कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2023 : अब जनता की बारी, ईवीएम में बंद होंगी 224 सीटों की किस्मत
Karnataka Chunav 2023 Updates: कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2023 के तहत बुधवार, 10 मई 2023 को सभी 224 सीटों के लिए मतदान है। इसके बाद 13 मई को कर्नाटक चुनाव 2023 के परिणाम घोषित किए जाएंगे।

बुधवार को कर्नाटक की 224 विधानसभा सीटों पर मतदान है। यह चुनाव मिशन 2024 के लिहाज से बहुत अहम है। इसलिए भाजपा और कांग्रेस, दोनों ने पूरी ताकत से चुनाव प्रचार किया। भाजपा की सत्ता बरकार रखने के मकसद से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 19 रैलियां और 6 रोड शो किये। वहीं चार साल बाद सोनिया गांधी भी चुनावी रैली के लिए बाध्य हुईं। जाहिर है उन्हें भी कांग्रेस के भविष्य की चिंता सता रही है। राज्य की तीसरी प्रमुख पार्टी जेडीएस ने भी अपने प्रभाव वाले क्षेत्रों में खूब पसीना बहाया है। आम आदमी पार्टी अब राष्ट्रीय पार्टी बन चुकी है। क्या इस चुनाव में आप का खाता खुलेगा ? अब जनता-जनार्दन का फैसला बुधवार को ईवीएम में बंद हो जाएगा। चुनाव में ज्यादातर बड़े नेता कठिन मुकाबले में फंसे हुए हैं।
CM की शिगगांव सीट
कर्नाटक के मुख्यमंत्री और भाजपा उम्मीदवार बसवराज बोम्मई शिगगांव से चुनाव लड़ रहे हैं। शिगगांव सीट हावेरी जिला में है और बोम्मई यहां से चौथी बार चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस के पठान यासिर अहमद खान और जेडीएस के शशिधर चन्नबसप्पा उन्हें चुनौती दे रहे हैं। विरोधी दलों ने बोम्मई विरोधी मतों के ध्रुवीकरण के लिए पुरजोर कोशिश की है। इस सीट पर कड़ी टक्कर है।
सिद्दारमैया की वरुणा सीट
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के नेता सिद्धारमैया का भाग्य वरुणा सीट पर तय होगा। वे इस सीट 2013 में जीत कर मुख्यमंत्री बने थे। इस बार उन्होंने अंतिम चुनाव कह कर इमोशनल कार्ड खेला है। भाजपा के लिंगायत नेता और मौजूदा मंत्री वी सोमन्ना उन्हें चुनौती दे रहे हैं। इसके अलावा जेडीएस के भारती शंकर भी यहां से चुनाव लड़ रहे हैं। वे दलित वर्ग से आते हैं। इसकी वजह से सिद्धारमैया एक कठिन मुकाबले में फंसे हुए हैं।
डीके शिवकुमार की कनकपुरा सीट
कर्नाटक के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डी के शिवकुमार कनकपुरा सीट से मैदान में हैं। वे इस सीट से तीन बार चुनाव जीत चुके हैं। लेकिन इस बार भाजपा ने यहां मजबूत उम्मीदवार दे कर उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। भाजपा के नेता आर अशोक उन्हें चुनौती दे रहे हैं। शिवकुमार की तरह अशोक भी वोक्कालिगा समुदाय से आते हैं। उन्हें भाजपा का वोक्कालिगा चेहरा माना जाता है। जेडीएस के बी नागाराजू और आम आदिमी पार्टी के पुत्तराजू गौड़ा भी इस सीट पर अपनी चुनौती पेश कर रहे हैं। इसलिए लड़ाई कांटे की है।
चेन्नापट्टना से कुमारस्वामी
जेडीएस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी रामनगरम जिले की चेन्नापट्टना सीट से चुनाव मैदान में हैं। भाजपा के सीपी योगेश्वरा, कांग्रेस के गंगाधर एस, आप के सीपी शरतचंद्र उन्हें चुनौती दे रहे हैं। इस सीट पर सपा के गिरीश एल और बसपा के जी चंद्रशेखरैया भी चुनाव लड़ रहे हैं। इस सीट पर पिछड़े वर्ग और दलित वर्ग के वोट बंटने के कारण कुमारस्वामी कांटे के मुकाबले में फंसे हुए हैं।
पूर्व सीएम शेट्टार की हुबली सीट
भाजपा के पूर्वमुख्यमंत्री और अब कांग्रेस के उम्मीदवार जगदीश शेट्टार की किस्मत का फैसला हुबली-धारवाड़ सेंट्रल सीट पर होना है। वे भाजपा से बगावत कर चुनाव लड़ रहे हैं। इस सीट पर भाजपा के नये चेहरे महेश तेंगिनाकाई चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा ने एक सामान्य कार्यकर्ता को मैदान में उतारा है। वे लिंगायत समुदाय से आते हैं।
मल्लिकार्जुन खड़गे के पुत्र प्रियांक की चित्तपुर सीट
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे कर्नाटक के रहने वाले हैं। इसलिए यह चुनाव उनके भविष्य के लिए भी बहुत अहम है। मल्लिकार्जुन के पुत्र प्रियांक खड़गे चित्तपुर सुरक्षित सीट से चुनाव मैदान में हैं। उनको भाजपा के मणिकांता राठौड़ और जेडीएस के सुभाष चंद्र राठौड़ चुनौती दे रहे हैं। अनुसूचित जाति के लिए रिजर्व इस सीट पर बसपा के सरनू पी सुगुर भी उम्मीदवार हैं जिससे दलित वोटों में बंटवारा की आशंका जतायी जा रही है।












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