Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

MP News Tiger: बालाघाट में बाघ का आतंक, खेत में काम कर रहे किसान को बनाया शिकार, वन विभाग पर फूटा गुस्सा

MP News Tiger: मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में कटंगी रेंज के कुडवा कॉलोनी के पास शनिवार, 3 मई 2025 की सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। खेत में काम कर रहे 45 वर्षीय किसान प्रकाश पाने पर एक बाघ ने अचानक हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

बाघ ने प्रकाश के शरीर का निचला हिस्सा खा लिया और उन्हें खेत से कुछ दूरी तक घसीटकर ले गया। इस घटना ने ग्रामीणों में भय के साथ-साथ वन विभाग के खिलाफ गुस्सा भी भड़का दिया, जिन्होंने विभाग की लापरवाही को इस त्रासदी का कारण बताया।

Tiger terror in Balaghat farmer working in field was hunted anger erupted on forest department

सुबह 6 बजे हुआ हमला, प्रत्यक्षदर्शियों का बयान

प्रकाश पाने तिरोड़ी थाना क्षेत्र के ग्राम कुडवा के निवासी थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शनिवार सुबह 5 बजे की तरह वे और अन्य किसान रोजाना की तरह खेत में काम करने पहुंचे थे। करीब 6 बजे, जब सूरज अभी पूरी तरह नहीं निकला था, एक बाघ ने पीछे से प्रकाश पर हमला कर दिया। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, "हम लोग पास ही काम कर रहे थे। अचानक प्रकाश की चीख सुनाई दी। हमने देखा कि बाघ ने उन्हें अपने जबड़े में दबा लिया था। हम चिल्लाते हुए भागे और पत्थर फेंककर बाघ को भगाने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।"

बाघ ने प्रकाश को खेत में घसीटकर ले गया और उनके निचले शरीर को खा लिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बाघ दो बार जोर से दहाड़ा, जिससे आसपास के लोग और भी डर गए। घटना की सूचना तुरंत वन विभाग और पुलिस को दी गई।

ग्रामीणों का आक्रोश, वन चौकी का घेराव, बीटगार्ड पर हमला

घटना के बाद कुडवा कॉलोनी और आसपास के गांवों के सैकड़ों ग्रामीण वन चौकी पर पहुंचे और विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों का कहना था कि उन्होंने एक हफ्ते पहले से वन विभाग को सूचित किया था कि खेतों के आसपास एक बाघ की मौजूदगी देखी गई है। एक ग्रामीण ने कहा, "हमने बार-बार वन विभाग को बताया कि बाघ हमारे खेतों में घूम रहा है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनकी लापरवाही की वजह से प्रकाश की जान चली गई।"

गुस्साए ग्रामीणों ने वन विभाग के बीटगार्ड गुलाब सिंह उईके को घेरकर मारपीट भी की। बताया गया कि दो-तीन दिन पहले बाघ ने एक बकरी का शिकार किया था, जिसकी सूचना बीटगार्ड को दी गई थी। उस समय बीटगार्ड ने कथित तौर पर कहा था, "बाघ ने किसी आदमी को तो नहीं मारा।" इस बयान से ग्रामीणों का गुस्सा और भड़क गया, और उन्होंने इसे प्रकाश की मौत का अप्रत्यक्ष कारण माना।

MP News Tiger: वन विभाग और पुलिस की कार्रवाई

कटंगी थाना प्रभारी कौशल सूर्या ने बताया कि घटनास्थल पर पुलिस बल के साथ एसडीएम और वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। मृतक प्रकाश का शव बरामद कर लिया गया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। रेंजर बाबूलाल ने बताया कि प्रकाश के शरीर पर कई गहरे घाव थे, और उनकी जांघ के पास का हिस्सा बाघ ने खा लिया था। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की और स्थिति को नियंत्रित किया।

एसडीएम मधुवंतराव धुर्वे ने कहा, "बाघ ने प्रकाश को खेत से कुछ दूरी तक घसीटकर ले जाकर उसका निचला शरीर खा लिया। पंचायत की ओर से मृतक के परिवार को तत्काल 5,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है। वन विभाग 25 लाख रुपये के मुआवजे का प्रावधान करेगा।" उन्होंने यह भी बताया कि बाघ को पकड़ने के लिए पिंजरा मंगवाया गया है, और ट्रैंकुलाइजेशन के लिए विशेषज्ञ टीम को बुलाया जा रहा है।

MP News Tiger: बाघ को पकड़ने की तैयारी

वन विभाग ने इस घटना के बाद बाघ को रेस्क्यू करने के लिए तत्काल कदम उठाए हैं। डिप्टी रेंजर ज्ञानीराम घोटफोड़े ने बताया कि बाघ की लोकेशन ट्रेस करने के लिए ड्रोन और कैमरे लगाए जाएंगे। साथ ही, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से एक विशेष ट्रैंकुलाइज टीम को बुलाया गया है। ग्रामीणों को सलाह दी गई है कि वे रात में अकेले खेतों में न जाएं और समूह में काम करें।

पहले भी हो चुके हैं हमले

यह पहली बार नहीं है जब बालाघाट में बाघ के हमले से मौत हुई है। दिसंबर 2024 में कटंगी रेंज के तिरोड़ी क्षेत्र के खैरलांजी सिलारी गांव में 55 वर्षीय आदिवासी किसान सुखराम की बाघ ने हत्या कर दी थी। उस समय भी ग्रामीणों ने वन विभाग की लापरवाही का आरोप लगाया था।

इसी तरह, उमरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में अप्रैल 2025 के दौरान चार लोगों पर बाघ के हमले हुए, जिनमें तीन की मौत हो गई। इनमें एक 38 वर्षीय महिला रीता बैगा, एक पुरुष, और 12 साल का बच्चा शामिल थे। एक अन्य महिला का इलाज अभी भी चल रहा है। इन घटनाओं ने वन्यजीव-मानव संघर्ष की गंभीर समस्या को उजागर किया है।

ग्रामीणों में दहशत, वन विभाग पर सवाल

कुडवा कॉलोनी और आसपास के गांवों में बाघ के हमले के बाद दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने बताया कि बाघ की मौजूदगी के कारण बच्चे स्कूल जाने से डर रहे हैं, और किसान खेतों में काम करने से कतरा रहे हैं। एक ग्रामीण ने कहा, "हमारी आजीविका खेती पर निर्भर है, लेकिन अब खेतों में जाना जान जोखिम में डालने जैसा है। वन विभाग को पहले ही बाघ को पकड़ लेना चाहिए था।"

वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए ग्रामीणों ने मांग की है कि बाघ को जल्द से जल्द पकड़ा जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। कुछ ग्रामीणों ने यह भी सुझाव दिया कि खेतों के आसपास बाड़ लगाई जाए और रात में पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए।

मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती समस्या

बालाघाट और मध्य प्रदेश के अन्य हिस्सों में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जंगलों का कटाव, बाघों की बढ़ती आबादी, और मानव बस्तियों का जंगल की ओर विस्तार इस समस्या की मुख्य वजह हैं। बांधवगढ़ और पेंच टाइगर रिजर्व जैसे क्षेत्रों में बाघों की संख्या बढ़ने से उनकी टेरिटरी के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ी है, जिसके चलते वे मानव बस्तियों की ओर रुख कर रहे हैं।

पुलिस और वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे सतर्क रहें, रात में अकेले न निकलें, और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें। इस बीच, प्रकाश पाने के परिवार के लिए मुआवजा और बाघ को पकड़ने की प्रक्रिया शुरू होने से कुछ राहत की उम्मीद है, लेकिन ग्रामीणों का गुस्सा और डर अभी कम नहीं हुआ है।

क्या होगा अगला कदम?

प्रकाश पाने की दर्दनाक मौत ने न केवल कुडवा कॉलोनी, बल्कि पूरे बालाघाट जिले में मानव-वन्यजीव संघर्ष की गंभीरता को उजागर किया है। क्या वन विभाग इस बाघ को पकड़कर ग्रामीणों को राहत दे पाएगा? क्या भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कोई स्थायी समाधान निकाला जाएगा? ये सवाल अभी अनुत्तरित हैं, लेकिन इस त्रासदी ने प्रशासन और वन विभाग पर तत्काल कार्रवाई का दबाव बढ़ा दिया है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+