अपराधिक मानसिकता को बढ़ावा दे रहा सोशल मीडिया, 302 गैंग ने ली युवक की जान

मध्य प्रदेश के मंदसौर में खूनी खेल का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे जानकर आप सोचने पर मजबूर हो जाएंगे कि सोशल मीडिया पर ऐसा भी होता है। मामूली झगड़े में नौजवान युवकों ने मिलकर एक युवक की जान ले ली।

भोपाल,16 अप्रैल। मध्य प्रदेश में जाना माना नाम दुर्लभ कश्यप जिसने सोशल मीडिया से पूरे उज्जैन शहर व प्रदेश के कई जिलों में अपने आतंक के नाम पर वर्चस्व बना रखा था। वहीं उज्जैन से थोड़ा आगे बढ़ने पर मंदसौर में भी इसी तरह का एक गैंग सक्रिय हो गया है। जिसमें सैकड़ों की संख्या में 17 से 18 वर्ष के उम्र के बच्चे शामिल हैं, जिनकी पढ़ाई की उम्र है। उन्होंने अपराधिक गतिविधियों को सोशल मीडिया के माध्यम से करना शुरू कर दिया है। इस गैंग का नाम 302 है।

हत्या के आरोपी

आपको बता दें कि 302 वह धारा है, जो किसी की हत्या करने के मामले में उपयोग की जाती है। इस गैंग का खुलासा तब हुआ, जब एक हिमांशु नाम के युवक की कई बदमाशों ने मिलकर हत्या कर दी। हत्या की वजह सिर्फ एक मामूली झगड़ा था। झगड़े में हिमांशु ने विनय जादौन नाम के एक बदमाश को पीट दिया था। बदमाश विनय 302 ग्रुप से ताल्लुक रखता था। उसने उसके साथ हुई घटना को 302 ग्रुप में जुड़े सभी साथियों को बता दी।

इसके बाद कई साथी इकट्ठे हुए और फिर हिमांशु पर मंदसौर के भानपुरा थाना क्षेत्र अंतर्गत एक स्थान पर चाकू से हमला कर दिया। हिमांशु को इतने चाकू मारे कि उसका पूरा शरीर छिन्नभिन्न हो गया और उसे जब मंदसौर से राजस्थान अस्पताल में इलाज के लिए लेकर गए तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जिसके बाद पुलिस ने अपराधिक मामला दर्ज किया और फिर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी।

302 ग्रुप से ताल्लुक

लगभग चार दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने अपराधियों को पकड़ने में सफलता हासिल की और तीन अपराधियों को पकड़ा। पुलिस ने अपराधियों से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक ग्रुप बना रखा है और उस ग्रुप का नाम 302 है। ग्रुप में सभी बदमाश जुड़े हुए हैं। सभी नाम के आगे 302 लिखते थे।

इस तरह करता है पूरा ग्रुप काम

 भानपुरा थाना के थाना प्रभारी अवनीश श्रीवास्तव

मंदसौर के भानपुरा थाना के थाना प्रभारी अवनीश श्रीवास्तव ने बताया कि किसी भी अपराध के पीछे आपराधिक मानसिकता का महत्वपूर्ण योगदान होता है। इस अपराध को भी जानने से पहले इसके पीछे की मानसिकता को जानना भी अत्यंत आवश्यक है। क्षेत्र में कम उम्र के लड़कों का एक ग्रुप मौजूद है, जो इंस्टाग्राम पर एक्टिव रहते हैं तथा अपनी इन्स्टा आइडी में आख़िर में _302 लिखते हैं। इस ग्रुप के लड़के एक दूसरे के फॉलोअर्स हैं। ये लड़के आपस में अवैधानिक कंटेंट शेयर करते हैं और आपस में आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की बातें लिखते हैं।

ऐसा लगता है कि इस ग्रुप के लड़के कुख्यात अपराधियों से प्रेरित हैं तथा ये लड़के खलनायकों को अपना महानायक मानते हैं। इन लड़कों की प्रोफ़ाइल ID पर जो फोटोग्राफ एवं वीडियोग्राफ़ होते हैं, वे सभी अपराध को बढ़ावा देने व उसको महिमा मंडित करने के संबंध में ही होते हैं।

एक लड़के की प्रोफाईल आईडी पर डला हुआ बायो इस ग्रुप के लड़कों की मानसिकता को स्पष्ट रूप से परिभाषित करता है -"जो हमारी आँखों में खटकते हैं ,वे सीधा जाकर शमशान में भटकते हैं।" जिस तरह कुख्यात "पबजी गेम" बच्चों के बीच लोकप्रिय है, उसी तरह ये ग्रुप भी कम उम्र के लड़कों के बीच काफ़ी लोकप्रिय है। "पबजी गेम" बच्चों को इतना अधिक सम्मोहित कर लेता है कि बच्चे उस गेम के लेवल को पूरा करने के लिए आत्महत्या तक कर लेते हैं। उसी प्रकार "_302 ग्रुप" के लड़के अपराध से इतने अधिक सम्मोहित हैं कि वे हत्या करने के लिए भी तैयार रहते हैं, बल्कि इस प्रकार के अपराधों को अपनी शान समझते हैं।

विनय जादौन की 5 इंस्टा ID एक्टिव थी। सभी में पीछे 302 लगा हुआ था। अवैध हथियारों के साथ खिंचाईं हुए फ़ोटो तथा घोर आपराधिक मानसिकता की बातें विनय जादौन एवं साथियों की इन्स्टा आइडी पर देखी जा सकती हैं। जब ऐसी घोर आपराधिक मानसिकता के व्यक्ति को...

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+