बेंगलुरु ने भाजपा को दिया 'B' खाता, 'A' का काउंटडाउन शुरू
बेंगलुरु। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के नगर निकाय बीबीएमपी के चुनाव में जनता ने भाजपा को 'B' खाता' दे दिया है, जिसे पाकर पार्टी में खुशी की लहर है, लेकिन सच पूछिए तो इस जीत के साथ भाजपा के लिये 'A' खाता पाने का काउंटडाउन आज से शुरू हो गया है। ओह... शायद आप इस खाता सिस्टम को समझ नहीं पाये। चलिये हम आपको बताते हैं कि आखिर ये कौन सा राजनीतिक लोचा है?
असल में बेंगलुरु में जब आप कोई प्रॉपर्टी, जैसे फ्लैट, मकान, जमीन, आदि खरीदते हैं, तो आपके नाम पर एक खाता बनता है। प्रॉपर्टी टैक्स, बिजली, पानी, आदि आपके नाम होने पर बीबीएमपी आपको B खाता देता है, जो प्रमाणित करता है कि आप प्रॉपर्टी के मालिक हैं। लेकिन आपको A खाता तब तक नहीं मिलता जब तक सारे नॉर्म पूरे नहीं हों।
ठीक उसी प्रकार निकाय चुनाव में शहर की जनता ने भाजपा को B खाता दे दिया है। अब अगर A खाता यानी विधानसभा चाहिये, तो भाजपा को कड़ी मशक्कत करनी होगी। सच पूछिए तो भाजपा के लिये यह सुनहरा मौका है, क्योंकि जनता के जितना करीब एक कॉर्पोरेटर होता है, उतना विधायक भी नहीं होता। लिहाजा यह जीत भाजपा के नया रास्ता तैयार करेगी।
बीबीएमपी चुनाव परिणाम-BJP- 100, CONG- 76, JDS-14, OTR- 8 सीटें।
अगर विधानसभा की वर्तमान तालिका देखें तो कांग्रेस के पास 122 सीटे हैं। वहीं जेडीएस और भाजपा दोनों के पास 40-40 सीटें हैं। जैसा कि ट्रेंड चला आ रहा है कि कर्नाटक की जनता हर बार बारी-बारी से भाजपा और कांग्रेस को मौका देती आयी है, उससे साफ है कि अगले चुनाव में भाजपा को मौका मिल सकता है। लेकिन जीत का मौका हकीकत में तभी बदलेगा जब बेंगलुरु सुंदर दिखेगा।
क्या-क्या चाहते हैं बेंगलुरुवासी?
- हर इलाके में पीने का पानी। बेंगलुरुवासी टैंकर को पैसा दे-देकर थक गये हैं। वो चाहते हैं कि जल्द से जल्द हर इलाके में वॉटर सप्लाई दी जाये।
- जनता चाहती है कि उन बिल्डरों पर लगाम कसी जाये, जो मनमाने ढंग से जनता को लूट रहे हैं।
- बेंगलुरु को डेंगू रहित बनाने के प्रयास किये जायें, क्योंकि यहां बारिश आये दिन होने के कारण जल भराव की समस्या बनी रहती है।
- ऐसे पीजी व हॉस्टलों पर लगाम कसें, जो साफ-सफाई नहीं रखते, क्योंकि बेंगलुरु के 90 प्रतिशत हास्टलों में इंसानों से ज्यादा खटमलों का वास है।
- जिन क्षेत्रों में सीवर-लाइन नहीं पहुंची है, वहां जल्द से जल्द काम पूरा किया जाये।
- जहां सड़कें टूटी हैं, उन्हें तुरंत बनवाया जाये। जेपीनगर के बीके सर्किल जैसे तमाम सर्कल हैं, जहां तीन साल से सड़क नहीं बनी।
- प्रॉपर्टी-टैक्स के सिस्टम में बदलाव लाया जाये, टैक्स भरना आम इंसान के लिये सुगम हो सके।
- बेंगलुरु के कई इलाकों की यातायात व्यवस्था हर रोज़ चरमरा जाती है। उसके हल खोजने की जरूरत है।
- गार्बेज मैनेजमेंट में सख्ती की जाये। यह सख्ती बीबीएमपी कर्मियों पर भी की जाये, सिर्फ जनता पर नहीं।
- बेंगलुरु को फिर से ग्रीन सिटी बनाने के लिये नया अभियान शुरू किया जाये।













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