अजब एमपी गजब एमपी: शासकीय कर्मचारी की तीन पत्नियां, तीनों चुनाव मैदान में
सिंगरौली, 17 जून: एमपी को वैसे ही अजब-गजब नहीं कहा जाता है। इसके कारनामे भी अजब-गजब होते हैं। मध्य प्रदेश में इन दिनों पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों का शोर है। इन चुनावों में तरह-तरह के उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। सिंगरौली जिले में एक पंचायत सचिव की तीन पत्नियां चुनाव मैदान में हैं। तीनों पत्नियां जब नामांकन करने गईं तो लोग हैरान रह गए की पंचायत सचिव की तीनों पत्नियां एक साथ चुनावी रण के मैदान में उतरी है।

यहां का है पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक सिंगरौली जिले के जनपद पंचायत देवसर अंतर्गत घोंघरा पंचायत के सचिव सुखराम सिंह की तीन पत्नियां है। सुखराम अपनी पहली पत्नी को देवसर जनपद सदस्य का चुनाव के लिए नामांकन दाखिल कराया है तो वही दूसरी पत्नी कुसुमकली व गीता सिंह को पिपरखड़ ग्राम पंचायत में सरपंच पद के लिए नामांकन दाखिल कराया है। अब इस मामले में एक नया मोड़ तब आ गया जब जनपद सीईओ बिके सिंह ने हिन्दू अधिनियम के विरुद्ध जाकर तीनों को दस्तावेज में पत्नी बताने को लेकर नोटिस थमा दिया। हालांकि अभी तक नामांकन खारिज नही किया गया है।जो कि रिटर्निंग अधिकारी की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए है ।
एसडीएम ने क्या कहा
इस मामले में आईएएस देवसर एसडीएम आकाश सिंह ने कहा कि इसमें किसी पत्नी को शिकायत नही है। अगर कोई शिकायत होती तो जरूर कार्यवाही की जाती लेकिन किसी तरह की कोई शिकायत नही है इसलिए कोई कार्यवाही भी नहीं होगी ऐसा उन्होंने आश्वासन दिया ।
पहली जनपद सदस्यी तो दूसरी तीसरी सरपंची का लड़ रही चुनाव
हालांकि तीनों अलग अलग पंचायत से चुनावी रण के मैदान में जंग जितने के लिए उतरी है । एक पत्नी जनपद सदस्य तो दूसरी व तीसरी सरपंच पद के लिए चुनाव के लिए नामांकन दाखिल की है। तीनों का कहना है कि हमारा मकसद केवल चुनाव जीतना नहीं है हमारा मकसद है कार्य करना नगर की पंचायत की और देश की सेवा करना निश्चित रूप से हम इस चुनाव में विजय प्राप्त करेंगे।












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