Balaghat News: माओवादी कमलू के शव परिजनों को सौंपा, बालाघाट कोद्दापार जंगल में मुठभेड़ में हुआ था ढेर
Balaghat News: 14 लाख के इनामी नक्सली कमलू का शव परिजनों को सौंप दिया गया। मुठभेड़ में मार गिराए जाने के बाद परिजनों को उसकी मौत की खबर दे दी गई थी। कड़ी सुरक्षा के बीच मृतक कमलू का पोस्टमार्टम कराया गया, फिर वैधानिक प्रक्रिया पूरी करते हुए शव सुपुर्द कर दिया गया।
कमलू के बारे में बताया जाता है कि वह महज़ 18 सालकी उम्र में माओवादी विचारधारा से प्रभावित होकर उसने हथियार उठा लिए। साल 2014 में दलम का हिस्सा बन गया। करीब सात साल ट्रेंड होकर टांडा-दर्रेकसा एरिया कमेटी का एससीएम बन गया और एसजेडसीएम दामा का गार्ड बनकर नक्सली संगठन में अपनी मजबूत पकड़ बना ली।
इस दौरान उसने तीन राज्यो में ऐसी दहशत फैलाई की वह तीन राज्यों का मोस्ट वांटेट नक्सली बन गया। जिस पर मध्यप्रदेश में 03 लाख, छत्तीसगढ़ में 05 लाख और महाराष्ट्र में 06 लाख, इस तरह कुल 14 लाख का ईनाम घोषित था। जिसे 29 सितंबर की तड़के जिले के रूपझर थाना अंतर्गत कुंदुल और कोद्दापार के जंगली क्षेत्र में हॉकफोर्स और नक्सलियों के बीच हुए एक्सचेंज ऑफ फायर में हॉकफोर्स की टीम ने मार गिराया।

मुठभेड़ में मारे गए नक्सली कमलु का शव लेने उसके परिजन आज ज़िला मुख्यालय पहुंचे जहाँ पुलिस सुरक्षा के बीच विधिवत परिजनों से शव की शिनाख़्त करवाकर शव का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार कमलु के पिता का निधन हो चुका है , कमलु की माता ज़िला मुख्यालय पहुंच रही थी लेकिन रास्ते में स्वास्थ्य खराब होने के कारण उन्हें वापस जाना पड़ा , कमलू के भाई ने कमलु की शिनाख़्त की।
कमलू का शव लेने अर्जुन कड़ते, मंगू बोगम,अजीत हेमला और सोनू बोगम जो रिश्ते में कमलू के भाई और जीजा है आज तड़के ग्राम बोगमगुड़ा थाना बीजापुर छतीसगढ़ से बालाघाट पहुंचे थे। इस सम्बंध में बालाघाट पुलिस अधीक्षक समीर सौरभ ने जानकारी देते हुए बताया कि नक्सली कमलु के परिजनों को सूचना दे दी गयी थी जिसके उपरांत वो आज बालाघाट पहुंच चुके है और विधिवत प्रक्रिया उपरांत कमलु का शव उन्हें सौंप दिया जाएगा। मुठभेड़ स्थल के आसपास जवानों द्वारा लगातार सर्चिंग की जा रही है ताकि मुठभेड़ मे घायल हुए नक्सलियों के विषय मे जानकारी मिल सके।












Click it and Unblock the Notifications