भोपाल का टेढ़ा ब्रिज का सोशल मीडिया पर क्यों बना मजाक, जानिए, एक्सपर्ट बोले—डिजाइन से हो सकता है बड़ा हादसा
MP News: भोपाल की पहचान अब सिर्फ झीलों के शहर के तौर पर नहीं हो रही, बल्कि एक अजीबोगरीब बने रेलवे ओवर ब्रिज के कारण ये शहर सोशल मीडिया की सुर्खियों में है।
बात राजधानी के एक ऐसे ओवर ब्रिज की हो रही है, जिसकी डिजाइन देखकर लोग चौंक गए हैं-इतना कि अब उस पर बने मिम्स वायरल हो रहे हैं और सरकार की जमकर खिंचाई हो रही है।

90 डिग्री का मोड़, खतरे की पूरी गारंटी!
ये ब्रिज अपने तीखे मोड़ के कारण विवादों में आ गया है। ब्रिज पर एक ऐसा टर्न दिया गया है जो लगभग 90 डिग्री का है-जैसे सड़क पर स्केच बना दिया गया हो और इंजीनियरिंग सोच पीछे छूट गई हो। आम लोग पूछ रहे हैं कि इस मोड़ पर जब कोई भारी वाहन या तेज़ रफ्तार से आ रहा हो तो वह कैसे सुरक्षित टर्न लेगा?
लोगों की चिंता वाजिब है, क्योंकि इस तरह के मोड़ पर या तो वाहन ब्रिज की दीवार से टकरा सकते हैं या फिर आपस में भिड़ सकते हैं। ऐसी स्थिति में न सिर्फ हादसे की आशंका बढ़ जाती है, बल्कि यह एक प्रशासनिक लापरवाही का उदाहरण भी बन जाता है।
मंत्री ने दिए जांच के आदेश, अफसर पहुंचे मौके पर
जब मामला बढ़ा और सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोलिंग शुरू हुई तो पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने मामले की गंभीरता को समझते हुए जांच के आदेश दे दिए। गुरुवार को विभागीय अधिकारी मौके पर पहुंचे और डिजाइन की बारीकी से जांच की।
इस बीच विपक्ष ने भी सरकार को घेरना शुरू कर दिया। एक नेता ने कटाक्ष करते हुए कहा, "ये इंजीनियरिंग का कमाल नहीं, कमाल की इंजीनियरिंग है।"
एक्सपर्ट्स ने बताया 'डिजाइन फ्लॉप'
ब्रिज की डिजाइन को लेकर स्ट्रक्चर इंजीनियर डॉ. शैलेंद्र बागरे ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, "ये तो ऐसा लग रहा है जैसे दो स्केल को जोड़कर ब्रिज बना दिया गया हो।" उन्होंने बताया कि इस ब्रिज पर जो मोड़ है, वह असल में 90 डिग्री भी नहीं है, बल्कि 88 डिग्री है, जो और भी ज्यादा खतरनाक है। इस एंगल पर यदि कोई वाहन तेज रफ्तार में टर्न ले तो उसके ब्रिज से बाहर गिरने की संभावना अधिक होती है।
सिर्फ साइन बोर्ड से नहीं चलेगा काम
मैनिट के ट्रैफिक एक्सपर्ट डॉ सिद्धार्थ रोकड़े ने भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि यदि किसी लोकेशन पर स्पेस की कमी के कारण टर्न का एंगल कम करना ही पड़े, तो वाहन की स्पीड को कंट्रोल करना जरूरी होता है। "सिर्फ साइन बोर्ड लगा देने से कुछ नहीं होगा," उन्होंने कहा। "यहां रंबल स्ट्रिप, स्पीड ब्रेकर या कोई और तकनीकी उपाय जरूरी हैं। नहीं तो गाड़ियाँ सीधी नीचे जा गिरेंगी।"
जांच के निर्देश के बाद इंजीनियरों की टीम मौके पर
मंत्री राकेश सिंह की टिप्पणी के एक दिन बाद, गुरुवार को इंजीनियरों की एक विशेष टीम मौके पर पहुंची। इस टीम ने ब्रिज के डिज़ाइन, ट्रैफिक मूवमेंट, और मोड़ की तकनीकी स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया। बताया जा रहा है कि टीम जल्द ही अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसमें यह देखा जाएगा कि ब्रिज में सुधार की जरूरत है या नहीं।
क्या कहते हैं तकनीकी विशेषज्ञ?
इससे पहले स्ट्रक्चर इंजीनियर डॉ शैलेंद्र बागरे और मैनिट के ट्रैफिक एक्सपर्ट डॉ. सिद्धार्थ रोकड़े ने स्पष्ट तौर पर ब्रिज को खतरनाक बताया। बागरे ने बताया कि 88 डिग्री के इस टर्न पर बाहरी दिशा में वाहन फिसलने या पलटने की आशंका अधिक होती है। वहीं, रोकड़े ने यह कहा कि केवल साइन बोर्ड लगा देने से कुछ नहीं होगा, बल्कि स्पीड कंट्रोल करने के व्यावहारिक उपाय करने होंगे-जैसे स्पीड ब्रेकर, चेतावनी सिग्नल या स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट।
सोशल मीडिया पर जारी है मीमों की बरसात
जहां प्रशासन जांच में जुटा है, वहीं सोशल मीडिया यूज़र्स की क्रिएटिविटी चरम पर है। कोई इस ब्रिज को "गेम ऑफ डेथ" बता रहा है, तो कोई कह रहा है, "अगर आपने इस ब्रिज को बिना स्किड किए पार कर लिया, तो आपको इनाम मिलना चाहिए।" कुछ यूज़र्स ने तो 3D गेम की तरह ब्रिज की एनीमेशन बना डाली।
सोशल मीडिया पर बना ट्रेंड
इस 'टेढ़े ब्रिज' की तस्वीरें अब मीमर्स की पसंदीदा बन चुकी हैं। एक यूज़र ने लिखा, "अगर आप इस ब्रिज को पार कर लें, तो आपको 'इंजीनियरिंग का जेम्स बॉन्ड' कहा जा सकता है!" वहीं एक और मीम में ब्रिज को 'Snake Game' के लेवल से कंपेयर किया गया।
सवाल यही है कि क्या भोपाल की जनता को अब ऐसे ब्रिज पर अपनी जान जोखिम में डालनी होगी? जांच चल रही है, सरकार हरकत में आई है, लेकिन असली सवाल है-ऐसी डिजाइन पास कैसे हुई?
अब देखना ये होगा कि आने वाले दिनों में क्या इस ब्रिज का कोई समाधान निकलेगा या फिर ये यूं ही इंजीनियरिंग की एक "कॉमेडी क्लासिक" बना रहेगा।












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