समाजसेवियों के चेहरे पर आयेगी स्माइल

स्माइल फाउंडेशन की यह पहल खास तौर से मिडिल क्लास भारतीयों के लिये है। इसके तहत जमीनी स्तर पर काम करने वाले गैर सरकारी संगठनों या सामाजिक संगठनों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। उसके साथ साथ दिये गये धन का कैसे सही उपयोग किया जाये, यह भी स्माइल फाउंडेशन के कार्यक्रम में है। इस अभियान को सफल बनाने के लिये स्माइल फाउंडेशन ने बेंगलूरु में तीन दिन की वर्कशॉप का आयोजन किया। इस वर्कशॉप में देश-विदेश के तमाम गैर सरकारी संगठनों के अधिकारियों ने भाग लिया।
इस कार्यशाला में कई विशेषज्ञों ने अपने अनुभवों के आधार पर बताया कि कैसे जमीनी स्तर पर काम कर रहे संगठनों को मजबूती प्रदान की जाये। इस अवसर पर स्माइल फाउंडेशन के सीइर्ओ विक्रम सिंह ने कहा कि 2008 का रिसेशन सभी को याद है। बात अगर एनजीओ सेक्टर की करें, तो वैसी ही मंदी अब इस पर मंडराती दिखाई दे रही है, क्योंकि विदेशों से फंड कम हो गया है। ऐसे में जो संगठन वास्तव में सामाजिक उत्थान के लिये काम कर रहे हैं, उन्हें आर्थिक सहायता जरूर मिलनी चाहिये। लिहाजा उन्हें इस तरह से प्रशिक्षित करना होगा, कि वे अपनी परियोजनाओं में सफलता पूर्वक काम करते रहें और कोई बाधा नहीं आये।












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