कारवार को एशिया का सबसे बड़ा नेवी बेस बनाना चाहते हैं रक्षा मंत्री राजनाथ, बोले- जुटाऊंगा बजट
कारवार, जून 24 जून: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इच्छा जताई है कि वो वह चाहते हैं कि कारवार नौसेना बेस एशिया का सबसे बड़ा नौसेना बेस हो, जिसके लिए वह बजट भी जुटाएंगे। दरअसल, गुरुवार को रक्षा मंत्री कर्नाटक के कारवार में थे, जहां इससे एक दिन उन्होंने इंडियन नेवी के प्रोजेक्ट सीबर्ड का हवाई जायजा लिया था। इस दौरान राजनाथ सिंह के साथ इस नेवी चीफ एडमिरल करमबीर सिंह भी मौजूद रहे।
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रक्षा मंत्री ने गुरुवार को यहां एक मीडिया प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा, 'मैं चाहता हूं कि यह (कारवार नौसेना अड्डा) एशिया का सबसे बड़ा नौसेना अड्डा हो। मैं इसके लिए बजट भी जुटाने की कोशिश करूंगा।' उन्होंने आगे कहा कि मैं प्रोजेक्ट सीबर्ड को देखने और समझने के लिए हमेशा उत्सुक था, क्योंकि एक बार मैं आईएनएस विक्रमादित्य पर एक रात के लिए रुका था और जब मैं और एडमिरल करमबीर सिंह हेलीकॉप्टर से लौट रहे थे तो उन्होंने मुझे आसमान से दिखाया कि यह कारवार है। उस दिन मैंने कारवार को आसमान से देखा था, लेकिन आज इतने पास से देख कर मुझे बहुत खुशी हुई। मैं कह सकता हूं कि इस नौसैनिक अड्डे के प्रति मेरा विश्वास बढ़ा है।
रक्षा मंत्री ने बताया कि मेरा मानना है कि इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद हम जो भी सुरक्षा संबंधी तैयारियां कर रहे हैं, उससे न केवल उसे मजबूती मिलेगी बल्कि व्यापार, अर्थव्यवस्था और मानवीय सहायता में भी मदद मिलेगी। इससे पहले दिन में रक्षा मंत्री ने कर्नाटक में कारवार नौसेना बेस में देश के सबसे बड़े नौसैनिक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट सीबर्ड का हवाई सर्वेक्षण किया। उनके साथ नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह भी थे।
राजनाथ सिंह ने कारवार में भारतीय नौसेना के शिपलिफ्ट कंट्रोल टॉवर और पियर 2 का भी दौरा किया। बता दें कि एयर बेस के निर्माण का पहला फेज कोड- नाम प्रोजेक्ट सीबर्ड, 2005 में पूरा हुआ था। दूसरे चरण का विकास 2011 में शुरू हुआ था। आईएनएस कदंबा जो कारवार में है वर्तमान में तीसरा सबसे बड़ा भारतीय नौसैनिक अड्डा है और इसके सबसे बड़े नौसैनिक अड्डे बनाने की उम्मीद है।












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