MP के सतना में अज्ञात बीमारी से 11 दिन में 5 लोगों की मौत, जानें पूरा मामला
सतना, 23 अगस्त। मध्य प्रदेश का सतना जिला कुपोषण के लिए कुख्यात मझगवां के आदिवासी बाहुल्य गांव में अज्ञात बीमारी फैलने से आधा दर्जन लोगों की मौत हो गई हैं। जिसमें नवजात और बुजुर्ग शामिल हैं। ग्रामीणों के जानकारी के मुताबिक, ग्राम मझगवां के आदिवासी बस्ती में अज्ञात बीमारी के चलते 2 नवजात सहित 5 लोगों की मौत हो गई। आनन-फानन में जिला स्वास्थ्य अधिकारी और ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर अपनी टीम लेकर पहुंच गए। बताया गया है कि टीम ने गांव के बच्चों और बुजुर्गों की जांच की। इस दौरान जो पीड़ित मिले उन्हें नजदीकी अस्पताल भेज दिया गया।

अज्ञात बीमारी से मौत का सिलसिला शुरू
मझगवां के आदिवासी बस्ती के भट्टन टोला में अज्ञात बीमारी से मौत का सिलसिला शुरू हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि करीब 11 दिनों से ऐसा चल रहा है। 3 दिन के नवजात की मौत के बाद हड़कंप मच गया है। आनन-फानन में पहुंची मेडिकल टीम ने भट्टन टोला में सुबह से जांच करना शुरू कर दिया था। इस बीच कुछ बच्चे और बुजुर्ग पीड़ित मिले। इस पर उन्हे पहले मझगवां के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भेजा गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद सतना जिला अस्पताल रेफर कर दिया।

मेडिकल ऑफिसर दे रहे सफाई
ग्रामीणों ने बताया कि उल्टी-दस्त के बाद ही मौत हो हुई है लेकिन जिम्मेदार अधिकारी अन्य कारणों से मौत बता रहे हैं। ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. तरुण कांत त्रिपाठी ने बताया कि 80 वर्षीय बुजुर्ग और एक 3 के नवजात की मौत की खबर लगी थी। बुजुर्ग की मौत का कारण उम्र भी हो सकती है और नवजात की मौत का कारण पानी नहीं हो सकता है। इस एज में बच्चों को पानी नहीं दिया जाता।

11 अगस्त से शुरू हुआ मौत का सिलसिला
मझगवां गांव के भट्टन टोला निवासी बस्ती में मौत का सिलसिला 10 वर्षा की बच्ची से शुरू हुआ था। ग्रामीणों की मानें तो सोनहला मवासी पिता रामाधीन उम्र 10 साल की 11 अगस्त, छोटीबाई मवासी पिता बाबू उम्र 10साल की 17 अगस्त, रामगोपाल मवासी पिता दादूलाल उम्र 52 साल की 21 अगस्त और नवजात शिशु पिता शिवाकांत मवासी की 22 अगस्त और जवाहर मवासी उम्र 75 साल की 22 अगस्त को मौत हो गई।

वनइंडिया हिंदी से सीएमएचओ ने दी जानकारी
इनके अलावा संध्या मवासी पिता शिवाकांत उम्र 3 साल को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने अशोक कुमार अवधिया ने वनइंडिया हिंदी को बताया कि मेडिकल कैंप लगाया गया। जिसमें 2 डायरिया के मरीज मिले हैं उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एक बच्चा कुपोषित था। अब तक जो मौतें हुई हैं अलग-अलग कारणों से हुई हैं। जब तक नॉर्मल नहीं हो जाता तब तक मेडिकल कैंप लगाया जाएगा।

जिले के जिम्मेदार पहुंचे मौके पर
पांच मौत के बाद कलेक्टर अनुराग वर्मा, जिला पंचायत सीईओ, जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। बताया जा रहा है कि दूषित पानी पीने के कारण ये दिक्कत सामने आई है. कलेक्टर अनुराग वर्मा ने वन इंडिया हिंदी में जानकारी देते हुए बताया कि पिछले 11-12 दिनों में यहां कुछ लोगों की मौत हुई है। सभी लोगों की मौत के अलग-अलग कारण बताये जा रहे हैं। सावधानी के तौर पर यहां के कुएं में दवा का छिड़काव कर उसका भी ट्रीटमेंट करा रहे हैं।












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