Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

MP News: इंदौर में दर्दनाक हादसा, शिव सिटी में निर्माणाधीन दीवार गिरने से तीन मजदूरों की मौत

MP News: मध्य प्रदेश के इंदौर में रविवार, 17 अगस्त 2025 को एक दुखद हादसे ने सभी को झकझोर कर रख दिया। राऊ क्षेत्र की शिव सिटी टाउनशिप में पानी की टंकी की निर्माणाधीन दीवार तेज बारिश के दौरान अचानक ढह गई, जिसके मलबे में दबकर तीन मजदूरों-गौतम, रामेश्वर, और टीटू-की मौके पर ही मौत हो गई।

इस हादसे में एक अन्य मजदूर, सोहन, गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह घटना भारी बारिश और निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी की ओर इशारा करती है, जिसने एक बार फिर मजदूरों की जान को खतरे में डाल दिया।

Accident in Indore three workers died due to collapse of under construction wall in Shiv City

घटना का विवरण: बारिश ने मचाया कहर

घटना रविवार दोपहर करीब 12:30 बजे की है, जब इंदौर के राऊ क्षेत्र में स्थित शिव सिटी टाउनशिप में भारी बारिश का दौर चल रहा था। यहाँ एक पानी की टंकी का निर्माण कार्य जोरों पर था, और मजदूर इसके आसपास की दीवार को सफेद ईंटों से बना रहे थे। दीवार की ऊँचाई काफी अधिक थी, और बारिश के कारण मिट्टी और पानी का तेज बहाव निर्माण स्थल पर आ गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक दीवार भरभराकर ढह गई, और इसके मलबे में चार मजदूर दब गए। भारी ईंटों और मिट्टी के ढेर के नीचे दबे गौतम, रामेश्वर, और टीटू निकल नहीं पाए, और उनका दम घुटने से मौत हो गई। चौथा मजदूर, सोहन, किसी तरह मलबे से बाहर निकलने में कामयाब रहा, लेकिन उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।

हादसे की सूचना सबसे पहले एक जेसीबी चालक को मिली, जिसने गिरी हुई दीवार को देखकर तुरंत ठेकेदार को सूचित किया। ठेकेदार और अन्य मजदूर मौके पर पहुंचे और मलबे को हटाने की कोशिश शुरू की। लेकिन जब तक तीनों मजदूरों को बाहर निकाला गया, तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं।

पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई

सूचना मिलते ही राजेंद्र नगर थाना पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने मलबे से शवों को निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा। घायल मजदूर सोहन को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उसकी हालत स्थिर लेकिन गंभीर बताई जा रही है।

राजेंद्र नगर थाना प्रभारी सुनील शर्मा ने बताया, "हादसा बारिश के कारण हुआ। दीवार की ऊँचाई अधिक थी, और संभवतः निर्माण में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया। हमने मामले की जांच शुरू कर दी है और ठेकेदार से पूछताछ की जा रही है।" पुलिस ने प्रारंभिक तौर पर गौतम (32), रामेश्वर (28), और टीटू (25) की पहचान की है, जो सभी बिहार के प्रवासी मजदूर थे।

प्रत्यक्षदर्शियों का बयान

हादसे के समय मौके पर मौजूद एक अन्य मजदूर, रमेश, ने बताया, "हम लोग सुबह से काम कर रहे थे। बारिश तेज होने के बाद मिट्टी और पानी का बहाव बढ़ गया था। अचानक दीवार ढह गई, और सब कुछ इतनी जल्दी हुआ कि कोई कुछ समझ नहीं पाया।" रमेश ने यह भी कहा कि निर्माण स्थल पर कोई सुपरवाइजर मौजूद नहीं था, और बारिश के बावजूद काम बंद करने का कोई निर्देश नहीं दिया गया था।

स्थानीय निवासी मोहनलाल ने कहा, "शिव सिटी में निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है, लेकिन बारिश के मौसम में सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं दिखते। यह पहला हादसा नहीं है, पहले भी यहाँ छोटे-मोटे हादसे हो चुके हैं।"

सुरक्षा मानकों पर सवाल

इस हादसे ने एक बार फिर निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी का मुद्दा उठाया है। विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के मौसम में निर्माण कार्यों में अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होती है, लेकिन शिव सिटी में ऐसा कुछ नहीं दिखा। सिविल इंजीनियर राजेश वर्मा ने बताया, "ऊँची दीवारों के लिए मजबूत नींव और सपोर्ट स्ट्रक्चर जरूरी होते हैं। बारिश के कारण मिट्टी कमजोर हो जाती है, और अगर सुरक्षा उपाय न हों, तो ऐसे हादसे आम हैं।"

@IndoreNewsLive ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा, "राऊ में निर्माणाधीन दीवार गिरने से तीन मजदूरों की मौत। क्या निर्माण कंपनियाँ बारिश के मौसम में सुरक्षा मानकों को नजरअंदाज कर रही हैं? प्रशासन को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। #IndoreAccident"

मजदूरों के परिवारों का दर्द

हादसे में मारे गए तीनों मजदूर बिहार के रहने वाले थे और अपने परिवारों का पालन-पोषण करने के लिए इंदौर में काम कर रहे थे। गौतम के भाई रवि ने रोते हुए कहा, "मेरा भाई रोज सुबह काम पर जाता था। हमने कभी नहीं सोचा था कि ऐसा होगा। अब मेरे भाई-भाभी के दो छोटे बच्चे हैं, उनका क्या होगा?"

रामेश्वर की पत्नी सुनीता ने बताया कि वह अपने गाँव से इंदौर में बेहतर कमाई के लिए आए थे। "वह कहता था कि कुछ साल मेहनत करेंगे, फिर गाँव में घर बनाएंगे। अब सब खत्म हो गया," सुनीता ने दुखी मन से कहा।

ठेकेदार और डेवलपर पर सवाल

शिव सिटी टाउनशिप एक निजी डेवलपर द्वारा विकसित की जा रही है, और इस प्रोजेक्ट में पानी की टंकी का निर्माण एक स्थानीय ठेकेदार को सौंपा गया था। स्थानीय लोगों और मजदूरों का आरोप है कि ठेकेदार ने सुरक्षा उपायों पर ध्यान नहीं दिया और बारिश के बावजूद काम जारी रखा।

कॉन्ट्रैक्टर्स यूनियन के एक सदस्य ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, "कई बार डेवलपर्स और ठेकेदार लागत कम करने के लिए सस्ती सामग्री और कम मजदूरों का इस्तेमाल करते हैं। बारिश में काम रोक देना चाहिए था, लेकिन प्रोजेक्ट को जल्दी पूरा करने का दबाव था।"

सामाजिक और प्रशासनिक प्रतिक्रिया

इस हादसे ने इंदौर में निर्माण स्थलों पर मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सामाजिक कार्यकर्ता अनिल शर्मा ने कहा, "यह हादसा दर्शाता है कि मजदूरों की जान की कोई कीमत नहीं है। सरकार को निर्माण स्थलों पर सख्त नियम लागू करने चाहिए, और दोषी ठेकेदारों को सजा मिलनी चाहिए।"

@MPWorkersRights ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा, "इंदौर में एक और हादसा, तीन मजदूरों की मौत। कब तक मजदूरों की जान से खिलवाड़ होता रहेगा? सरकार और डेवलपर्स को जवाब देना होगा। #JusticeForWorkers"

प्रशासन की कार्रवाई और भविष्य के कदम

जिला प्रशासन ने इस हादसे की जांच के लिए एक समिति गठित की है, जो निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों और ठेकेदार की जिम्मेदारी की जाँच करेगी। इंदौर के कलेक्टर आशीष सिंह ने कहा, "हम इस हादसे को गंभीरता से ले रहे हैं। मृतक मजदूरों के परिवारों को उचित मुआवजा और सहायता दी जाएगी। साथ ही, निर्माण स्थलों पर सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।"

पुलिस ने ठेकेदार और डेवलपर के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज किया है और हादसे के कारणों की गहन जांच शुरू की है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+