Sidhi: संजय टाइगर रिजर्व में रिश्तों की डोर, बाघिन मां छोड़ गई दुनिया तो मौसी ने दिया तीनों शावकों को सहारा
सीधी, 23 अगस्त। जिले में स्थित संजय दुबरी राष्ट्रीय उद्यान और बाघ अभयारण्य इन दिनों खूब सुर्खियां बटोर रहा है। दरअसल, यहां बहन की मौत के बाद उसके बच्चों की देखभाल करने वाली बाघिन अब कुछ नया कर रही है। वह अपने शावकों के साथ-साथ बहन के शावकों को भी शिकार की ट्रेंनिंग दे रही है।

बाघिन T-13 की हो गई थी मौत
दरअसल, कुछ माह पहले बाघिन टी-18 की ट्रेन की चपेट में आ जाने से मौत हो गई थी। जिसके बाद उसके 4 शावक अनाथ हो गए थे। इनमें से भी 1 शावक को बाघ ने मार डाला था। फिर उनकी मौसी यानि टी-28 बाघिन ने उन्हें सहारा दिया। अपने 4 शावकों के साथ-साथ मृत बहन के शावकों का भी वह ध्यान रखने लगी।

विशेषज्ञ के अनुसार
वन जीव विशेषज्ञ ने जानकारी देते हुए बताया की बाघिन टी-28 सभी शावकों को सीखा रही है कि जंगल में कैसे रहना है और किसी तरह शिकार करना है। ये सभी शावक एक दूसरे के साथ खेलते और शिकार का अभ्यास करते दिख जाते हैं। बाघिन टी-28 के खुद के 4 शावकों 9 माह के हो गए हैं। जबकि, उसकी बहन टी-18 बाघिन के शावक 1 साल 1 माह के हो गए हैं। जब बाघिन टी-28 ने उनकी देखभाल शुरू की थी, तो वे 9 माह के थे।

फील्ड डायरेक्टर वाईपी सिंह के अनुसार
संजय टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर वाईपी सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि 16 मार्च को उन्हें सूचना मिली थी कि रेलवे ट्रैक के पास 1 बाघिन का शव पड़ा हुआ है। जांच में पता चला कि मरने वाली बाघिन टी-18 है। इसके बाद उसके 4 शावक अनाथ हो गए। वहां मौजूद 1 बाघ टी-26 ने उनमें से 1 शावक को अपना शिकार बना डाला, जिससे टाइगर रिजर्व के लोग टेंशन में आ गए। शावकों की सुरक्षा को लेकर उन्होंने वहां रह रही बाघिन टी-28 के पास शावकों को छोड़ने का निर्णय लिया और यह फैसला बिल्कुल सही रहा।

सभी को मां जैसा दुलार
बाघिन टी-28 ने 4 शावकों को मां जैसा दुलार दिया। बिल्कुल वैसे ही पाला जैसे मां अपने बच्चों को पालती है। धीरे-धीरे उन्हें जंगल में कैसे रहना है, उसकी ट्रेनिंग देनी शुरू की। उसके खुद के भी 4 शावक हैं। लेकिन बाघिन टी-28 ने कभी भी उनमें भेदभाव नहीं किया।

कमली ने दिया था दोनों बाघिन को जन्म
वन विभाग फील्ड डायरेक्टर ने जानकारी देते हुए बताया कि बाघिन टी-18 और बाघिन टी-28 की मां 1 ही थी। दोनों की मां टी-11 बाघिन थी। लेकिन पहले प्रसव में टी-18 बाघिन का जन्म हुआ था. जबकि, टी-28 बाघिन का दूसरे प्रसव में जन्म हुआ था। टी-11 ने टी-28 के साथ-साथ टी-29 बाघिन को भी पैदा किया है। टी-11 इस टाइगर रिजर्व की काफी फेमस बाघिन थी। क्योंकि उसके सिर पर कमल जैसा निशान था। इसलिए उसका नाम कमली रखा गया था।












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