामने लाएगी।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, नर्मदापुरम के पिपरिया से एक महत्वपूर्ण सुराग मिला है, जिसके आधार पर अर्चना के परिजनों को कटनी से पिपरिया बुलाया गया है। परिजन मंगलवार देर रात कटनी के लिए रवाना हो चुके हैं। पुलिस ने पिपरिया में कुछ संदिग्ध गतिविधियों की जांच शुरू की है, और यह संभावना जताई जा रही है कि इस मामले में जल्द ही एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हो सकता है।

अर्चना तिवारी का गायब होना: क्या हुआ था?

अर्चना तिवारी (28) इंदौर में रहकर सिविल जज की प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही थी। 7 अगस्त 2025 को वह रक्षाबंधन मनाने के लिए इंदौर से कटनी जाने वाली नर्मदा एक्सप्रेस ट्रेन के बी-3 कोच में सवार हुई थी। वह कटनी साउथ स्टेशन पर उतरने वाली थी, लेकिन वह वहां नहीं पहुंची। उनके परिजनों ने बताया कि आखिरी बार सुबह 10:15 बजे उनसे बात हुई थी, जब ट्रेन भोपाल के रानी कमलापति स्टेशन के पास थी। इसके बाद उनका फोन स्विच ऑफ हो गया।

जब अर्चना कटनी नहीं पहुंची, तो परिजनों ने उनके रिश्तेदारों को अगले स्टेशन उमरिया में सूचित किया। उमरिया स्टेशन पर रिश्तेदारों को अर्चना का बैग तो मिला, लेकिन वह खुद गायब थी। इस घटना ने परिजनों को चिंता में डाल दिया, और उन्होंने तुरंत कटनी रेलवे पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज की।

पुलिस की जांच और तकनीकी सबूत

रेलवे पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में पता चला कि अर्चना को आखिरी बार रानी कमलापति स्टेशन पर देखा गया था, लेकिन इसके बाद उनके सह-यात्रियों ने उन्हें ट्रेन में नहीं देखा। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, और कॉल डेटा रिकॉर्ड की गहन जांच की। एसपी राहुल सिंह लोढा ने बताया कि इंटरनेट डेटा रिकॉर्ड ने भी इस मामले में महत्वपूर्ण सुराग दिए हैं।

पुलिस ने पिपरिया में एक संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने के बाद वहां की जांच तेज कर दी। सूत्रों के अनुसार, अर्चना के फोन की आखिरी लोकेशन और कुछ कॉल डिटेल्स ने पुलिस को पिपरिया की ओर ले जाया। इसके अलावा, सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में दावा किया गया कि अर्चना को भोपाल के मारवाड़ी रोड पर देखा गया है, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

परिजनों की चुप्पी पर सवाल

एसपी लोढा ने परिजनों की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "परिजनों ने कुछ महत्वपूर्ण जानकारी छिपाई, जिसके कारण जांच में देरी हुई। अगर शुरू से ही पूरी जानकारी दी जाती, तो हम पहले ही अर्चना को ढूंढ लेते।" यह बयान इस ओर इशारा करता है कि इस मामले में कुछ अनकही बातें हो सकती हैं, जो अब तक सामने नहीं आई हैं। पुलिस का यह भी मानना है कि अर्चना की गुमशुदगी के पीछे कोई ऐसी परिस्थिति हो सकती है, जो सामान्य गुमशुदगी से अलग है।

सामाजिक और राजनीतिक प्रतिक्रिया

अर्चना तिवारी की गुमशुदगी ने मध्यप्रदेश में सामाजिक और राजनीतिक हलचल मचा दी थी। सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर कई पोस्ट वायरल हुए, जिसमें लोगों ने उनकी तलाश के लिए पुलिस पर दबाव बनाया। एक यूजर ने लिखा, "28 वर्षीय लॉ छात्रा रक्षाबंधन मनाने जा रही थी, लेकिन ट्रेन से रहस्यमयी तरीके से गायब हो गई।" विपक्षी दलों ने भी इस मामले को उठाते हुए रेलवे सुरक्षा पर सवाल खड़े किए। कांग्रेस ने इसे रेलवे की लचर सुरक्षा व्यवस्था का उदाहरण बताया, जबकि बीजेपी ने कहा कि पुलिस पूरी तत्परता से जांच कर रही है।

पिपरिया में क्या हुआ?

पुलिस को पिपरिया से मिली लीड इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक यह खुलासा नहीं किया कि पिपरिया में क्या सुराग मिला है। सूत्रों का कहना है कि अर्चना के फोन की लोकेशन और कुछ संदिग्ध कॉल्स ने पुलिस को इस क्षेत्र की ओर निर्देशित किया। पिपरिया, नर्मदापुरम जिले का एक प्रमुख रेलवे स्टेशन है, और यह कटनी से पहले पड़ता है। पुलिस ने पिपरिया स्टेशन और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले हैं।

क्या होगा अगला कदम?

रेलवे पुलिस अब इस मामले को जल्द से जल्द सुलझाने के लिए काम कर रही है। एसपी लोढा ने कहा, "हम तकनीकी और मैनुअल दोनों तरीकों से जांच कर रहे हैं। कुछ ही समय में सारी सच्चाई सामने आ जाएगी।" परिजनों को पिपरिया बुलाए जाने से यह संकेत मिलता है कि पुलिस को अर्चना की लोकेशन या स्थिति के बारे में ठोस जानकारी मिली है। यह भी संभावना है कि यह मामला गुमशुदगी से इतर कोई और रूप ले सकता है, जिसके लिए पुलिस "चौंकाने वाला खुलासा" होने की बात कह रही है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+