गुरु राघवेंद्र बैंक घोटाले के पीड़ितों ने तेजस्वी सूर्या से की धक्का-मुक्की, जानिए क्या है ये स्कैम?
Guru Raghavendra Bank Scam: लोकसभा चुनाव के बीच कर्नाटक के तीन सहकारी बैंक में हुए करोड़ों रुपए के घोटाले की आंच अब भाजपा उम्मीदवारों को झेलनी पड़ रही है। गुरु राघवेंद्र बैंक घोटाले के पीड़ितों के जवाब मांगे जाने पर बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या से धक्का-मुक्की की गई, साथ ही उन्हें प्रचार कार्यक्रम छोड़ने के लिए मजबूर किया गया।
घटना रविवार की है, जहां बेंगलुरु दक्षिण के सांसद तेजस्वी सूर्या को एक चुनाव प्रचार कार्यक्रम छोड़ना पड़ा, और इसकी वजह थी शहर के बसवांगुडी में सहकारी बैंक गुरु राघवेंद्र, जिससे जुड़े घोटाले में निवेशकों का करोड़ों रुपए डूबने के बाद सांसद से इस मामले में जवाब मांगा गया और उनके साथ धक्का-मुक्की की गई।

इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया सामने आया है, जिसे पत्रकार मोहम्मद जुबेर ने अपने एक्स ऑफिशियल अकाउंट पर पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने बताया कि बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या गुरु राघवेंद्र सहकारी बैंक से जुड़े करोड़ों रुपये के घोटाले में पैसा गंवाने वाले निवेशकों के बाद उन्हें एक चुनाव प्रचार कार्यक्रम छोड़ना पड़ा।
यूजर ने लिखा कि जमाकर्ताओं का आरोप है कि उन्हें वादे के मुताबिक मुआवजा नहीं मिला है। तेजस्वी सूर्या और उनके चाचा बीजेपी विधायक रवि सुब्रमण्यम दोनों ही जमाकर्ताओं से बहस करते नजर आ रहे हैं।
BJP MP @Tejasvi_Surya had to leave an election campaign event after investors who lost money in the multi-crore scam involving the Guru Raghavendra Sahakara Bank. Depositors allege that they have not received compensation as promised. Both Tejasvi Surya and his uncle BJP MLA… pic.twitter.com/UKvwn9JnFj
— Mohammed Zubair (@zoo_bear) April 15, 2024
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक रविवार शाम को जमाकर्ताओं ने सांसद और बसवनगुड़ी के भाजपा विधायक रवि सुब्रमण्यम जैसे अन्य नेताओं से उन्हें हुए नुकसान की भरपाई में देरी के बारे में जवाब मांगा। हालांकि नेताओं ने निवेशकों को शांत करने की कोशिश की, लेकिन बाद में हंगामा बढ़ गया।
भाजपा सांसद की ओर से लक्ष्मणराव इमानदार सभागार में आयोजित कार्यक्रम में तेजस्वी सूर्या को उनके सुरक्षा दस्ते द्वारा कार्यक्रम स्थल से बाहर ले जाया गया। हालांकि जब उन्हें बाहर निकाला जा रहा था, तब भी सूर्या को कुछ निवेशकों के साथ बहस करते देखा गया।
जानिए क्या था घोटाला?
बता दें कि वह वो घोटाला है, जिसमें बैंक प्रबंधन द्वारा कथित तौर पर लगभग 2,500 करोड़ रुपए का दुरुपयोग किया गया था। इसका खुलासा साल 2020 में हुआ, जब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंक पर निकासी प्रतिबंध लगा दिया। 45,000 से अधिक जमाकर्ताओं ने बैंक में अपना पैसा लगाया था, जिनमें से अधिकांश को जमा बीमा और क्रेडिट गारंटी निगम से 5 लाख रुपये की बीमा राशि प्राप्त हुई थी।
CBI कर रही मामले की जांच
रिपोर्ट के मुताबिक आज तक 6 लाख रुपये से अधिक जमा वाले 15,000 से अधिक जमाकर्ताओं को पूरी तरह से मुआवजा नहीं दिया गया है। धोखाधड़ी की जांच करने वाले प्रवर्तन निदेशालय ने बैंक की 159 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर ली थी। बैंक प्रबंधन पर दूसरों के साथ मिलकर भारी धनराशि निकालने का आरोप लगाया गया है। पिछले साल दिसंबर में कर्नाटक सरकार ने इस घोटाले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने का आदेश दिया था।












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