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MP News: शिवपुरी के इस गांव में 22 फुट का अजगर ने निगली बकरी, सलमान पठान ने ऐसे बचाई जान, जानिए पूरी कहानी

मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के नरवर तहसील अंतर्गत भैंसा गनेटा गांव में बुधवार देर रात एक ऐसी घटना घटित हुई, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। एक 22 फुट लंबे और करीब 60 किलो वजनी विशालकाय अजगर ने धान के खेत में एक बकरी को निगल लिया। गांव वालों ने जब यह खौफनाक नजारा अपनी आंखों से देखा, तो दहशत फैल गई।

लोग इधर-उधर भागने लगे, और तुरंत इसकी सूचना स्थानीय सर्पमित्र सलमान पठान को दी गई। पठान ने रात करीब 10 बजे मौके पर पहुंचकर आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद अजगर को सुरक्षित पकड़ लिया। यह घटना न केवल ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है, बल्कि वन्यजीव संरक्षण के महत्व को भी रेखांकित कर रही है।

22-foot python swallowed a goat in Shivpuri Bhainsa Ganeta village and Salman Pathan saved its life

अमावस्या की काली रात में खेतों में छिपा खतरा

भैंसा गनेटा गांव शिवपुरी जिले के नरवर तहसील में स्थित एक छोटा सा ग्रामीण इलाका है, जहां की आबादी लगभग 1,236 है - जिसमें 677 पुरुष और 559 महिलाएं शामिल हैं। यह गांव कुल 391.17 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है और नरवर शहर से मात्र कुछ किलोमीटर दूर है। यहां के खेतों में धान की फसल लहलहा रही है, लेकिन जंगलों की निकटता के कारण कभी-कभी जंगली जानवरों का आतंक रहता है। बुधवार रात (25 सितंबर 2025) करीब 9 बजे, जब गांव में सन्नाटा पसर चुका था, एक किसान परिवार की बकरी खेत में चरने गई। अचानक, घने धान के बीच से एक विशालकाय अजगर प्रकट हुआ और उसने बकरी को मुंह में जकड़ लिया।

गांव वाले जब सुबह होते ही खेत में पहुंचे, तो नजारा देखकर स्तब्ध रह गए। अजगर ने बकरी को आधा निगल लिया था, और उसका पेट फूला हुआ था। "यह देखकर तो खून जम गया। इतना बड़ा सांप कभी देखा ही नहीं," एक ग्रामीण रामस्वरूप ने बताया। गांव में अफरा-तफरी मच गई। महिलाएं और बच्चे घरों में छिप गए, जबकि युवा इकट्ठा होकर सर्पमित्र को बुलाने की योजना बनाने लगे। नरवर के सर्पमित्र सलमान पठान को फोन पर सूचना मिलते ही वे तुरंत रवाना हो गए। रास्ते में उन्होंने स्थानीय वन विभाग को भी सूचित किया, लेकिन रात के अंधेरे में तुरंत कार्रवाई के लिए खुद ही आगे बढ़े।

पठान जब मौके पर पहुंचे, तो अजगर धान के झाड़ियों में छिपा हुआ था। उन्होंने बताया, "अजगर के पेट में पूरी बकरी थी, जिससे वह धीमा हो चुका था। लेकिन इतने बड़े सांप को पकड़ना आसान नहीं था। मैंने धीरे-धीरे उसे लकड़ी की मदद से बाहर निकाला और सुरक्षित पकड़ लिया।" लगभग 30 मिनट की मशक्कत के बाद अजगर को काबू में किया गया। ग्रामीणों ने इस बहादुरी की तारीफ की और पठान को चाय-पानी का सम्मान दिया।

सर्पमित्र सलमान पठान: जंगली जानवरों के दोस्त, इंसानों के रक्षक

सलमान पठान नरवर के एक युवा हैं, जो पिछले कई वर्षों से सर्पमित्र के रूप में काम कर रहे हैं। वे अक्सर खतरनाक सांपों, अजगरों और अन्य जंगली जीवों को पकड़कर इंसानी बस्तियों से दूर जंगलों में छोड़ते हैं। पठान ने बताया, "यह अजगर भारतीय चट्टान अजगर (Indian Rock Python) की प्रजाति का लगता है। इसकी लंबाई 22 फुट और वजन 61 किलो के आसपास है। यह इंसानों पर हमला नहीं करता, बल्कि छोटे-मोटे जानवरों को अपना शिकार बनाता है।" उन्होंने गांव वालों को आश्वस्त किया कि अजगर को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा। "इसे जंगल में छोड़ना ही सही है, क्योंकि यह पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है।"

पठान की यह पहली कार्रवाई नहीं है। पिछले साल उन्होंने शिवपुरी जिले में ही कई अजगरों को बचाया था। वे स्थानीय एनजीओ से जुड़े हैं और वन विभाग के साथ मिलकर जागरूकता अभियान चलाते हैं। "लोग सांपों को मार देते हैं, लेकिन वे जानते नहीं कि ये कीड़ों को नियंत्रित रखते हैं। अजगर जैसे सांप शाकाहारी नहीं होते, लेकिन वे पर्यावरण के लिए जरूरी हैं," पठान ने कहा। फिलहाल, अजगर को सुरक्षित नरवर ले जाया गया है। सुबह होते ही इसे मणिखेड़ा डैम क्षेत्र के घने जंगलों में छोड़ा जाएगा, जहां यह अपनी प्राकृतिक जिंदगी जी सकेगा।

अजगर की प्रजाति और खतरे: क्यों बढ़ रहा है जंगली जानवरों का मानव क्षेत्रों में प्रवेश?

भारतीय चट्टान अजगर (Python molurus) भारत में पाई जाने वाली सबसे बड़ी सांप प्रजातियों में से एक है। वयस्क अजगर 10 से 25 फुट लंबे हो सकते हैं और उनका वजन 50 से 100 किलो तक पहुंच सकता है। ये मुख्य रूप से छोटे स्तनधारियों जैसे खरगोश, हिरण, बकरी आदि को निगलते हैं। अजगर शिकार को जकड़कर दबाव डालते हैं, जिससे उसकी हड्डियां टूट जाती हैं, और फिर उसे पूरा निगल जाते हैं। पाचन प्रक्रिया में कई दिन लग सकते हैं।

शिवपुरी जैसे जंगली इलाकों में मानसिक परिवर्तन के कारण जंगली जानवर खेतों और गांवों में घुसपैठ कर रहे हैं। वनों की कटाई, जलवायु परिवर्तन और मानवीय विस्तार ने इनकी प्राकृतिक आवास को प्रभावित किया है। विशेषज्ञों के अनुसार, मध्य प्रदेश में पिछले पांच वर्षों में अजगर से जुड़ी घटनाएं 30% बढ़ी हैं। वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ. राकेश सिंह ने बताया, "अजगर इंसानों के लिए खतरा नहीं हैं, लेकिन घबराहट में लोग उन्हें मार देते हैं। जागरूकता जरूरी है।" वन विभाग ने भी गांव वालों को सलाह दी है कि ऐसी घटनाओं में सर्पमित्रों को बुलाएं, न कि खुद कार्रवाई करें।

गांव वालों की दहशत: 'रात में खेत जाना मुश्किल हो गया'

घटना के बाद भैंसा गनेटा में दहशत का माहौल है। एक बुजुर्ग महिला लक्ष्मीबाई ने कहा, "बच्चों को रात में बाहर नहीं जाने देते। अजगर तो गया, लेकिन कल क्या होगा?" युवा किसान मोहन ने बताया, "धान की फसल पर खतरा मंडरा रहा है। जंगल से और जानवर आ सकते हैं।" गांव पंचायत ने वन विभाग से मांग की है कि खेतों के आसपास बाड़ लगाई जाए। सोशल मीडिया पर भी यह वीडियो वायरल हो रहा है, जहां पठान द्वारा अजगर को पकड़ते हुए का वीडियो देखकर लोग उनकी हिम्मत की तारीफ कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, "सच्चे हीरो ऐसे होते हैं, जो जानवरों को बचाते हैं।"

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