Bhopal News: खुली खदान में करंट लगने से 5 साल के मासूम की मौत, खेतों में पानी के लिए खदान का इस्तेमाल
Bhopal News: भोपाल के रातीबड़ थाना इलाके में स्थित एक खुली खदान में मंगलवार की शाम एक दिल दहला देने वाली घटना घटी, जब 5 वर्षीय आयुष की करंट लगने से मौत हो गई।
यह हादसा नीलबड़ के मिलेनियम कॉलेज के पास स्थित बरखेड़ा-नाथू क्षेत्र में हुआ, जहां मासूम शौच के बाद अपने हाथ धोने के लिए खदान के पानी में गया था।

घटना के वक्त खदान में एक कट लगा हुआ बिजली का तार डूबा हुआ था, जिससे करंट फैल गया। आयुष ने जैसे ही पानी में हाथ डाला, उसे करंट का तेज झटका लगा और वह बेसुध होकर गिर पड़ा। करंट से उसके शरीर की छाती बुरी तरह से झुलस गई थी।
मृतक के पिता मंगल पटेल ने बताया कि उनके बेटे आयुष की बहन के साथ खदान के पास शौच के लिए जाने के बाद हाथ धोने के लिए पानी में डाला था। जब आयुष पानी में हाथ डालने गया, तो वह करंट की चपेट में आ गया और वहीं गिर पड़ा। उसकी बहन ने शोर मचाया और लोगों को सूचना दी।
तत्काल अपने बेटे की मदद के लिए खेत में काम कर रहे पिता ने दौड़कर खदान में पहुंचकर देखा कि खदान में करंट से जुड़े तार पानी में डूबे हुए थे। उन्होंने तुरन्त तार को काटा और बच्चे को पानी से बाहर निकाला।
हालाँकि, तब तक आयुष की सांस चल रही थी, लेकिन उसे अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। अस्पताल में डॉक्टर्स ने आयुष की मौत की पुष्टि की।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और मर्ग कायम कर लिया है। बुधवार को पोस्टमॉर्टम कराया गया है, जिसमें करंट से छाती का हिस्सा झुलसने के कारण बच्चे की मौत होने की पुष्टि हुई है।
खदान में सुरक्षा मानकों का उल्लंघन
यह घटना उस खदान के भीतर सुरक्षा मानकों के उल्लंघन को भी उजागर करती है। खदान में खुला और बिना सुरक्षा के डूबा हुआ बिजली का तार बड़ा खतरा साबित हुआ। यह घटना उस स्थिति की ओर इशारा करती है जब खदानों में सुरक्षा के बुनियादी नियमों की अनदेखी की जाती है, जो मासूमों की जान के लिए खतरे की घंटी हो सकती है।
स्थानीय प्रशासन पर सवाल
स्थानीय प्रशासन की ओर से इस मामले में तुरंत कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है। खदानों में सुरक्षा मानकों के पालन पर नजर रखने की जिम्मेदारी संबंधित विभागों की है, लेकिन इस घटना से यह साफ जाहिर होता है कि इस खदान में सुरक्षा से संबंधित आवश्यक कदम नहीं उठाए गए थे।
पिता का दर्द
आयुष के पिता मंगल पटेल ने इस हादसे को लेकर अपनी भावनाओं को साझा करते हुए कहा कि उनके बेटे का तो जीवन बहुत छोटा था और उसकी यह अप्रत्याशित मौत पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल गई है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए और खदानों में सुरक्षा के उपायों को कड़ा किया जाए।
खेतों में पानी के लिए खदान का इस्तेमाल
मृतक के पिता मंगल पटेल ने बताया कि आस-पास के खेतों के लोग खदान के पानी का इस्तेमाल खेती के लिए करते हैं और इसके लिए खदान में पंप लगा कर पानी खींचा जाता है। हादसे के समय एक खेत की मोटर चालू थी, और इसका तार पानी में गिरा हुआ था। इस कारण खदान के पानी में करंट फैल चुका था।
आयुष ने जैसे ही पानी में हाथ डाला, वह करंट की चपेट में आ गया और बेसुध होकर गिर पड़ा। इससे उसकी छाती बुरी तरह से झुलस गई। पिता ने बताया कि आयुष की बहन के शोर मचाने के बाद उन्होंने खदान में जाकर देखा कि पानी में करंट का तार गिरा हुआ था। उन्होंने तुरंत तार काटकर अपने बेटे को पानी से बाहर निकाला, लेकिन जब तक आयुष को अस्पताल ले जाया गया, उसकी मौत हो चुकी थी।
पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। बुधवार को पोस्टमॉर्टम के बाद शव को परिजनों के हवाले कर दिया गया। इस घटना से यह साफ जाहिर हो रहा है कि खदान में पानी का इस्तेमाल करने के दौरान सुरक्षा के प्रबंधों की कमी के कारण हादसा हुआ, जिससे मासूम की जान चली गई।












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